Соқии биё ва аз мем ошуфта ҳол кун

ساقی بیا و از میم آشفته حال کن

Мағзами зи трктози тараб поймол кун

مغزم ز ترکتاز طرب پایمال کن

зи он офтоби маниши ҷуръа Эй бирез

ز‌ آن آفتاب‌منش جرعه‌ای بریز

Дар ҷоми лутфу бадари ғамамро ҳилол кун

در جام لطف و بدر غمم را هلال کن

Хамёзаҳои меҳр ба як ҷуръа охираст

خمیازه‌های مهر به یک جرعه آخرست

Бечораро шикастаи суфолӣ хаёл кун

بیچاره را شکسته سفالی خیال کن

Бо нави баҳори дӯш ба дӯши ой дар чаман

با نو بهار دوش به دوش آی در چمن

Бар булбулони киришмаи гулро ва бол кун

بر بلبلان کرشمه گل را و‌بال کن

Дар боғи базми мавсими парвоз ҷом шуд

در باغ بزم موسم پرواز جام شد

Бар пайкараши насими шӯ аз мавҷ бол кун

بر پیکرش نسیم شو از موج بال کن

Бар мо ситами кашон ки ҳаромаст офият

بر ما ستم‌کشان که حرامست عافیت

Софи нишотро ду се рӯзӣ ҳалол кун

صاف نشاط را دو سه روزی حلال کن

Май баҳри дигарон ҳама дар ҷом ҷам бирез

می بهر دیگران همه در جام جم بریز

Чун давр мо расад қадре дар суфол кун

چون دور ما رسد قدری در سفال کن

Мо хоки машрабон ҳарим муҳаббатем

ما خاک مشربان حریم محبتیم

Гирдему пои шикастаи домони ъзлтим

گردیم و پا‌شکسته دامان عزلتیم

Бар хез то занем салои меҳру моҳ ро

بر‌خیز تا زنیم صلا مهر و ماه را

Ховар кунем мағриби бахти сиёҳ ро

خاور کنیم مغرب بخت سیاه را

зи он май ки чун ба ҷом равад гуяд осмон

ز آن می که چون به جام رود گوید آسمان

Юсуф ба далви меҳри бпимўди чоҳ ро

یوسف به دلو مهر بپیمود چاه را

Гардад зи рашки ғунчаи гули ҷом то кунад

گردد ز رشک غنچه گل جام تا کند

Маҳрӯм аз назора ӯ бодаи хоҳ ро

محروم از نظاره او باده خواه را

зи он май ки чун зи шиша ба сайр қадаҳ равад

ز آن می‌که چون ز شیشه به سیر قدح رود

Гум созад аз нишот ба ҳар гоми роҳ ро

گم سازد از نشاط به هر گام راه را

Бихўд ба ним ҷуръа тамошо бияфканад

بیخود به نیم جرعه تماشا بیفکند

Сад ҷои зи дида то сари мижгони нигоҳ ро

صد جا ز دیده تا سر مژگان نگاه را

Он ёдгори кавсари ҳиммат ки поки шаст

آن یادگار کوثر همت که پاک شست

Аз табъи каҳрабои тамаъи завқи коҳ ро

از طبع کهربای طمع ذوق کاه را

Он май кигар ба номаи ҷурмаш рақам кунанд

آن می که گر به نامه جرمش رقم کنند

Ризвони вакил хулд нависад гуноҳ ро

رضوان وکیل خلد نویسد گناه را

Густох чун киришмау хўшхўӣ чун ҳаё

گستاخ چون کرشمه و خوشخوی چون حیا

Орад ба по ӣ бӯси гадои фарқи шоҳ ро

آرد به پا‌ی‌‌ بوس گدا فرق شاه را

Мисатони кибриёӣ дараш мунфаил шаванд

مستان کبریای درش منفعل شوند

Рўбнд агар ба боли малики саҷдаи гоҳ ро

روبند اگر به بال ملک سجده گاه را

То кӣ зи ҳарфи шоҳу гадои ком тар кунем

تا کی ز حرف شاه و گدا کام تر کنیم

Мутриби биё ки нағмаи мастона сар кунем

مطرب بیا که نغمه مستانه سر کنیم

Наврӯзи меҳмон шудаи имшаби баҳор ро

نوروز مهمان شده امشب بهار را

Бедор кун зи хоб ба мизроби тор ро

بیدار کن ز خواب به مضراب تار را

Дай дод офтоби суроғ аз лаби Масеҳ

دی داد آفتاب سراغ از لب مسیح

Дар нохуни ту марҳами ҷони фигор ро

در ناخن تو مرهم جان فگار را

Бе нолаи тугар ҳама гесуӣ дилбараст

بی ناله تو گر همه گیسوی دلبرست

Аз рӯй айш давр насозад ғубор ро

