Дар майхона казу ақл парешон омад
در میخانه کزو عقل پریشان آمد
Ҳалқааш ҳалқаи ҷамъият риндон омад
حلقه اش حلقه جمعیت رندان آمد
Нхромди сӯии боғи назарами сарви қадаш
نخرامد سوی باغ نظرم سرو قدش
Ки гулаши хӯни дилу хори з мижгон омад
که گلش خون دل و خار ز مژگان آمد
Бандаи пери Муғонам ки гадоён дараш
بنده پیر مغانم که گدایان درش
Ҳар як аз вусъати дили қайсар ва хоқон омад
هر یک از وسعت دل قیصر و خاقان آمد
Аз май даври мнози вази хумораши мхрўш
از می دور مناز وز خمارش مخروش
Кори даврон чу баҳри лаҳза дигар сон омад
کار دوران چو بهر لحظه دگر سان آمد
Боз дар шаҳр чаҳ ғавғост ҳамоно ки дигар
باز در شهر چه غوغاست همانا که دگر
Масти он кофар бебок ба майдон омад
مست آن کافر بی باک به میدان آمد
Ринду расвои шӯ ва онгаҳ сӯии риндони бхром
رند و رسوا شو و آنگه سوی رندان بخرام
Ки ба тақвои тараф майкада натавон омад
که به تقوی طرف میکده نتوان آمد
Ҷониби аҳли риёи савмиъаро тўФ макун
جانب اهل ریا صومعه را طوف مکن
Зонка ҳар кас ки шуд онсӯӣ пушаймон омад
زانکه هر کس که شد آنسوی پشیمان آمد
Бдроӣ аз худу эҳроми ҳарами банд аз онк
بدرای از خود و احرام حرم بند از آنک
Натавон ҷониби ин бодия осон омад
نتوان جانب این بادیه آسان آمد
Фонёи дайри фанои ҷои аҷаби дон ки дар ӯ
فانیا دیر فنا جای عجب دان که در او
Кофар ишқ шуд он кас ки мусулмон омад
کافر عشق شد آن کس که مسلمان آمد