Зиҳӣ ба хори мижаи сад ҳазор зори туро
زهی به خار مژه صد هزار زار ترا
Асири ду гули оризи ду сад ҳазор туро
اسیر دو گل عارض دو صد هزار ترا
Мабод ҷаври хазон аз баҳори зебоӣ
مباد جور خزان از بهار زیبایی
Чунин ки тоза шуд гулшани изори туро
چنین که تازه شد گلشن عذار ترا
Дило з нола макун даъвии шикебе
دلا ز ناله مکن دعوی شکیبایی
Чу дӯсти ҷилваи намояд чаҳ ихтиёри туро
چو دوست جلوه نماید چه اختیار ترا
Даво ба кулбаи хумори ҷом гулранг аст
دوا به کلبه خمار جام گلرنگ است
Гуҳӣ чу ғунча кунад меҳнати хумори туро
گهی چو غنچه کند محنت خمار ترا
Чу умр мегузарад ҷом май з даст манеҳ
چو عمر میگذرد جام می ز دست منه
Ки вораанд аз андӯҳи рӯзгори туро
که وارهاند از اندوه روزگار ترا
Макаши ту доман агар доманат кашад хорӣ
مکش تو دامن اگر دامنت کشد خاری
Ба хоки аҳли вафо чун фитад гузори туро
به خاک اهل وفا چون فتد گذار ترا
Марв ба боди худии Фонё ба водии фақр
مرو به باد خودی فانیا به وادی فقر
Ки андар ӯ ба чунин бор нест бори туро
که اندر او به چنین بار نیست بار ترا