з ишқ ҳаст ба дили бори сад ҳазор маро

ز عشق هست به دل بار صد هزار مرا

Ҳануз шукр буд садҳазори бори маро

هنوز شکر بود صدهزار بار مرا

Гарм буд май гулгуни зи соқии глрх

گرم بود می گلگون ز ساقی گلرخ

Ба ҳуру кавсарат эй порсо чаҳ кори маро ?

به حور و کوثرت ای پارسا چه کار مرا؟

Ба бӯсае ки диҳӣ ва кашӣ манеҳ миннат

به بوسه ای که دهی و کشی منه منت

Чаҳ миннатами зи ту чун гашти интизори маро ?

چه منتم ز تو چون گشت انتظار مرا؟

Ба ҷурми ишқ ва май аз шаҳнаам змони талабад

به جرم عشق و می از شحنه ام ضمان طلبد

Ба пери майкадаи ишқ гӯ сипор маро

به پیر میکده عشق گو سپار مرا

з май хумор буду зи хумор май нӯшам

ز می خمار بود و ز خمار می نوشم

Ба даври бода тасалсул шуд ошкори маро

به دور باده تسلسل شد آشکار مرا

Магӯ Марви басӯии дайр ваа чу мғбчгон

مگو مرو بسوی دیر وه چو مغبچگان

Баранд мӯии кшодм чаҳ ихтиёри маро

برند موی کشادم چه اختیار مرا

зи ҷурми бода чаҳ бокам ки дӯши ҳотифи ғайб

ز جرم باده چه باکم که دوش هاتف غیب

зи лутфи шомил ӯ кард умедвори маро

ز لطف شامل او کرد امیدوار مرا

Дигар магӯӣ ки чун маст созмт бикашам

دگر مگوی که چون مست سازمت بکشم

Чаҳ суди азин суханати кишти чрни хумори маро !

چه سود ازین سخنت کشت چرن خمار مرا!