Каси нахли ноз чун қадат эй симбр надид
کس نخل ناز چون قدت ای سیمبر ندید
Чун лаъл май парасти ту гулбарг тар надид
چون لعل می پرست تو گلبرگ تر ندید
Ҷон аз лаб ту ронад сухан лек азон даҳан
جان از لب تو راند سخن لیک ازان دهن
Зоҳир накард ҳеҷ такаллум магар надид
ظاهر نکرد هیچ تکلم مگر ندید
Бо ҳасану дилбарӣ чу ту фарзанди нозанин
با حسن و دلبری چو تو فرزند نازنین
Модар ба маҳди нози туро ва падар надид
مادر به مهد ناز ترا و پدر ندید
Бас кун худоиро ту муаззини фиғони хеш
بس کن خدای را تو مؤذن فغان خویش
Каси шоми ноМуродии моро саҳар надид
کس شام نامرادی ما را سحر ندید
Вари ҳасани ҳолтист казон нутқ оҷиз аст
ور حسن حالتیست کزان نطق عاجز است
Конрои бғири мардуми соҳиб назар надид
کانرا بغیر مردم صاحب نظر ندید
Соқӣ хумор мекашад ҷом ме биор
ساقی خمار می کشد جام می بیار
Чун каси халос бе май азин дард сар надид
چون کس خلاص بی می ازین درد سر ندید
Фонии тариқи риндии моро мадори айб
فانی طریق رندی ما را مدار عیب
Зоҳид ки каси бмо ба ҷузи ин худ ҳунар надид
زاهد که کس بما به جز این خود هنر ندید