Бирафт ёри ман ва ман нижанду шефтаи вор
برفت یار من و من نژند و شیفته وار
Ббоғ рафтам бо дарду доғ рафтани ёр
بباغ رفتم با درد و داغ رفتن یار
Бидон мақом ки боман ба менишаст ҳаме
بدان مقام که بامن به می نشست همی
Брўзгори хазону брўзгори баҳор
بروزگار خزان و بروزگار بهار
Бунафша дидаму наргис мақом кардау боғ
بنفشه دیدم و نرگس مقام کرده و باغ
Бад-ӣн ду гашта зи хӯбӣ чу сад ҳазор нигор
بدین دو گشته ز خوبی چو صد هزار نگار
Шудаи бунафшаи баҳри ҷойгаҳи гуруҳи гуруҳ
شده بنفشه بهر جایگه گروه گروه
Кашида наргиси баргард ӯ қатори қатор
کشیده نرگس برگرد او قطار قطار
Яке чу зулфи бути ман зи машки бардаи насим
یکی چو زلف بت من ز مشک برده نسیم
Дигар чу чашми бути ман замии гирифтаи хумор
دگر چو چشم بت من زمی گرفته خمار
Ду сарв дидам кӯи зер ҳар давон бо ман
دو سرو دیدم کو زیر هر دوان با من
Баҷоаму сотгнии хӯрда буд май бисёр
بجام و ساتگنی خورده بود می بسیار
Хурӯши внолаҳи бмн дар фитоду рангини гашт
خروش وناله بمن در فتاد و رنگین گشت
Зхўни дидаи маро ҳар ду остину канор
زخون دیده مرا هر دو آستین و کنار
Бунафша гуфт кигар ёр ту бишуд мгарӣ
بنفشه گفت که گر یار تو بشد مگری
Бёдгори ду зулфаш маро бигир ва бидор
بیادگار دو زلفش مرا بگیر و بدار
Чаҳ гуфт наргис ? гуфт : эй зи чашми дилбари давр
چه گفت نرگس؟ گفت: ای ز چشم دلبر دور
Ғами ду чашмаш бар чашмҳои ман бигумор
غم دو چشمش بر چشم های من بگمار
зи бскаҳ зорӣ кардам зи сарвҳои баланд
ز بسکه زاری کردم ز سروهای بلند
Бгўшм омад бонги вхрўшу нолаи зор
بگوشم آمد بانگ وخروش و ناله زار
Маро ба дарди дили он сарвҳо ҳаме гуфтанд
مرا به درد دل آن سروها همی گفتند
Ки кошкӣ дил ту ёфтӣ бмои ду қарор
که کاشکی دل تو یافتی بما دو قرار
Ки сабз буд нигорин ту ва мо сабзем
که سبز بود نگارین تو و ما سبزیم
Баланди бўдўи азуи мо баландтари сад бор
بلند بودو ازو ما بلندتر صد بار
Ҷавоб додам ва гуфтам баландӣу сабзӣ
جواب دادم و گفتم بلندی و سبزی
Буқат бӯса набошад марои зи сарви бакор
بوقت بوسه نباشد مرا ز سرو بکار
Дарин мунозира будам ки боз хонд маро
درین مناظره بودم که باز خواند مرا
Бпиши баҳри санои гуфтани шаҳи Аброр ,
بپیش بهر ثنا گفتن شه ابرار،
Вазири зодаи султон ва баркашида ӯ
وزیر زاده سلطان و برکشیده او
Бузурги ҳиммати абўолФтҳи сари фарози табор
بزرگ همت ابوالفتح سر فراز تبار
Ҷалили ъбдрзоқи Аҳмади онкии фазлу ҳунар
جلیل عبدرزاق احمد آنکه فضل و هنر
Бадв гирифт ямин ва азу гирифт ясор
بدو گرفت یمین و ازو گرفت یسار
Ба ёд кардаш битавон задуд аз дили ғам
به یاد کردش بتوان زدود از دل غم
Бмсқлаҳ битавон баради зи оинаи зангор
بمصقله بتوان برد ز آینه زنگار
зи хонадонаш пайдо шуд асли ҷӯаду карам
ز خاندانش پیدا شد اصل جود و کرم
Чунонкии зобҷди асли ҳуруфу асли шумор
چنانکه زابجد اصل حروف و اصل شمار
Ҳамеша сайр кунад номи нек ӯ бҷҳон
همیشه سیر کند نام نیک او بجهان
Чу бар сипеҳри ҳамораи ситораи сайёр
چو بر سپهر هماره ستاره سیار
Ҷаҳони ҳама чу яке гулбунаст ва ӯ чу гул
جهان همه چو یکی گلبنست و او چو گل
