Гули нави шукуфтаи ман ки зи рух баҳор дорад
گل نو شکفته من که ز رخ بهار دارد
зи дили рамидаи булбул на яке ҳазор дорад
ز دل رمیده بلبل نه یکی هزار دارد
з май шабона дар боғи саҳар ба сар гаронӣаст
ز می شبانه در باغ سحر به سر گرانیست
Макунед нолаи мурғон ки басар хумор дорад
مکنید ناله مرغان که بسر خمار دارد
Ба шаби фироқи дили нақди ҳаёт агар нигаҳ дошт
به شب فراق دل نقد حیات اگر نگه داشت
Бомед рӯзи васлати зи пай нисор дорад
بامید روز وصلت ز پی نثار دارد
Ману чашми тира судан ба ғубори мураккабат ваа
من و چشم تیره سودن به غبار مرکبت وه
Чаҳ сипоҳи фаррухи онков чу ту шаҳсавор дорад
چه سپاه فرخ آنکاو چو تو شهسوار دارد
Ба фиғони дил ки диданаш эй ки манъ кардӣ
به فغان دل که دیدنش ای که منع کردی
Ту чунон хаёл кардӣ ки вай ихтиёр дорад
تو چنان خیال کردی که وی اختیار دارد
з май тараби Фзои гӯи дили хўишрои ҷилои даҳ
ز می طرب فزا گو دل خویشرا جلا ده
зи кудурати замон ҳар ки ба дил ғубор дорад
ز کدورت زمان هر که به دل غبار دارد
Ба ҳаёту ҷоҳи даҳ рӯзаи мноз зонка ҳар ду
به حیات و جاه ده روزه مناز زانکه هر دو
Чу хаёлу хоби неи асл ва на эътибор дорад
چو خیال و خواب نی اصل و نه اعتبار دارد
Талабад чу дӯсти ҷонро зи ту Фонёи даҳ он ро
طلبد چو دوست جان را ز تو فانیا ده آن را
Ки туро ба кор ноед агар ӯ ба кор дорад
که ترا به کار ناید اگر او به کار دارد