эй осифи ҷами қадар ки ҳасани гуҳари ту
ای آصف جم قدر که حسن گهر تو
Машшотаи дӯшиза ҳар маъдан ва конаст
مشاطه دوشیزه هر معدن و کانست
Чун оинаи дидаи ту икрўиӣу икдл
چون آینه دیده تو یکرویی و یکدل
Калак ту надонам з чаҳ маънии дўзбонст
کلک تو ندانم ز چه معنی دوزبانست
Неи не чу ту ӣӣ зомини арзоқи баду нек
نینی چو تویی ضامن ارزاق بد و نیک
Ин воҳби рӯзии ду забон аз пай онаст
این واهب روزی دو زبان از پی آنست
Гар худ на чунин сет чаро бар варақи назм
گر خود نه چنینست چرا بر ورق نظم
Хуноби маъонии зи раг лафз равонаст
خوناب معانی ز رگ لفظ روانست
Сангӣ ки ба ман тӯҳфа фиристод ба ҷоят
سنگی که به من تحفه فرستاد به جایت
Гӯйӣ ки марои тезгар теғ забонаст
گویی که مرا تیزگر تیغ زبانست
Ин санг Фсон нест марои дархури зирок
این سنگ فسان نیست مرا درخور زیراک
Маҷнӯни турои тезӣ шамшер забонаст
مجنون ترا تیزی شمشیر زبانست
Теғи аҷали хасми турои тез сазо нест
تیغ اجل خصم ترا تیز سزا نیست
Конро дили сахти малики аламути Фсонст
کان را دل سخت ملکالموت فسانست
Ин хушки раг аз зиштӣ чун соиди марги сет
این خشک رگ از زشتی چون ساعد مرگست
Аммо чу зи дасти ту раг ва реша ҷонаст
اما چو ز دست تو رگ و ریشه جانست
Бе боди дами теғи тамомаш ба ҳаво рафт
بی باد دم تیغ تمامش به هوا رفت
Ин санги сабки рӯҳи магар рег равонаст
این سنگ سبک روح مگر ریگ روانست
Аз нармии ҷавҳар чу зар даст фишораст
از نرمی جوهر چو زر دست فشارست
Ҳам назд ту некӯаст ки мирос касонаст
هم نزد تو نیکوست که میراث کسانست
Гардад зи лабами бози сӯии синаи дуоят
گردد ز لبم باز سوی سینه دعایت
Кин гавҳари шаби тоби чароғ дил конаст
کاین گوهر شب تاب چراغ دل کانست
То ҳаст ба мизони хиради ҷаҳли сабки санг
تا هست به میزان خرد جهل سبک سنگ
Донам ки турои каффа иқбол гаронаст
دانم که ترا کفه اقبال گرانست