эй писар ! ҷанги буна , бӯса биор
ای پسر! جنگ بنِه، بوسه بیار
Ин ҳамаи ҷангу дуруштӣ ба чаҳ кор
این همه جنگ و دُرُشتی به چه کار؟!
Ҷанги иксў на ва дилшод бизӣ
جنگ یکسو نِه و دلشاد بِزی
Хештанроу марои ранҷаи мадор
خویشتن را و مرا رَنجه مَدار
Ҳар ду рӯзии сухании пеши мгир
هر دو روزی، سخنی پیش مگیر
Ҳар замони тозаи хуӣ пеш меар
هر زمان، تازه خویی پیش میار
Дили нигорои зи ҷафо сайр шавад
دل -نگارا!- ز جفا سیر شود
Баси ъзизо ки азин грддхўор
بس عزیزا که از این، گردد خوار
На ман эй дӯст туро дидаму бас
نه من ای دوست ترا دیدم و بس،
Ман бабанд омадаам чандини бор
من به بند آمده ام چندین بار
Чу ман эй дӯст туро дорам дӯст
چو من -ای دوست- تو را دارم دوست،
Ту ҳақи дӯстии ман бгзор
تو حقِ دوستیِ من بِگُزار
Ёр кӣ ёфтае дар хури хеш
یارَکی یافتهای درخورِ خویش
Ҷаҳд он кун ки накӯи дории ёр
جهدِ آن کن که نکو داری یار
Ту чу ман ёр наёбӣ бҷҳон
تو چو من یار نیابی بهجهان
Ман чу ту ёбам ҳар рӯзи ҳазор
من چو تو یابم، هر روز، هزار
Ман агар хоҳам аз бахшиши мейр
من اگر خواهم، از بخششِ میر
Кӯдаконеи хуррамии ҳамчу нигор
کودکانی خَرَمی همچو نگار
Мейри Юсуфи писари Носири дайн
میر یوسف، پسرِ ناصرِ دین
Лашкари орои шаҳи шери шикор
لشکرآرایِ شَهِ شیرشکار
Он накӯи талъату фархундаи амир
آن نکوطَلعَت و فرخندهامیر
Он боиину писандидаи савор
آن بهآیین و پسندیدهسوار
Он сари афрозу гиронмояи ҳунар
آن سرافراز و گرانمایههنر
Он гиронмояи пари мояи табор
آن گرانمایهٔ پُرمایهتبار
Ҷангҳо карда фаровон ва баҷанг
جنگها کرده فراوان و به جنگ
Аз бади андеш бар оварда дамор
از بداندیش، برآورده دَمار
Мард ҷангаст чу пеш ояд ҷанг
مَردِ جنگ است چو پیش آید جنگ
Мардикораст чу пеш ояд кор
مردِ کار است چو پیش آید کار
Рӯзи ҷангу шағаб аз шодии ҷанг
روز جنگ و ش۰غَب از شادیِ جنگ
Бар фурӯзад ду рухон чун гулнор
برفروزد دو رخان چون گلنار
Бчнини рӯзи бгўшши ғўи кӯс
به چنین روز به گوشش غوِ کوس
Зорғнўни хўштрў аз мўсиқор
زَ ارغنون خوشتر و از موسیقار
Ҳама дам ҷангаст андеша ӯ
همه دم، جنگ است اندیشهٔ او
Гарчи хуфтаи сет ва гарчи бедор
گرچه خفتهاست و اگرچه بیدار
Набарди ҳамлаи бҳнгоми набард
نَبَرَد حمله بههنگام نبرد
Ҷуз бар онсӯ ки мубориз бисёр
جز بر آن سو که مبارز بسیار
Ҳар мубориз ки бирав рӯй ниҳод
هر مبارز که بر او رویْ نهاد
Хӯрд бар ҷони гиромии зинҳор
خورْد بر جانِ گرامی زنهار
Теғаш аз кӯҳии ду кӯҳ кунад
تیغش از کوهی، دو کوه کُنَد
Чун хадангаши зи чанории ду чанор
چون خدنگش ز چِناری، دو چنار
Ҳеҷ тирӣ назд аўбри тани хасм
هیچ تیری نزد او بر تنِ خصم
Ки на аз пушт бурун шуд сӯфор
که نه از پشت برون شد سوفار
Тиров гарчи сабки санг буд
تیر او گرچه سبکسنگ بود
Конгресси бФкндози бурҷи ҳисор
کنگره بفکند از برجِ حصار
Ғайри Маҳмӯд ки донад кардан
غیرِ محمود که داند کردن
Нараҳ ширии бхднгии ашкор
نره شیری بهخدنگی اِشکار؟
Бугсаланд сари шер аз тани шер
بگسَلاند سرِ شیر از تنِ شیر
Ҳам бдонсон ки касе миваи здор
هم بدانسان، که کسی میوه ز دار
Лашкариро ки чунуи пушт буд
لشکری را که چون او پشت بُوَد
Аз ҳама халқ набошад тимор
از همه خلق نباشد تیمار
Дар ҷавонмардӣ ҷоеаст ки нест
در جوانمردی، جاییاست که نیست
Ваҳмро аз бар ӯ ҷои гузор
وَهم را از برِ او جایِ گذار
Ҳеҷ шаб нест ки аз маҷлис ӯ
هیچ شب نیست که از مجلسِ او
Набарди зоир ӯ зари бкнор
نَبَرَد زایرِ او زر بهکنار
Аз пас султони имрӯзи ҷуз ӯ
از پسِ سلطان، امروز جز او
Ки диҳад бахшиши панҷсад динор
که دهد بخشش پانصد دینار؟
Лоҷарам бар дар ӯ чун маликон
لاجرم بر درِ او چون مَلِکان
Чокроннди бмлк ва ба ясор
چاکرانند به مِلک و به یسار
Шодмони боду баҳамати брсод
شادمان باد و به همّت بِرَساد!
Он накӯи одати некӯи кирдор
آن نکوعادتِ نیکوکردار
Аз дили шоҳи ҷаҳони нерӯманд
از دلِ شاهِ جهان نیرومند
Вази тани вҷони бҷҳон бар хурдор
وز تن و جان به جهان برخوردار
Лаҳви робои дил ӯ боди сукӯн
لهو را با دلِ او بادْ سکون
Бахтро бар дар ӯ боди қарор
بخت را بر درِ او بادْ قرار
То бар ойини бузургони аҷам
تا بر آیینِ بزرگانِ عجم
Базм созад бхзони вббҳор
بزم سازد به خزان و به بهار
Ҳамчунин меҳри бшодӣу тараб
همچنین مهر به شادی و طرب
Бигузоради сад дигари бишумор
بگذارد صد دیگر بشمار