از روی عیش دور نسازد غبار را

Дил мебарад навой ту гӯйӣ наҳуфта анд

دل می‌برد نوای تو گویی نهفته‌اند

Дар пардаҳои сози ту рӯйнигор ро

در پرده‌های ساز تو روی نگار را

Хосияти санои ту дар дасти табъи ман

خاصیت ثنای تو در دست طبع من

Мизроби сохт хомаи маънинигор ро

مضراب ساخت خامه معنی نگار را

Бигушо лаби сурӯд ки фурсат ғанимат аст

بگشا لب سرود که فرصت غنیمت است

Ногуҳ касе хабар накунад рӯзгор ро

ناگه کسی خبر نکند روزگار را

Байтии зи нолаи даҳу сайд рӯҳ кун

بیتی ز ناله ده و صید روح کن

Омӯз аз киришмаи соқии шикор ро

آموز از کرشمه ساقی شکار را

Аз булбулони нағмаи саро боғ дилбараст

از بلبلان نغمه‌سرا باغ دلبرست

Бенола варна гулшан ва гулхан баробараст

بی‌ناله ورنه گلشن و گلخن برابرست

Айшу нишот бегулу сунбул кудурат аст

عیش و نشاط بی گل و سنبل کدورت است

Хосса кунун ки малик ҳарӣ рашк ҷинат аст

خاصه کنون که ملک هری رشک جنت است

зи обу ҳавои ин сира маликаст файзи гир

ز آب و هوای این سره ملک است فیض گیر

Гар нор эминаст вагар хок таббат аст

گر نار ایمن است و گر خاک تبت است

Калакам ба саҳви равзаи ризвон рақам задаш

کلکم به سهو روضه رضوان رقم زدش

Ин боғро бидон чамани охир чаҳ нисбат аст

این باغ را بدان چمن آخر چه نسبت است

Ин дар ба рӯй маъсияту зуҳд баста нест

این در به روی معصیت و زهد بسته نیست

Ва он дар мқФласту калидаш ибодат аст

و آن در مقفل است و کلیدش عبادت است

Хокаши чунон ба завқ ки чун лолаи гули дарав

خاکش چنان به ذوق که چون لاله گل درو

Иқлӣмӣ аз қаламрави доғ муҳаббат аст

اقلیمی از قلمرو داغ محبت است

Дар зулфи шох рӯй арӯсони гул ба дай

در زلف شاخ روی عروسان گل به دی

Рахшад чу шаби чароғ ки дар кон зулмат аст

رخشد چو شب چراغ که در کان ظلمت است

Аз баси гулаш ба об назокат сиришта анд

از بس گلش به آب نزاکت سرشته‌اند

Гӯши гулаши зи нолаи булбул ҷароҳат аст

گوش گلش ز ناله بلبل جراحت است

Хокаши зи пой нақш нагирад чу сатҳи об

خاکش ز پای نقش نگیرد چو سطح آب

Бурҳони ин камоли камол латофат аст

برهان این کمال کمال لطافت است

Ин хокдон ба давлат хонаст ин чунин

این خاکدان به دولت خانست این چنین

Худ кимиёии хоки зи эксир давлат аст

خود کیمیای خاک ز اکسیر دولت است

Хони замини амони замони амни осмон

خان زمین امان زمان امن آسمان

Маснад нишин малики хуросони ҳусайни хон

مسند‌نشین ملک خراسان حسین‌خان

эй офтоб соя нишин ҷалоли ту

ای آفتاب سایه‌نشین جلال تو

Давлат намӯда сайди ду олам ба боли ту

دولت نموده صید دو عالم به بال تو

Ту зилли подшоҳӣу шаҳ зилл эзадаст

تو ظل پادشاهی و شه ظل ایزدست

Инак далели мамлакат бе заволи ту

اینک دلیل مملکت بی‌زوال تو

Муҳлат басаст рухсати айёми даҳ ки сӯхт

مهلت بس است رخصت ایام ده که سوخت

Дӯзах дар интизори тани бадсиголи ту

دوزخ در انتظار تن بدسگال تو

Додани зи боди сирвати равғани чароғ ро

دادن ز باد ثروت روغن چراغ را

Як мӯъҷизаст аз каф дарё навол ту

یک معجزست از کف دریا نوال تو

Шустан ба оби холи сиёҳии з рӯй бахт

شستن به آب خال سیاهی ز روی بخت

Як муваҷҷаҳаст аз лаби кавсари мисоли ту

یک موجه است از لب کوثر مثال تو

Наврӯз оядат сар ҳар сол то кунад

نوروز آیدت سر هر سال تا کند

