Онкӣ аз лавҳи ҷафои нӯки қалам боз гирифт

آنکه از لوح جفا نوک قلم باز گرفت

Зини дуои гӯй чаро лутфу карам боз гирифт

زین دعا گوی چرا لطف و کرم باز گرفت

Мужда ӣ меҳру вафо май даҳуми ёри мудом

مژده ی مهر و وفا می دهم یار مدام

Худ надидам ки дамии ҷавру ситам боз гирифт

خود ندیدم که دمی جور و ستم باز گرفت

Ҳоли он хаста чаҳ бошад ки табибаши бълоҷ

حال آن خسته چه باشد که طبیبش بعلاج

Хости садраи бунаади пеш , қадам боз гирифт

خواست صدره بنهد پیش، قدم باز گرفت

Ман ҳмонрўз бибастам назар аз оби ҳаёт

من همانروز ببستم نظر از آب حیات

Ки фалаки дард май аз соғари ҷам боз гирифт

که فلک درد می از ساغر جم باز گرفت

Дар биёбони мукофоти яке даҳ бадрӯд

در بیابان مکافات یکی ده بدرود

Ҳар ки як донаи зи мурғони ҳарам боз гирифт

هر که یک دانه ز مرغان حرم باز گرفت

намерасад гул ки кунад сад тибқи лаъли нисор

می رسد گل که کند صد طبق لعل نثار

Гар баҳор аз қадами сабзаи дирам боз гирифт

گر بهار از قدم سبزه درم باز گرفت

Қалами шавқи фиғонӣ варақат кард сиёҳ

قلم شوق فغانی ورقت کرد سیاه

Чанд рӯзӣ ки азин сафҳаи қалам боз гирифт

چند روزی که ازین صفحه قلم باز گرفت