Магар аз камӣни ҳасанӣ шбхўн зада сипоҳӣ

مگر از کمین حسنی شبخون زده سپاهی

Ки гузаштаи боз бар дили паии тозаи нигоҳӣ

که گذشته باز بر دل پی تازه نگاهی

Сари он биҳишти гирдам ки дарави зи ҷӯши исмат

سر آن بهشت گردم که درو ز جوش عصمت

Ҷигари насими сӯзади зи тпидни гиёҳӣ

جگر نسیم سوزد ز طپیدن گیاهی

Санамии сети қотили ман ки ба арсаи гоҳи маҳшар

صنمی‌ست قاتل من که به عرصه گاه محشر

Дил афв мерибоед ба киришмаи нигоҳӣ

دل عفو می‌رباید به کرشمه نگاهی

Сари зулфи кӣнаи аФшоҳни мижаи масти кӣнаи ҷӯӣ

سر زلف کینه‌افشاهن مژه مست کینه‌جویی

зи ту беҳтарӣ набошад ситами турои гувоҳӣ

ز تو بهتری نباشد ستم ترا گواهی

Ғазали фасеҳии мо ба шуъоъ тавр монад

غزل فصیحی ما به شعاع طور ماند

Магараши навиштаи имшаб ба фурӯғи шамъи оҳӣ

مگرش نوشته امشب به فروغ شمع آهی