Шаби ҳамаи шаб бо сабурӣ нолаам дар ҷанг буд

شب همه شب با صبوری ناله‌ام در جنگ بود

Ҳар нигаҳро домани лухти дилӣ дар чанг буд

هر نگه را دامن لخت دلی در چنگ بود

Барги барги гулшанам дар хӯни ҳасрат май тпид

برگ برگ گلشنم در خون حسرت می‌طپید

Бонги булбул бо навой гул ба як оҳанг буд

بانگ بلبل با نوای گل به یک آهنگ بود

Гулшан аз зулми сабои бушковат эй булбул бинол

گلشن از ظلم صبا بشکفت ای بلبل بنال

Ёди он рӯзӣ ки ҳар сӯи ғунчае дилтанг буд

یاد آن روزی که هر سو غنچه‌ای دلتنگ بود

Осмон санҷид бо Юсуфи дили ошӯби маро

آسمان سنجید با یوسف دل‌آشوب مرا

Дар тарозуи зини тарафи хўршидўозони сӯи санг буд

در ترازو زین طرف خورشیدوازان سو سنگ بود

Сайри дайр ва каъба мефармуд дӯшами зулфи дӯст

سیر دیر و کعبه می‌فرمود دوشم زلف دوست

Куфр ва дайн дидам шаҳиди донишу фарҳанг буд

کفر و دین دیدم شهید دانش و فرهنگ بود

Як ҷаҳони умед бо ман шуд дарин майдони шаҳид

یک جهان امید با من شد درین میدان شهید

Варна чун нахли мазорамро хазони сдрнг буд

ورنه چون نخل مزارم را خزان صدرنگ بود

Май дард ҳар дами гиребонии фасеҳии ин замон

می‌درد هر دم گریبانی فصیحی این زمان

Солҳо дастӣ ки дар домони ному нанг буд

سالها دستی که در دامان نام و ننگ بود