Ғайр азу нест маро дар ду ҷаҳони ёр дигар

غیر ازو نیست مرا در دو جهان یار دگر

Ҷуз ваем ёр дигар ҷузи ғам ӯ кор дигар

جز ویم یار دگر جز غم او کار دگر

Ман на он булбулам эй гул ки ду сад хори ҷафо

من نه آن بلبلم ای گل که دو صد خار جفا

Гар хулд аз ту кунам рӯй ба гулзор дигар

گر خلد از تو کنم روی به گلزار دگر

Накунам куфри қабул ар кунадам пери Муғон

نکنم کفر قبول ار کندم پیر مغان

Ба ҷуз аз турраи он мғбчаҳи зуннор дигар

به جز از طره آن مغبچه زنار دگر

Қадаҳи даври бмо чун бирасад эй соқӣ

قدح دور بما چون برسد ای ساقی

То ба лаб чунки шавад рехтаи миқдор дигар

تا به لب چونکه شود ریخته مقدار دگر

Носҳои панди ту якбор қабулам нафитод

ناصحا پند تو یکبار قبولم نفتاد

Гуфта пиндори азин мавъизаи сад бор дигар

گفته پندار ازین موعظه صد بار دگر

Ҷами вақтам ки гирифтам зи сари хирқаи раҳн

جم وقتم که گرفتم ز سر خرقه رهن

Ҷоми дигар ба ду сад зорӣу зинҳор дигар

جام دیگر به دو صد زاری و زنهار دگر

Фонёи дарди талабгар талабӣ пайдо кун

فانیا درد طلب گر طلبی پیدا کن

Дили риш дигару синаи афкор дигар

دل ریش دگر و سینه افکار دگر