Дид он ки паии ман ба харобот фано рафт
دید آن که پی من به خرابات فنا رفت
Сарҳо чу ҳубоб омад ва бар бод фано рафт
سرها چو حباب آمد و بر باد فنا رفت
Дар ҳиҷри ту оҳи дил ман бӯда ки то субҳ
در هجر تو آه دل من بوده که تا صبح
Гуфтанд хилоиқ ки магари бод сабо рафт
گفتند خلایق که مگر باد صبا رفت
Дар роҳ ба зӯҳҳоди басӣ арбада кардаст
در راه به زهاد بسی عربده کردست
Он кофари бади маст ки дӯш аз бар мо рафт
آن کافر بد مست که دوش از بر ما رفت
Ғоиб чу шуд аз мо дигар аз моаш мҷўӣид
غایب چو شد از ما دگر از ماش مجوئید
ӯ буд парӣ рафт ва ндонем куҷо рафт
او بود پری رفت و ندانیم کجا رفت
Сари манзили ишқи ту буд кӯии фано зонк
سر منزل عشق تو بود کوی فنا زانک
Ҳар чанд ки шоҳ омад азон сӯй гадо рафт
هر چند که شاه آمد ازان سوی گدا رفت
Рафт он мау гуфто ки биёям ба ?бирти зуд
رفت آن مه و گفتا که بیایم به برت زود
Он шӯхи балои дили ғамгин чаҳ бало рафт
آن شوخ بلای دل غمگین چه بلا رفت
Он рӯз ки мешуд сифати мардумӣ аз халқ
آن روز که می شد صفت مردمی از خلق
Гуё зи ҳамаи бештари ойин вафо рафт
گویا ز همه بیشتر آئین وفا رفت
Аз сӯфии раъно чаҳ сафои чашм тавон дошт ?
از صوفی رعنا چه صفا چشم توان داشت؟
Каши умри гиромии ҳама дар зарқ ва риё рафт
کش عمر گرامی همه در زرق و ریا رفت
Ҳар кас тарафӣ зад қадам аз ҳодисаи даҳр
هر کس طرفی زد قدم از حادثه دهر
Зини ҳодисаи фонӣ ба харобот фано рафт
زین حادثه فانی به خرابات فنا رفت