Ҳаст алифи гуфтеми он боло бурид аз мо сухан

هست الف گفتیم آن بالا برید از ما سخن

Пеши он бдхўӣ натавон гуфт алифи болои сухан

پیش آن بدخوی نتوان گفت الف بالا سخن

Як сухан гуяд зи васлам бо ҳазорон интизор

یک سخن گوید ز وصلم با هزاران انتظار

Гарчи ноед зу дар ойини висоли алои сухан

گرچه ناید زو در آئین وصال الا سخن

Мурда будам як сухан гуфтӣу ҷонам тоза шуд

مرده بودم یک سخن گفتی و جانم تازه شد

Кӣ масеҳои ин чунин гуфтаст рӯҳафзо сухан

کی مسیحا اینچنین گفته‌ست روح افزا سخن

Хуш намеояд сухан аз кас ба гӯшам дар хумор

خوش نمی آید سخن از کس به گوشم در خمار

Соқио дигар магӯ дар гардиши саҳбои сухан

ساقیا دیگر مگو در گردش صهبا سخن

Дар сухани маънӣ ва дар маънии сухан гуфтан хамӯш

در سخن معنی و در معنی سخن گفتن خموش

Пеши риндон то ба кӣ изҳори маънӣ дар сухан

پیش رندان تا به کی اظهار معنی در سخن

Фонё танҳо ба хилвати як сухан дорам ки ёр

فانیا تنها به خلوت یک سخن دارم که یار

Зонка чун хилват шавад набӯд маро танҳо сухан

زانکه چون خلوت شود نبود مرا تنها سخن