Намӯд гӯшаи абрӯи шаб аз уфуқи ду ҳилол
نمود گوشه ابرو شب از افق دو هلال
Ки кард то дар шоми офтоби истиқбол
که کرد تا در شام آفتاب استقبال
Чу мавҷи ғабғаби симин батон ҳумоюни фар
چو موج غبغب سیمین بتان همایونفر
Чу сими соиди гули оризони ҳумоюни фол
چو سیم ساعد گل عارضان همایون فال
Яке ҳилоли лаби ҷому дайгарии маи ид
یکی هلال لب جام و دیگری مه عید
Каз иттиҳод намуданд ҳар ду як тимсол
کز اتحاد نمودند هر دو یک تمثال
Биё ба майкада кин мавҷи слсбили нишот
بیا به میکده کاین موج سلسبیل نشاط
Ба кеши савмиъаи чини сет бар ҷабини малол
به کیش صومعه چینست بر جبین ملال
Бануш май ки зи тоби сумуми моҳи сиём
بنوش میکه ز تاب سموم ماه صیام
Даруни синаи нафаси хушки тани фитода чу на?ил
درون سینه نفس خشک تن فتاده چو نال
Чу дар қнинаҳ буд чист ? Юсуфу зиндон
چو در قنینه بود چیست؟ یوسف و زندان
Чу дар пиёла равад чист ? тавру нури висол
چو در پیاله رود چیست؟ طور و نور وصال
Азизи Мисри қадаҳ май буд ба шишаи мҳл
عزیز مصر قدح میبود به شیشه مهل
Ки назд шаръу хиради ҳабс Юсуфаст вабол
که نزد شرع و خرد حبس یوسف است وبال
Меӣ ки ҳам зи шроиини ток дар тозад
میی که هم ز شرایین تاک در تازد
Ба фарқу тораки дардии кашони шефтаи ҳол
به فرق و تارک دردی کشان شیفته حال
Чу дар ҳарими хиради по наад бидон монад
چو در حریم خرد پا نهد بدان ماند
Ки офтоб шавад дар урӯқи шаби сайёл
که آفتاب شود در عروق شب سیال
Меӣ ки сӯфии комили айёри ақли дарав
میی که صوفی کامل عیار عقل درو
Ба сари баради хлўот аз барои касби камол
به سر برد خلوات از برای کسب کمال
Ба ҷанби равшаняши нур ақл бинмоед
به جنب روشنیش نور عقل بنماید
Мисоли пайкари зангии даруни оби зулол
مثال پیکر زنگی درون آب زلال
Меӣ чунон ки зи фарти ҳарораташи гӯйӣ
میی چنان که ز فرط حرارتش گویی
зи офтоби лаб субҳдам зада тбхол
ز آفتاب لب صبحدم زده تبخال
Гулоб шуъла фишонанд бар ҷабини мисатон
گلاب شعله فشانند بر جبین مستان
зи тоб май дилашон чун шавад заъифи аҳвол
ز تابمی دلشان چون شود ضعیف احوال
Магар ба бурқаъ лайляш карда маҷнӯни соф
مگر به برقع لیلیش کرده مجنون صاف
Ки талхтар буд аз ишқу шӯхтар зи ҷамол
که تلختر بود از عشق و شوختر ز جمال
Меӣ чунон ки туоне харид агар хоҳӣ
میی چنان که توانی خرید اگر خواهی
зи раҳмати азалии олимӣ ба мисқол
ز رحمت ازلی عالمی به مثقال
Куҷои шигарфии номаши куҷои забони қалам
کجا شگرفی نامش کجا زبان قلم
Магари з афв кунад хомаи котиби аъмол
مگر ز عفو کند خامه کاتب اعمال
Меӣ чунон ки ба рӯйиш чу нўкнии маи умр
میی چنان که به رویش چو نوکنی مه عمر
Ҳилол ид шавад қомати хамида ба фол
هلال عید شود قامت خمیده به فال
Нишот аз паии умри гузашта дар тозад
نشاط از پی عمر گذشته در تازد
Чунон ки бар асари хони ҷами нишони иқбол
چنان که بر اثر خان جم نشان اقبال
Хдоигони салотини ҳусайни хон ки буд
خدایگان سلاطین حسین خان که بود
зи доғи бндгиш рӯй малики фаррухи фол
ز داغ بندگیش روی ملک فرخ فال
