Инки худро ба дар майкада урён кардам
اینکه خود را به در میکده عریان کردم
Хирқаро раҳни шароб аз пай риндон кардам
خرقه را رهن شراب از پی رندان کردم
Дӯши як ҷуръаам эҳсон нанамудӣ ҳар чанд
دوش یک جرعه ام احسان ننمودی هر چند
Ашк чун шамъ фишондам сипас афғон кардам
اشک چون شمع فشاندم سپس افغان کردم
Умрҳо ончии дил аз илму амал ҷамъ намӯд
عمرها آنچه دل از علم و عمل جمع نمود
Ҳамаро дар сари он зулф парешон кардам
همه را در سر آن زلف پریشان کردم
Хами чавгони фалаки даст умедам бикашед
خم چوگان فلک دست امیدم بکشید
Даст ҳар гуҳи сӯии он гӯй занхдон кардам
دست هر گه سوی آن گوی زنخدان کردم
Бими оташи мада аз ҷурм майам эй зоҳид
بیم آتش مده از جرم می ام ای زاهد
Кончаҳи қисоми азал амр намӯд он кардам
کانچه قسام ازل امر نمود آن کردم
Хирқаи чоки маро бар саф ткмаҳ шудаст
خرقه چاک مرا بر صف تکمه شدست
Он гиреҳҳо ки ба домон ва гиребон кардам
آن گره ها که به دامان و گریبان کردم
Партави меҳри висол аз дарав бомаш афтод
پرتو مهر وصال از درو بامش افتاد
Хонаи дил ки бсўдои ту вайрон кардам
خانه دل که بسودای تو ویران کردم
Дил ки гмраҳ шуда буд аз ҳаваси ҷинату ҳур
دل که گمره شده بود از هوس جنت و حور
Бозаш аз ёди висоли ту пушаймон кардам
بازش از یاد وصال تو پشیمان کردم
Васл агар боядат аз худ бигузар эй фонӣ
وصل اگر بایدت از خود بگذر ای فانی
Байн ки чун қиссаи мушкил ба ту осон кардам
بین که چون قصه مشکل به تو آسان کردم