Зиҳии фасеҳи забонӣ ки табъи нири ту
زهی فصیح زبانی که طبع نیر تو
Фурӯғи панҷаи хуршеди фазлро неруаст
فروغ پنجه خورشید فضل را نیروست
Аз он ба хусрави сонии мухотабӣ ки мудом
از آن به خسرو ثانی مخاطبی که مدام
Дили ту оинаи тӯтӣон ширин гӯаст
دل تو آینه طوطیان شیرینگوست
Макаши зи чархи мқўс ба зўрмндии ди сет
مکش ز چرخ مقوس به زورمندی دست
Камони сусти мададкор қӯт бозуаст
کمان سست مددکار قوت بازوست
Саманди рои турои меҳр нур пешонӣаст
سمند رای ترا مهر نور پیشانیست
Наҷиби қадари турои моҳ коса зонуаст
نجیب قدر ترا ماه کاسه زانوست
Бар осмони сахои ҳиммати баланди туро
بر آسمان سخا همت بلند ترا
Туранҷи нири аъзам ба ҷой дастанбуаст
ترنج نیر اعظم به جای دستنبوست
Магари риёзи амли нави баҳори давлати тест
مگر ریاض امل نوبهار دولت تست
Ки офтоби қиёмати дарав гул худруаст
که آفتاب قیامت درو گل خودروست
Ҳамеша дар хами абрӯии шоҳидони дороӣ
همیشه در خم ابروی شاهدان دارای
Аз он камони ту пайваста чун хам абрӯаст
از آن کمان تو پیوسته چون خم ابروست
Дар он чаман ки сабои оҳи субҳи хизонст
در آن چمن که صبا آه صبح خیزانست
Гули чароғи турои накҳати гул шаб бӯаст
گل چراغ ترا نکهت گل شب بوست
Баҳори ънбрсоро кам аз хазон ҳиност
بهار عنبرسارا کم از خزان حناست
Дар он чаман ки баҳор аз хати ту ғолия бӯаст
در آن چمن که بهار از خط تو غالیهبوست
Кашида сӯратии имрӯзи Монии қаламат
کشیده صورتی امروز مانی قلمت
Ки беҳтарини рақам корхона минӯаст
که بهترین رقم کارخانه مینوست
Замини қитъаи ту қитъае буд зи биҳишт
زمین قطعه تو قطعهای بود ز بهشت
Дарави маъонии печида печиш гесуаст
درو معانی پیچیده پیچش گیسوست
Натоиҷи қаламат то ба маҷлис омада анд
نتایج قلمت تا به مجلس آمدهاند
Мадори ҳарф бар он шоҳидон силсила мӯаст
مدار حرف بر آن شاهدان سلسله موست
Ба посдории номӯси хусравони суханат
به پاسداری ناموس خسروان سخنت
Сарири салтанати ҳасанро маин бонӯаст
سریر سلطنت حسن را مهین بانوست
зи шамъ ҷавҳар фардаст дӯдаи қаламат
ز شمع جوهر فردست دوده قلمت
Хатост ин ки мураккаби зи самғ ё мозўст
خطاست این که مرکب ز صمغ یا مازوست
Қадӣ ки ҷилваи гуҳи базм дӯстонат нест
قدی که جلوه گه بزم دوستانت نیست
Чу нахли хушки сазовор оташ ҳиндӯаст
چو نخل خشک سزاوار آتش هندوست
зи баҳри назми ту ҳар ҷолибӣ аст серобаст
ز بحر نظم تو هر جالبی است سیرابست
Ҳамин лаби қадаҳи имрӯзи ташна лаб ҷӯаст
همین لب قدح امروز تشنه لب جوست
Дилами зи хуии ту нозук тараст пиндорӣ
دلم ز خوی تو نازکترست پنداری
Ки ин ду барги гул аз нави баҳори як бар зуаст
که این دو برگ گل از نوبهار یک بر زوست
Ба ин гумон ки ба нозуки дилони сиррии дорӣ
به این گمان که به نازک دلان سری داری
Ҳамеша захми дили ғунча мустаъид руфӯаст
همیشه زخم دل غنچه مستعد رفوست
Дарин ду рӯз ҳамоно шунидае ки маро
درین دوروز همانا شنیدهای که مرا
Дар оби дидаи ғубории зи гирди он сркўст
در آب دیده غباری ز گرد آن سرکوست
зи раҳгузори ту бар хотирам ғуборӣ нест
ز رهگذار تو بر خاطرم غباری نیست
Вале малулами азин душманони суҳбати дӯст
ولی ملولم ازین دشمنان صحبت دوست
Ҳама чу наргису гули хираи чашму шохчаҳи банд
همه چو نرگس و گل خیره چشم و شاخچه بند
Вале зи сангдилии рӯишон чу оҳан ва рӯаст