Хҳӣ ба фарқи ту зи ибндаҳи тоҷи давлату дайн
خهی به فرق تو ز یبنده تاج دولت و دین
зи ҳай ба бахти ту нозиндаи тахти ъзу ҷалол
ز هی به بخت تو نازنده تخت عز و جلال
зи остони ту тобандаи офтоби шараф
ز آستان تو تابنده آفتاب شرف
Ба хоки роҳи ту пошидаи мояи иқбол
به خاک راه تو پاشیده مایه اقبال
Асоси қади ту эмини зи рахнаҳои Фтўр
اساس قد تو ایمن ز رخنههای فتور
Ҷаҳони ҷоҳи ту фориғи зи ҳодисоти завол
جهان جاه تو فارغ ز حادثات زوال
Сахои зи табъ ту ҷӯшад чу мавҷ аз дарё
سخا ز طبع تو جوشد چو موج از دریا
Карами зи дасти ту равед чу сабза аз атлол
کرم ز دست تو روید چو سبزه از اطلال
Агар дар оинаи теғи ту аду нигарад
اگر در آینه تیغ تو عدو نگرد
Мисол худ нашносад зи баси тағайюри ҳол
مثال خود نشناسد ز بس تغیر حال
Чунончии новаки андеша аз камон биҷаҳад
چنانچه ناوک اندیشه از کمان بجهد
зи бими оинаи беруни ҷаҳди дили тимсол
ز بیم آینه بیرون جهد دل تمثال
Нигоҳи хасм ки ё раби сипеҳри хасмаши бод
نگاه خصم که یارب سپهر خصمش باد
зи бас ба хор ҳасад кардаш аз Ромади помол
ز بس به خار حسد کردش از رمد پامال
Асоӣ мижгон гирад ба даст ва бар хезад
عصای مژگان گیرد به دست و بر خیزد
Бпоӣ ношуда уфтад зи пой чун атфол
بپای ناشده افتد ز پای چون اطفال
Вазиши ту дидаи диҳии офтоби тобон ро
وزش تو دیده دهی آفتاب تابان را
Кндбаҳи тири назари чашмаи чашма чун ғарбол
کندبه تیر نظر چشمه چشمه چون غربال
Санои боди баҳори каф ту ме гуфтам
ثنای باد بهار کف تو میگفتم
Ба боғи сафҳаи алиф сабз шуд ниҳоли мисол
به باغ صفحه الف سبز شد نهال مثال
Мдиҳи абри сахои ту май нўшнми дӯш
مدیح ابر سخای تو مینوشنم دوش
Забони шкФт ба комам чу гули зи файзи шимол
زبان شکفت به کامم چو گل ز فیض شمال
Саҳар ба рухсати қудрат бар осмон рафтам
سحر به رخصت قدرت بر آسمان رفتم
Шудам ба сайри шабистони ҷавҳари фаъол
شدم به سیر شبستان جوهر فعال
Самоъи замзамаи қудсён дилам нафирефт
سماع زمزمه قدسیان دلم نفریفت
Дамӣ нишастам ва бар хостм ба астъҷол
دمی نشستم و برخاستم به استعجال
Чу дид доғи туам бар ҷабини з ҷобир хост
چو دید داغ توام بر جبین ز جابر خاست
Гузошт ҷобаи ман ва рафт худ ба сафи нъол
گذاشت جابه من و رفت خود به صف نعال
Сухани зи силсилаҳои низом кул ме рафт
سخن ز سلسلههای نظام کل میرفت
зи баъди аҳди ту давр гузашта дошт малол
ز بعد عهد تو دور گذشته داشت ملال
Рақам навишт ки бандади зимоми мозӣ ро
رقم نوشت که بندد زمام ماضی را
Мудаббири фалакӣ бар қатори истиқбол
مدبر فلکی بر قطار استقبال
Ту ҳам бигӯ ба Уторид ки ҳукмаши амзокн
تو هم بگو به عطارد که حکمش امضاکن
Ки то ба гирд ту гардад чу шуълаи ҷувол
که تا به گرد تو گردد چو شعله جوال
Уқоби давлати хасмат ки сайди лоғар ӯ
عقاب دولت خصمت که صید لاغر او
Сипеҳр будӣ дар сайдгоҳи ъзу ҷалол
سپهر بودی در صیدگاه عز و جلال
Ба ним чин ки дар абрӯӣ кин фикандӣ шаҳ
به نیمچین که در ابروی کین فکندی شه
Чу мурғи дидаи асири шиканҷаи пару бол
