Чаҳ мӯъҷизаст баҳори киришмаи афшон ро

چه معجزست بهار کرشمه افشان را

Ки аз насим барафрӯхт шамъи бустон ро

که از نسیم برافروخت شمع بستان را

зи баси фурӯғи чироғон боғ битавон дид

ز بس فروغ چراغان باغ بتوان دید

Ба ҷайби боди сабои атрҳои пинҳон ро

به جیب باد صبا عطرهای پنهان را

Касе ки тӯҳматии бениши сет чун наргис

کسی که تهمتی بینش‌ست چون نرگس

Даруни синаи булбули шуморади афғон ро

درون سینه بلبل شمارد افغان را

БиФшрнд ба сарпанҷаи насим агар

بیفشرند به سرپنجه نسیم اگر

Ба фарзи замзамаи қамарии хуши алҳон ро

به فرض زمزمه قمری خوش الحان را

Чакад шамеми раёҳини чунонкии об аз гул

چکد شمیم ریاحین چنانکه آب از گل

зи атри бас ки бинбоштнди бустон ро

ز عطر بس که بینباشتند بستان را

Чунон ба об назокат сиришта боди баҳор

چنان به آب نزاکت سرشته باد بهار

Ба даври оташи гули хоки покдомон ро

به دور آتش گل خاک پاکدامان را

Ки сунбулу гулаш аз бори акс ранҷа кунад

که سنبل و گلش از بار عکس رنجه کند

Чунонкии зулфи зи сояи изори ҷонон ро

چنانکه زلف ز سایه عذار جانان را

Кунун ки ҷайби гул аз чок гашта моломол

کنون که جیب گل از چاک گشته مالامال

Ба сайри боғ барам ман ҳам ин гиребон ро

به سیر باغ برم من هم این گریبان را

Магар ба ҷилва чокӣ кунанд ободон

مگر به جلوه چاکی کنند آبادان

Мъомлони баҳори ин диёри вайрон ро

معاملان بهار این دیار ویران را

Ба гӯш нола прессатон намонад роҳи фусӯс

به گوش ناله‌پرستان نماند راه فسوس

зи ҷӯши накҳату бонги ҳазордастон ро

ز جوش نکهت و بانگ هزاردستان را

Аз йени чамани з дар матлаъӣ ба боғ дигар

از‌ین چمن ز در مطلعی به باغ دگر

Рӯми магари шинавами шевани ҳазорон ро

روم مگر شنوم شیون هزاران را

Чу нози мужда сомон диҳад раги ҷон ро

چو ناز مژده سامان دهد رگ جان را

Ба заҳр чашм диҳад оби неши мижгон ро

به زهر چشم دهد آب نیش مژگان را

Шаҳиди ҷилваи муфлиси навоз дӯст шавам

شهید جلوه مفلس‌نواز دوست شوم

Ки дод халъати ҳайрати нигоҳи урён ро

که داد خلعت حیرت نگاه عریان را

Ситами зи чашм ки омухти бози мижгонам

ستم ز چشم که آموخت باز مژگانم

Ки рехт бе гунаҳии дӯши хӯни тӯфон ро

که ریخت بی‌گنهی دوش خون طوفان را

Магар ки нойиби лолаи сети чашми ман ҳамаи умр

مگر که نایب لاله‌ست چشم من همه عمر

Ки дошт ғарқа ба хӯни доими ин гиребон ро

که داشت غرقه به خون دایم این گریبان را

Дарози дастии мижгони нози байн каз Миср

دراز‌دستی مژگان ناز بین کز مصر

Шукуфта рӯй кунад захми пери канъон ро

شکفته روی کند زخم پیر کنعان را

Вафои мҷўӣ каз йени кимиёи ҳамин номии сет

وفا مجوی کز‌ین کیمیا همین نامی‌ست

Валек ташнаи мҳли теғ бевафоён ро

ولیک تشنه مهل تیغ بی‌وفایان را

Ба хирманам чу фитад оташи ин вафодорон

به خرمنم چو فتد آتش این وفاداران

Ба нарх об фурушанд боди домон ро

به نرخ آب فروشند باد دامان را

з бе касе накунам шиква чун кунам ки намонад

ز بی کسی نکنم شکوه چون کنم که نماند

Ғамӣ ки мужда чокӣ диҳад гиребон ро

غمی که مژده چاکی دهد گریبان را

зи саҳари чашм батон саҳари чашми мо кам нест

ز سحر چشم‌بتان سحر چشم ما کم نیست

Ки кард дар дили ашкии захираи Аммон ро

که کرد در دل اشکی ذخیره عمان را

ШкФти санги дарин нави баҳор ва дил нашикуфт

شکفت سنگ درین نو‌بهار و دل نشکفت

Магари з барқ диҳанд оби ин гулистон ро

مگر ز برق دهند آب این گلستان را

Ҷамоли каъбаи мубиноади он ки пайдо кард

جمال کعبه مبیناد آن که پیدا کرد

Миёни каъба ва мо бидъати биёбон ро

میان کعبه و ما بدعت بیابان را

Алоҷ ранҷ парешонем касе донад

علاج رنج پریشانیم کسی داند

Ки муҷтамаъ кунад он турраи парешон ро

که مجتمع کند آن طره پریشان را

Замона бар сари мо то кӣ оварад шбхўн

زمانه بر سر ما تا کی آورد شبخون

Магар ки нест хабари волии хуросон ро

مگر که نیست خبر والی خراسان را

Фурӯғи ҷабҳаи давлати ҳусайни хон ки буд

فروغ جبهه دولت حسین‌خان که بود

