Боз дар дайри бутии ишваи намо май байнам
باز در دیر بتی عشوهنما میبینم
Коҳили дайнро зи ваии ошӯбу бало май байнам
کاهل دین را ز وی آشوب و بلا میبینم
Зоҳдо манъ макун чун нагарм дар рух ӯ
زاهدا منع مکن چون نگرم در رخ او
Айб ин чист ки дар сунъи худо май байнам
عیبِ این چیست که در صُنع خدا میبینم
Ман ва мое набӯд дар раҳи ваҳдати ҳаши дор
من و مایی نبود در رَهِ وحدت هُش دار
Ки ман ин мо ва ман аз айни хато май байнам
که من این ما و من از عین خطا میبینم
Бе вафоеи магари ин маи з ту дорад таълим
بیوفایی مگر این مه ز تو دارد تعلیم
Ки фалаки душмани арбоби вафо май байнам
که فلک دشمن ارباب وفا میبینم
Гар гадоӣ дар майхона шудам айб макун
گر گدای در میخانه شدم عیب مکن
Ки бар он дар ҳамаи шоҳон чу гадо май байнам
که بر آن در همه شاهان چو گدا میبینم
КоФро каз паии имони риёеи мухлис
کافرا کز پی ایمان ریایی مخلص
Манзилии хубтар аз дайри фано май байнам
منزلی خوبتر از دیر فنا میبینم
Фонёи ҷоми фано чун бикашам ҳофизи вор
فانیا جام فنا چون بکشم حافظوار
Ки ҳама дар равиши ҳофизу ҷомии байнам
که همه در روش حافظ و جامی بینم