چو مرغ دیده اسیر شکنجه پر و بال
зи офтоби ҷалоли ту бадар рӯ гирданд
ز آفتاب جلال تو بدر رو گرداند
Ба санг тафриқа шуд соғараши ҳилоли ҳилол
به سنگ تفرقه شد ساغرش هلال هلال
Дар осмону замин варна аз ҳимояти ту
در آسمان و زمین ورنه از حمایت تو
Маи камол буд эмин аз хусуфи завол
مه کمال بود ایمن از خسوف زوال
Ирами бсотои фирдавси мҷлсои хоно
ارم بساطا فردوس مجلسا خانا
Зиҳӣ ба халқ дар офоқ беназиру ҳам?ил
زهی به خلق در آفاق بینظیر و همال
Нахусти рӯз ки аз файзи абри тарбиятат
نخست روز که از فیض ابر تربیتت
Ҳануз чашма фикрам надошт мавҷи зулол
هنوز چشمه فکرم نداشت موج زلال
Ҳануз навбари нахлами набӯдаи миваи қудс
هنوز نوبر نخلم نبوده میوه قدس
Ки буд тӯбои табъам ҳануз тозаи ниҳол
که بود طوبی طبعم هنوز تازهنهال
Чу бод буд тамомами нафас вале ҳамаи сард
چو باد بود تمامم نفس ولی همه سرد
Чу ғунча буд матоъами забон вале ҳамаи лол
چو غنچه بود متاعم زبان ولی همه لال
Кунун зи тарбиятати андалебу тӯтӣ ро
کنون ز تربیتت عندلیب و طوطی را
Ба боғи хулд дар омӯз май навоу мақол
به باغ خلد در آموزمی نوا و مقال
Ту боли рӯҳ қудс додяш ба хулди сухан
تو بال روح قدس دادیش به خلد سخن
Ва гарна тоири ман буд коғазин пару бол
و گرنه طایر من بود کاغذین پر و بال
Ба давлати ту ки аз он хуҷаста пай аст
به دولت تو که از آن خجسته پی است
Марои фитода ба ҳар бурҷи осмони хаёл
مرا فتاده به هر برج آسمان خیال
Ҳазор кавкаби маи номи муштарии алқоб
هزار کوکب مه نام مشتری القاب
Ҳазор ахтари масъӯд офтоб навол
هزار اختر مسعود آفتاب نوال
Намӯнаро қадре назд ҳазрат оварадам
نمونه را قدری نزد حضرت آوردم
Бибин агар напасандӣ бигӯӣ то дар ҳол
ببین اگر نپسندی بگوی تا در حال
Якон якон ҳамаро бар бисоти назми орм
یکان یکان همه را بر بساط نظم آرم
Даҳум ба назд ту арзи ҳунари сипеҳри мисол
دهم به نزد تو عرض هنر سپهر مثال
Ба дасти бӯси ту шоиста нест ме донам
به دستبوس تو شایسته نیست میدانم
Ба пои бӯси худаш бар гузин ва кун помол
به پایبوس خودش بر گزین و کن پامال
Ҳамеша то ки шаби ид аз насими нишот
همیشه تا که شب عید از نسیم نشاط
Ба рӯй ғусса занад мавҷи айши чини малол
به روی غصه زند موج عیش چین ملال
Шукуфтаи боди гули ҷомат аз насими тараб
شکفته باد گل جامت از نسیم طرب
Чу аз насими баҳори ниёзи боғи ҷамол
چو از نسیم بهار نیاز باغ جمال
Ба фарқи сояи шоҳаншаҳати мухиллади бод
به فرق سایه شاهنشهت مخلد باد
Ки ҳаст фарқи ту дар хӯрд сояи иқбол
که هست فرق تو در خورد سایه اقبال
Марои дуои ду шаби воҷиби сет бар зимма
مرا دعای دو شب واجبست بر ذمه
Ки бод ҳар ду зи шбхўни субҳи фориғи бол
که باد هر دو ز شبخون صبح فارغ بال
Яке шабӣ ки ту ъушрат кунӣ ва май нӯшӣ
یکی شبی که تو عشرت کنی و می نوشی
Ба соқёни биҳиштии ҷамоли мишкӣни хол
به ساقیان بهشتی جمال مشکین خال
Дигар шабӣ ки ҳсўдонт дар шиканҷаи ғам
دگر شبی که حسودانت در شکنجه غم
Кашанди соғари зи қавм дар ҷҳим накол
کشند ساغر ز قوم در جحیم نکال