Рафтанди ҳамдамону марои дил фигор монад
رفتند همدمان و مرا دل فگار ماند
Хӯни ҷигари зи суҳбаташон ёдгор монад
خون جگر ز صحبتشان یادگار ماند
Дили музтариби зи равзани чашмами буруни давид
دل مضطرب ز روزن چشمم برون دوید
Аммо зи нотавонии ҳам дар канор монад
اما ز ناتوانی هم در کنار ماند
Аз душманам чаҳ шиква ки ин захм дӯст зад
از دشمنم چه شکوه که این زخم دوست زد
Бегонаро чаҳ ҷурм ки ин доғ ёр монад
بیگانه را چه جرم که این داغ یار ماند
Неи неи зи ёру дӯсти шикоят на дархураст
نینی ز یار و دوست شکایت نه درخورست
Кин доғи рӯзгори сияҳ рӯзгор монад
کاین داغ روزگار سیهروزگار ماند
Ҳар ҷо буд ду чашмаи хӯни турбати ман сет
هر جا بود دو چشمه خون تربت منست
Кинам ба ҷои лавҳи нишон мазор монад
کاینم به جای لوح نشان مزار ماند
По то серум чу зулф батон биқрор шуд
پا تا سرم چو زلف بتان بیقرار شد
Алои ғами фироқ ки бар як қарор монад
الا غم فراق که بر یک قرار ماند
Ҷонами тамоми сӯхти фасеҳии ғами фироқ
جانم تمام سوخت فصیحی غم فراق
Ваз рӯй марг то абадам шармсор монад
وز روی مرگ تا ابدم شرمسار ماند