Сабо ба кӯии дили ошуфтагони ишқи гузар
صبا به کوی دل آشفتگان عشق گذر
Замин бабўс агар осмон диҳад дастур
زمین ببوس اگر آسمان دهد دستور
Бигӯ ба мардумаки дидаи ҳунари шоне
بگو به مردمک دیده هنر شانی
Ки эй замири ту чун чашми ақли чашмаи нур
که ای ضمیر تو چون چشم عقل چشمه نور
Ту он Масеҳи мақолӣ ки малики маънии рост
تو آن مسیح مقالی که ملک معنی راست
Баёзи ҷабҳаи калаки ту субҳгоҳ нашӯр
بیاض جبهه کلک تو صبحگاه نشور
Срири хомаи ?ут ар нафх сувар нест чаро
صریر خامهات ار نفخ صور نیست چرا
Кунад ҷаҳони маъонии зи нуқтае маҳшур
کند جهان معانی ز نقطهای محشور
Кадоми қатраи турои рехт аз саҳоби қалам
کدام قطره ترا ریخت از سحاب قلم
Ки рӯй сафҳа нашуд пари таронаи Мансур
که روی صفحه نشد پر ترانه منصور
Вале чу ин гуҳар аз баҳр ақл гашта падед
ولی چو این گهر از بحر عقل گشته پدید
намекунад садафи гӯши ҷаҳлро маъмур
نمیکند صدف گوش جهل را معمور
Чу субҳи калаки ту аз офтоб ҳомила аст
چو صبح کلک تو از آفتاب حامله است
Агарчӣ нутфа ситонид аз шаби диҷўр
اگرچه نطفه ستانید از شب دیجور
Ки ҳар нқт ки аз он хол рӯй сафҳа шавад
که هر نقط که از آن خال روی صفحه شود
Замонаро кунад аз равшанӣ чу оризи ҳур
زمانه را کند از روشنی چو عارض حور
Чу ноӣ хома мъҷзФшон бигирӣ танг
چو نای خامه معجزفشان بگیری تنگ
Ки сар ғайб бимонад зи нокасони мастур
که سر غیب بماند ز ناکسان مستور
Расад з ҳар сари ангушти ту ба гӯши хирад
رسد ز هر سر انگشت تو به گوش خرد
Ҳамон наво ки зи Довӯд дар адои збўр
همان نوا که ز داود در ادای زبور
Ба боғи табъи ту лафзӣ ки ҷилва гар гардад
به باغ طبع تو لفظی که جلوه گر گردد
зи ранг ва буи шавад ту ба ту гули маъмур
ز رنگ و بوی شود تو به تو گل معمور
Расед дарҷи дарӣ комғон фиристодӣ
رسید درج دری کامغان فرستادی
Зиҳии муҳӣт каз он омад ин дрр ба зуҳӯр
زهی محیط کز آن آمد این درر به ظهور
Ҳамаи зи қадари сазои санои қулзуму кон
همه ز قدر سزای ثنای قلزم و کان
Ҳамаи зи лутфи сазовори гӯшу гардани ҳур
همه ز لطف سزاوار گوش و گردن حور
зи ҷилваҳои маъонӣ дар он хиради мадҳуш
ز جلوههای معانی در آن خرد مدهوش
Чунон ки волаи эмини гуҳи таҷаллии тавр
چنان که واله ایمن گه تجلی طور
Назар ба ҷавдат ҳар лафз ӯ форуманд
نظر به جودت هر لفظ او فروماند
Чу он магас ки кунад бар асали ҳавои мурӯр
چو آن مگس که کند بر عسل هوای مرور
зи баси фурӯғи маъонӣ ба рӯй алфозаш
ز بس فروغ معانی به روی الفاظش
Паии нигоҳ тавон дид дар шаби диҷўр
پی نگاه توان دید در شب دیجور
Муҳӣти табъи ту зини сонгар аз тмўҷи файз
محیط طبع تو زینسان گر از تموج فیض
Дар самоъ бар оради зи лўлўи мансур
در سماع برآرد ز لولو منثور