Ҷамоли офияти ин чортоқи вайрон ро

جمال عافیت این چارطاق ویران را

Зиҳии шигарфии номӣ ки ақл напасандад

زهی شگرفی نامی که عقل نپسندد

Ки такя гоҳ кунад хотами сулаймон ро

که تکیه‌گاه کند خاتم سلیمان را

зи адли ту ки маин душмани парешонеи сет

ز عدل تو که مهین دشمن پریشانی‌ست

Насим ҷамъ кунад турраи парешон ро

نسیم جمع کند طره پریشان را

Ба як бисоти нишонеи зи ҳзми корогоҳ

به یک بساط نشانی ز حزم کارآگاه

Чу зулф ва рӯй дили ороми куфру имон ро

چو زلف و روی دل آرام کفر و ایمان را

Қазо ба ҳиммати афви ту мардумак созад

قضا به همت عفو تو مردمک سازد

Ба чашми шоҳиди исмати саводи исён ро

به چشم شاهد عصمت سواد عصیان را

Қадар ба неруӣ ҳлмт кунад тилисмии рост

قدر به نیروی حلمت کند طلسمی راست

Ки афсаради нафаси Нӯҳи ҷӯши тӯфон ро

که افسرد نفس نوح جوش طوفان را

Бар осмони мъолии гузаштӣ ва ба сохт

بر آسمان معالی گذشتی و به ساخت

Мҳобти ту зи ранҷи ғурури кайвон ро

مهابت تو ز رنج غرور کیوان را

Ба кӯии талхи мазоқони ишқ ҳам бигузар

به کوی تلخ مذاقان عشق هم بگذر

Ба шаҳди васли бадали сози заҳри ҳиҷрон ро

به شهد وصل بدل ساز زهر هجران را

Фалаки турои равиши додгустарии омухт

فلک ترا روش دادگستری آموخت

Балии муаллим Юсуф кунанд зиндон ро

بلی معلم یوسف کنند زندان را

Ҷаҳони пноҳо акнӯн ки дар хроси сипеҳр

جهان‌پناها اکنون که در خراس سپهر

Намонад як шабаҳи равғани чароғи эҳсон ро

نماند یک‌شبه روغن چراغ احسان را

зи даҳри номи мурувват чу мардумӣ гум шуд

ز دهر نام مروت چو مردمی گم شد

Фироқи маънии бгдохти зи абнои даҳри паймон ро

فراق معنی بگداخت ز ابنای دهر پیمان را

Ки чашми ман ки ду сад баҳри хӯн фузун дорад

که چشم من که دو صد بحر خون فزون دارد

Ба ним қатра насозад шукуфтаи мижгон ро

به نیم قطره نسازد شکفته مژگان را

Ба ғайри хок дарат каз ҳаводиси эмини бод

به غیر خاک درت کز حوادث ایمن باد

Намонад ҳеҷ муфарраҳи мизоҷи даврон ро

نماند هیچ مفرح مزاج دوران را

Қисм ба олами ҷоҳат ки дидаи мӯраш

قسم به عالم جاهت که دیده مورش

Фазо ба вом диҳад чархи танги майдон ро

فضا به وام دهد چرخ تنگ میدان را

Ба чарби дастии ҷавдат ки рафъи миннат ро

به چرب‌دستی جودت که رفع منت را

Ниҳон кунад ба дили қатраи баҳри Аммон ро

نهان کند به دل قطره بحر عمان را

Ба боди лутфи тугар баҳри дӯстони орад

به باد لطف تو گر بهر دوستان آرد

Матоъи қофилаи зулфи анбари афшон ро

متاع قافله زلف عنبر‌افشان را

Ба абри қаҳри ту кандар ниҳод хасм кунад

به ابر قهر تو کاندر نهاد خصم کند

Шукуфта рӯй чу гули ғунчаҳои пайкон ро

شکفته روی چو گل غنچه‌های پیکان را

Ба ханҷари ту казон чашми масти ёри омухт

به خنجر تو کزان چشم مست یار آموخت

Ътиаҳ эй ки ғании сохт боғу бустон ро

عطیه‌ای که غنی ساخت باغ و بستان را

Ки ҷузи мдиҳи турогар прстдии нафасам

که جز مدیح ترا گر پرستدی نفسم

Ҳамон буд ки парастидааст шайтон ро

همان بود که پرستیده است شیطان را

Ба мадҳати ту казон нусхаи ақл кул бинвишт

به مدحت تو کزان نسخه عقل کل بنوشت

Нахусти абҷади таълими ин дабистон ро

نخست ابجد تعلیم این دبستان را

Ба мадҳи густарии манъам ар кунам тақсир

به مدح‌گستری منعم ار کنم تقصیر

Шикаста бошам аҳди аласти яздон ро

شکسته باشم عهد الست یزدان را

Манам фасеҳии он зарра сиришта зи ҳеҷ

منم فصیحی آن ذره سرشته ز هیچ

Ки нанг буд зи ман коргоҳи имкон ро

که ننگ بود ز من کارگاه امکان را

Чу офтобам кардӣ мҳл ки андоинд

چو آفتابم کردی مهل که اندایند

Ба лои ҳодисаи ин офтоби тобон ро

به لای حادثه این آفتاب تابان را

Ҳамеша то ки забони баҳори бсроид

همیشه تا که زبان بهار بسراید

Ба коми сабзаи наврустаи шукри Нитсаон ро

به کام سبزه نورسته شکر نیسان را

Замини давлати ту боди он чунон хуррам

زمین دولت تو باد آن چنان خرم

Ки файз вом диҳад абри нави баҳорон ро

که فیض وام دهد ابر نو‌بهاران را