Нигор ман чу зи ман сулҳ дид ва ҷанг надид

نگار من چو ز من صلح دید و جنگ ندید

Ҳадиси ҷанг ба як сӯи ниҳод ва сулҳ гузид

حدیث جنگ به یک سو نهاد و صلح گزید

Итобҳо зи пас афканду сулҳ пеш оварад

عتابها ز پس افکند و صلح پیش آورد

Ҳадис ҳосид нишнид ва зон ман бишунид

حدیث حاسد نشنید و زان من بشنید

Чу ман фароз кашидам бхўиштни лаб ӯ

چو من فراز کشیدم بخویشتن لب او

Дили ҳасуди зи ғами хештан фароз кашид

دل حسود ز غم خویشتن فراز کشید

Ба вақти ҷанги итобу хурӯшу зорӣ буд

به وقت جنگ عتاب و خروش و زاری بود

Кунун чаҳ бояд рўдўи сурӯд ва сурх набед

کنون چه باید رودو سرود و سرخ نبید

Дар нишот ва дар лаҳви боз бояд кард

در نشاط و در لهو باز باید کرد

Ки ин ду бандгаронро ба даст ӯст калид

که این دو بندگران را به دست اوست کلید

Ба ком хеш расад аз дили ман он бут рӯй

به کام خویش رسد از دل من آن بت روی

Чунонкӣ зу дили ғамгини ман ба ком расед

چنانکه زو دل غمگین من به کام رسید