эй онкии дасти тарбияти офаридагор
ای آنکه دست تربیت آفریدگار
Нахлӣ чу нахли ҳиммати ту бо самар накишт
نخلی چو نخل همت تو با ثمر نکشت
Машшотаи сахои ту аз зевари қабул
مشاطه سخای تو از زیور قبول
Юсуф лақо кунад тамаъиро ки ҳаст зишт
یوسف لقا کند طمعی را که هست زشت
Дуздам ба дасти ҳирси зи баси қаҳти ҳизуми сет
دزدم به دست حرص ز بس قحط هیزمست
Гоҳе сутуни каъба ва гоҳе дар кунишат
گاهی ستون کعبه و گاهی در کنشت
Имрӯз аз он масолеҳ дӯзах бидиҳ ки мо
امروز از آن مصالح دوزخ بده که ما
Фардои диҳеми воми ту ҳосили биҳишт
فردا دهیم وام تو حاصل بهشت