ولی ز سنگدلی رویشان چو آهن و روست
Ниҳон чигуна тавон дошт аз ту розӣ ро
نهان چگونه توان داشت از تو رازی را
Ки ҳамзабони лаби дӯстон душман хуаст
که همزبان لب دوستان دشمن خوست
Касе ба ҳиммати ман нисбат таманно дод
کسی به همت من نسبت تمنا داد
Ки пасти фитратии осмони з ҳиммат ӯст
که پست فطرتی آسمان ز همت اوست
Ба рангу буии фиребами зи ҳуши барад ва нагуфт
به رنگ و بوی فریبم ز هوش برد و نگفت
Ки он гул аз чаҳ ниҳоли он меазкдом сабуаст
که آن گل از چه نهال آن میازکدام سبوست
Марои бғир худо нест хоҳиш аз дгарӣ
مرا بغیر خدا نیست خواهش از دگری
Раҷо бадаст зи мардон агар чаҳ як мрҷўст
رجا بد است ز مردان اگر چه یک مرجوست
Ҳазор мартаба бо дӯст гуфтаам ғами хеш
هزار مرتبه با دوست گفتهام غم خویش
Вале баробар душман нагуфтаам бо дӯст
ولی برابر دشمن نگفتهام با دوست
Маро касе ки азин гуфтугӯ ба ҷӯш оварад
مرا کسی که ازین گفتگو به جوش آورد
Чу оташами нафас аз баҳр ҷонгдозӣ ӯст
چو آتشم نفس از بهر جانگدازی اوست
Вале гумон ба касе май барии зи даврии фикр
ولی گمان به کسی میبری ز دوری فکر
Казин гумони хатои ҳамчуи машк бе оҳӯаст
کزین گمان خطا همچو مشک بیآهوست
Аз он чу шамъи дам аз нур мезанад нафасам
از آن چو شمع دم از نور میزند نفسم
Ки равшанои чашмами зи нур дида ӯст
که روشنایی چشمم ز نور دیده اوست
Дарин ҳикояти азин бештар наме печам
درین حکایت ازین بیشتر نمیپیچم
Бадасти печиш беҷо агарчӣ як сар мӯаст
بدست پیچش بیجا اگرچه یک سر موست
Накардае чу камони пушт бар сафи душман
نکردهای چو کمان پشت بر صف دشمن
Ба саҳви тират агар як хато кунад мъФўст
به سهو تیرت اگر یک خطا کند معفوست
Сухани зи тарзи адаби давр агар шавад бипазир
سخن ز طرز ادب دور اگر شود بپذیر
Димоғи хона заъифаст аз он парешон гӯаст
دماغ خانه ضعیف است از آن پریشان گوست
Хато ба асли хаданги ту ҳар ки нисбат дод
خطا به اصل خدنگ تو هر که نسبت داد
Агар гумон хато ҳаст дар ҷабалат ӯст
اگر گمان خطا هست در جبلت اوست
Арӯси табъи туро бо вуҷӯди ин ҳамаи ҳасан
عروس طبع ترا با وجود این همه حسن
Ҳамеша оинаи фикр бар сар зонуаст
همیشه آینه فکر بر سر زانوست
Дар он ҳарим ки урёнии сухани айби сет
در آن حریم که عریانی سخن عیبست
Бараҳнаи гӯйии ман ҷурми пок чашмӣ ӯст
برهنه گویی من جرم پاک چشمی اوست
Чу шаҳди лафзи турои чошнӣ баланд афтод
چو شهد لفظ ترا چاشنی بلند افتاد
Сухан чу мағзи зи шодии буруни давид аз пӯст
سخن چو مغز ز شادی برون دوید از پوست
Дилам чу лолаи зи пайкони обдори параст
دلم چو لاله ز پیکان آبدار پرست
Забон чигуна нишонам ба узри хоҳии дӯст
زبان چگونه نشانم به عذرخواهی دوست
Гузори қофия з омад шуд сухан тангаст
گذار قافیه ز آمد شد سخن تنگست
Вале зи маънии рангини дил қалам мамлуаст
ولی ز معنی رنگین دل قلم مملوست
Чу ғунча зон нафасам танг мешавад комрўз
چو غنچه زان نفسم تنگ میشود کامروز
Ҷаҳони зи вусъати халқи ту нофа оҳӯаст
جهان ز وسعت خلق تو نافه آهوست
Сипеҳри мнзлто беш азин наме гӯям
سپهر منزلتا بیش ازین نمیگویم
Ки пеши раҳми ту дарёии раҳмат об вузӯаст
که پیش رحم تو دریای رحمت آب وضوست
Баробари карамат ҳар чаҳ кардаем бадаст
برابر کرمت هر چه کردهایم بدست
Ту дар баробари он ҳар чаҳ мекунӣ некӯаст
تو در برابر آن هر چه میکنی نیکوست