Наврӯзи хеш бар рухи фархундаи фоли ту

نوروز خویش بر رخ فرخنده‌فال تو

Ҳиҷобро бигӯ ки диҳандаш чу чархи бор

حجاب را بگو که دهندش چو چرخ بار

То ояд ва назора кунад бар ҷамоли ту

تا آید و نظاره کند بر جمال تو

Он ҳӯшмандро ки хиради тоҷи тораки сет

آن هوشمند را که خرد تاج تارک‌ست

Донад ки дидани рухи давлати мубораки сет

داند که دیدن رخ دولت مبارک‌ست

То ҳаст рӯзгори турои бахти ёри бод

تا هست روزگار ترا بخت یار باد

Бахти турои арӯси зафар дар канори бод

بخت ترا عروس ظفر در کنار باد

То дар замонаи қоидаи нав баҳор ҳаст

تا در زمانه قاعده نو‌بهار هست

Боғати зи обу ранги баҳори баҳори бод

باغت ز آب و رنگ بهار بهار باد

Он кас ки сояпарвар бахти баланди тест

آن کس که سایه‌پرور بخت بلند تست

Бар ту сини мурод чу бахтати савори бод

بر تو سن مراد چو بختت سوار باد

Ва он кас ки дасти кишти влои адуии тест

و آن کس که دست کشت ولای عدوی تست

Ҳамчун сари адуии ту помоли дори бод

همچون سر عدوی تو پامال دار باد

Ҳар нутфае ки дар раҳм офариниш аст

هر نطفه‌ای که در رحم آفرینش است

Дар орзӯии хизмати ту бе қарори бод

در آرزوی خدمت تو بی قرار باد

Ва онгоҳ то расанд ба хизмати якон якон

و آنگاه تا رسند به خدمت یکان یکان

Арқони қасри давлати ту пойдори бод

ارکان قصر دولت تو پایدار باد

Калаки санои тарози фасеҳӣ ба давлатат

کلک ثنا طراز فصیحی به دولتت

То он замон ба мадҳи ту гавҳарнигор бод

تا آن زمان به مدح تو گوهر نگار باد

Неи не ки дар ду кун ҳаминаст кори ман

نی‌نی که در دو کون همین است کار من

Шоҳид басаст хомаи маънинигор ман

شاهد بس است خامه معنی نگار من

Ман кистам зи ҳарза дароён сабки сиррӣ

من کیستم ز هرزه‌درایان سبک‌سری

зи ошӯби зулфи тафриқаи маҷнӯни абтарӣ

ز آشوب زلف تفرقه مجنون ابتری

зи осеби санги ҳодисаи бишкастаи байза Эй

ز آسیب سنگ حادثه بشکسته بیضه‌ای

Дар байзаи шикастаи ҳамеи мурғ бе парӣ

در بیضه شکسته همی مرغ بی‌پری

Не қӯт кашӣдан қӯтами зи хирманӣ

نی قوت کشیدن قوتم ز خرمنی

Неи толеъ расӣдани шерами зи модарӣ

نی‌ طالع رسیدن شیرم ز مادری

Гоҳе ба чоҳ наср кунам ҳабси Юсуфӣ

گاهی به چاه نثر کنم حبس یوسفی

Гуҳ дар мзиқ назм кунам банди кавсарӣ

گه در مضیق نظم کنم بند کوثری

Пошами чамани чамани гули маънӣ ба пои лафз

پاشم چمن چمن گل معنی به پای لفظ

Шарёни фикрро чу гушойам ба нштрӣ

شریان فکر را چو گشایم به نشتری

Бандам бар офтоби маъонии зи ҳасани табъ

بندم بر آفتاب معانی ز حسن طبع

Машшотаи вор аз шаби алфози зеварӣ

مشاطه‌وار از شب الفاظ زیوری

Ковам ба неши нохуни эъҷози ҳарф ро

کاوم به نیش ناخن اعجاز حرف را

Пинҳон кунам дар он ба ҳунари баҳри гавҳарӣ

پنهان کنم در آن به هنر بحر گوهری

Аз ман ниҳол нотиқа шуд миваи дор ва ман

از من نهال ناطقه شد میوه‌دار و من

Ҳастам замонаро ба мисли нахл бе барӣ

هستم زمانه را به مثل نخل بی‌بری

Нашнохтгар замонаи марои соҳибами шинохт

نشناخت گر زمانه مرا صاحبم شناخت

Неи соҳибам ки соҷби тахти Сикандарӣ

نی‌ صاحبم که صاجب تخت سکندری

Парвози рӯз то буд аз боли субҳу шом

پرواز روز تا بود از بال صبح و شام

Бар фарқи бандаи сояи хони боди мустадом

بر فرق بنده سایه خان باد مستدام