Дили сӯзад аз ғами рухи он шӯхи маҳвашам
دل سوزد از غم رخ آن شوخ مهوشم
Соқӣ куҷост бода ки бинишонад оташам ?
ساقی کجاست باده که بنشاند آتشم؟
Девонагар ба дайри Муғони рӯи нуҳум чаҳ айб
دیوانه گر به دیر مغان رو نهم چه عیب
Чун ман асири мғбчгони паривашам
چون من اسیر مغبچگان پریوشم
Гар нест ваҷҳ бодаам аммо паии писанд
گر نیست وجه بادهام اما پی پسند
Мисатон шавам з ҳар хам агар ҷуръае чашм
مستان شوم ز هر خم اگر جرعهای چشم
Ҳастам гадои дайр вале нақди аҳтроФ
هستم گدای دیر ولی نقد احتراف
Пошам ба пои мғбчаҳ онгаҳ ки сархушам
پاشم به پای مغبچه آنگه که سرخوشم
Бе худ шавам зи ишваи соқӣ ба рӯем об
بیخود شوم ز عشوه ساقی به رویم آب
Аз мезананд бӯ ки раҳанд азин ғашам
از می زنند بو که رهاند ازین غشم
Ранҷи хумор ваанда даҳрами хароби сохт
رنج خمار و انده دهرم خراب ساخت
Кӯи чорае ҷузи онкии ду паймонаи дркшм
کو چارهای جز آنکه دو پیمانه درکشم
Фонии зи зулфи ҳур чаҳ хуш дил шавам ки ман
فانی ز زلف حور چه خوش دل شوم که من
зи ошуфтагии турраи шухии мушаввашам
ز آشفتگی طره شوخی مشوشم