Субҳ чун роят ба фарқи хусрав ховар кашид

صبح چون رایت به فرق خسرو خاور کشید

Бода хуш бошад зи ҷоми хусравоне дар кашид

باده خوش باشد ز جام خسروانی در کشید

Кӯи каллаи каҷ на ба мастӣ ҳар ки дар вақти сабӯҳ

کو کله کج نه به مستی هر که در وقت صبوح

Лолаи сон дар ҷоми ёқўнӣ меаҳмар кашид

لاله‌سان در جام یاقونی می احمر کشید

Зибдш дар боғи раъноеи намӯдани ҳргаҳ ӯ

زیبدش در باغ رعنایی نمودن هرگه او

Чун гули раъно май гулгуни зи ҷом зар кашид

چون گل رعنا می گلگون ز جام زر کشید

То баҳори дигараши бас ҳар ки як субҳи баҳор

تا بهار دیگرش بس هر که یک صبح بهار

Ҷоми гулранг аз кафи соқии насрин бар кашид

جام گلرنگ از کف ساقی نسرین بر کشید

Дар шабистони фалаки афтода ҳамчун соя бош

در شبستان فلک افتاده همچون سایه باش

Зонка тарк сар кунад чун шамъи онков сар кашид

زانکه ترک سر کند چون شمع آنکاو سر کشید

Сари фурӯи норад ки нӯшади оби Хизр аз ҷоми ҷам

سر فرو نارد که نوشد آب خضر از جام جم

Дарди нӯшӣ каз суфоли майкада соғар кашид

درد نوشی کز سفال میکده ساغر کشید

Сари бзир санг хаст он ков мурассаъ кард тоҷ

سر بزیر سنگ خست آن کاو مرصع کرد تاج

ё зи баҳри сарфарозии миннат афсар кашид

یا ز بهر سرفرازی منت افسر کشید

Даст дар домони пер дайр натавонам расонад

دست در دامان پیر دیر نتوانم رساند

Зонка зайли рифъат аз на чарх болотар кашид

زانکه ذیل رفعت از نه چرخ بالاتر کشید

Шуд сӯии дайри Муғони фонии зи кунҷи хонқаҳ

شد سوی دیر مغان فانی ز کنج خانقه

Рахти азин олами басӯии олам дигар кашид

رخت ازین عالم بسوی عالم دیگر کشید