Чу гули чуданади зи гулбуни ҳаме чаҳ монад ? хор
چو گل چدند ز گلبن همی چه ماند؟ خار
Буқат хостан осон диҳад ба зоири зар
بوقت خواستن آسان دهد به زایر زر
Агар чаҳ ҳаст фарози оўриднши душвор
اگر چه هست فراز آوریدنش دشوار
Сахоу ҳалам ва шараф дорад ва ҳунар дорад
سخا و حلم و شرف دارد و هنر دارد
Ниҳод табъ чаҳораст ва он хоҷаи чаҳор
نهاد طبع چهارست و آن خواجه چهار
Сахои зи тоъат бешу зи хашми ҳалами афзӯн
سخا ز طاعت بیش و ز خشم حلم افزون
Шарафи зи кибри зиёдаи ҳунари фузуни зшмор
شرف ز کبر زیاده هنر فزون زشمار
Аё сипеҳри куҷои ҳиммат ту бошад , паст
ایا سپهر کجا همت تو باشد، پست
Аё биҳишти куҷои маҷлис ту бошад , хор
ایا بهشت کجا مجلس تو باشد، خوار
зи чокарони ту гомӣ ҷудо нагардад фахр
ز چاکران تو گامی جدا نگردد فخر
зи душманони ту мӯе ҷудо набошад ор
ز دشمنان تو مویی جدا نباشد عار
зи хокпои ту равшан шавад ду чашми зрир
ز خاکپای تو روشن شود دو چشم ضریر
Ба ёд кардани номи ту ба шавад бемор
به یاد کردن نام تو به شود بیمار
Бидон мақом раседӣ ки бас аҷаб набӯд
بدان مقام رسیدی که بس عجب نبود
Агар сипеҳр кунад пеши ту ситораи нисор
اگر سپهر کند پیش تو ستاره نثار
зи ҳайбати қалами ту адуи бҳФти иқлӣм
ز هیبت قلم تو عدو بهفت اقلیم
Багӯнаи қалам ту шудаст зор ва назор
بگونه قلم تو شدست زار و نزار
Сипаҳбадони сипаҳро пиёдагон хонд
سپهبدان سپه را پیادگان خواند
Ҳар онкасӣ ки турои рӯзи разми дидсўор
هر آنکسی که ترا روز رزم دیدسوار
Чаҳ мркбисти бзири ту он мубораки хинг
چه مرکبیست بزیر تو آن مبارک خنگ
Ки нагзарад бгаҳ тохтани азуи тайёр
که نگذرد بگه تاختن ازو طیار
Чу рӯзи бод , равон , пора ӣӣ зи абри сипед
چو روز باد، روان، پاره یی ز ابر سپید
Ту абр дидӣ кӯи зери зин буд ҳамвор
تو ابر دیدی کو زیر زین بود هموار
Чу абр бошад ва аз наъл ӯ ҷаҳони пари барқ
چو ابر باشد و از نعل او جهان پر برق
Агар зобри ҷаҳди барқи баси шигифти мадор
اگر زابر جهد برق بس شگفت مدار
Наҳанги дарёи хонаи сету деви дашти ватан
نهنگ دریا خانه ست و دیو دشت وطن
Паланг кӯҳ паноҳасту шери бешаи ҳисор
پلنگ کوه پناهست و شیر بیشه حصار
Наҳангу дев ва палангаш махон ва шер махон
نهنگ و دیو و پلنگش مخوان و شیر مخوان
Ки нописанд буд назд мардуми ҳушёр
که ناپسند بود نزد مردم هشیار
Наҳанг аз ва ба хурӯшасту дев аз ва ба фиғон
نهنگ از و به خروشست و دیو از و به فغان
Паланги азу ба наҳифасту шери азу ба фирор
پلنگ ازو به نهیبست و شیر ازو به فرار
Аё зи кӣнаи варони ҳамчуи рустами дастон
ایا ز کینه وران همچو رستم دستان
Аё зи номварони ҳамчуи ҳайдари каррор
ایا ز ناموران همچو حیدر کرار
Шаби садаи сети яке оташи баланди афрӯз
شب سده ست یکی آتش بلند افروز
Ҳақаст мрсдаҳро бртў , ҳақи он бгзор
حقست مرسده را برتو، حق آن بگزار
Ҳамеша то ки буд зери мо замини гардон
همیشه تا که بود زیر ما زمین گردان
Чунонкӣ бар зибри мости гунбади даввор
چنانکه بر زبر ماست گنبد دوار
Ду чизи дори збҳри ду тани ниҳодаи муқӣм
دو چیز دار زبهر دو تن نهاده مقیم
зи баҳри носеҳи тахту зи баҳри ҳосиди дор
ز بهر ناصح تخت و ز بهر حاسد دار