Шаб ки ғамҳои туро парда нишин ме кардам
شب که غمهای ترا پردهنشین میکردم
Аз табассуми лаби захмӣ шаккарин ме кардам
از تبسم لب زخمی شکرین میکردم
Ҳиҷр май сӯхти диламро ва ман аз дидаи хеш
هجر میسوخت دلم را و من از دیده خویش
Назарӣ дар хури он рӯй гузин ме кардам
نظری در خور آن روی گزین میکردم
Гирди авроқи парешони нафас май гаштам
گرد اوراق پریشان نفس میگشتم
Интихоби нафас бозпасин ме кардам
انتخاب نفس بازپسین میکردم
Саҷда май рехти зи сар то қадамам дар раҳи дӯст
سجده میریخت ز سر تا قدمم در ره دوست
Ҳамаро чидаи зи раҳи бор ҷабин ме кардам
همه را چیده ز ره بار جبین میکردم
Дӯши тақлид ҷарас кардам ва сад қофилаи сӯхт
دوش تقلید جرس کردم و صد قافله سوخت
Вой агар нолаи парешонтар азин ме кардам
وای اگر ناله پریشانتر ازین میکردم
Кишвари дарди фасеҳии ҳама аз ман май буд
کشور درد فصیحی همه از من میبود
Ноларо чун дил агар нақш нигин ме кардам
ناله را چون دل اگر نقش نگین میکردم