Хирад ба дараки яке лафзи брнёид агар
خرد به درک یکی لفظ برنیاید اگر
Ҳазор гӯш сетанд зи қудсёни муздур
هزار گوش ستاند ز قدسیان مزدور
Ҳасуди саҳари насаби мӯъҷиз туро дидам
حسود سحر نسب معجز ترا دیدم
зи таҳи пиёла бўҷҳл гашта масти ғурур
ز ته پیاله بوجهل گشته مست غرور
Шифои олами ҷаҳлу вабои кишвари ақл
شفای عالم جهل و وبای کشور عقل
Буд дарин ду ҷаҳони рост бар мисоли ду сувар
بود درین دو جهان راست بر مثال دو صور
Ба машраби ҷҳлои софтар зи оби зулол
به مشرب جهلا صافتر ز آب زلال
Ба мазҳаби уқалои тиратар зи лои қусӯр
به مذهب عقلا تیرهتر ز لای قصور
Ба гӯши нағмаи мутриби ҳазор пой шавад
به گوش نغمه مطرب هزار پای شود
з рӯй мартаба гардад агар хиради тнбўр
ز روی مرتبه گردد اگر خرد طنبور
Буд чу дахмаи куффори ҷанги ашъораш
بود چو دخمه کفار جنگ اشعارش
Чу мурдагонаши маъонӣ ва лафзҳо чу қубӯр
چو مردگانش معانی و لفظها چو قبور
Нагашта ояти раҳмат дар он ҷаҳони нозил
نگشته آیت رحمت در آن جهان نازل
Накарда файзи азали андари он диёри убӯр
نکرده فیض ازل اندر آن دیار عبور
Вале низоми туро аз хусуматаш чаҳ зарар
ولی نظام ترا از خصومتش چه ضرر
Асоси табъи туро аз адоваташ чаҳ Фтўр
اساس طبع ترا از عداوتش چه فتور
Ки ғайри Рӯсияии ҳеҷ сарфае набард
که غیر روسیهی هیچ صرفهای نبرد
Бар офтоб шавад тирагар шаби диҷўр
بر آفتاب شود تیره گر شب دیجور
Хиради пноҳо эй лол дар саноати хирад
خرد پناها ای لال در ثنات خرد
Зиҳии лолии ту ганҷи файзро ганҷур
زهی لالی تو گنج فیض را گنجور
Расед мужда ки чун абри раҳмати азалӣ
رسید مژده که چون ابر رحمت ازلی
Бар он сиррӣ ки кунӣ сӯии ин биҳишти убӯр
بر آن سری که کنی سوی این بهشت عبور
Балии зи ғояти зуҳди ту ҳнми дарин дунё
بلی ز غایت زهد تو هنم درین دنیا
Агар биҳишт насибат шавад набошад давр
اگر بهشت نصیبت شود نباشد دور
Вале зи бахти бдхору хас басӣ давраст
ولی ز بخت بدخار و خس بسی دورست
Ки нур маҳз кунадашон висоли оташи тавр
که نور محض کندشان وصال آتش طور
Вагар зи мағриби бахти сиёҳашони хуршед
وگر ز مغرب بخت سیاهشان خورشید
Кунад тулӯъ ва шаванд аз висоли ту масрур
کند طلوع و شوند از وصال تو مسرور
Сано тароз шавад мӯ ба мӯи фасеҳӣ ро
ثنا طراز شود مو به مو فصیحی را
Ба давлат ту шавам хоҷаи ибоди шакур
به دولت تو شوم خواجه عباد شکور
Ҳамеша то буд аз нуру зулмати шабу рӯз
همیشه تا بود از نور و ظلمت شب و روز
Гуҳии мунаввар ва гоҳе кидири синӣну шҳўр
گهی منور و گاهی کدر سنین و شهور
Шукуфтаи табъи ту бодо чу нур дар зулмат
شکفته طبع تو بادا چو نور در ظلمت
Нижанди хасми ту бодо чу зулмати андари нур
نژند خصم تو بادا چو ظلمت اندر نور