з таб мабод сдоъӣ бидон ҷавон ёрб

ز تب مباد صداعی بدان جوان یارب

Ки садақаи сараши ин пери нотавон ёрб

که صدقه سرش این پیر ناتوان یارب

зи ҳиҷр ёрбу афғонам аз фалак бигузашт

ز هجر یارب و افغانم از فلک بگذشت

Туами халоси намоеи азин фиғон ёрб

توام خلاص نمایی ازین فغان یارب

Расед ё раби ман шоми ғам ба маҷмаъи дайр

رسید یا رب من شام غم به مجمع دیر

Чаҳ бошад аз таб ман башнавад аз он ёрб

چه باشد از تب من بشنود از آن یارب

зи дайри мғбчаҳ эй маст шуд буруни сӯии шаҳр

ز دیر مغبچه ای مست شد برون سوی شهر

зи аҳли зуҳди бдири аминаши расон ёрб

ز اهل زهد بدیر امینش رسان یارب

Шудан ба кӯии риёи шайхро хуш аст мабод

شدن به کوی ریا شیخ را خوش است مباد

Марои биҷузи равиши кӯчаи Муғон ёрб

مرا بجز روش کوچه مغان یارب

Чу саркашӣаст тариқи риёи сари фонӣ

چو سرکشی است طریق ریا سر فانی

Шавад ба дайри фанои хоки остон ёрб !

شود به دیر فنا خاک آستان یارب!