Дар чамани пеши лабат во нашуд ар ғунча равост

در چمن پیش لبت وا نشد ار غنچه رواست

Ки зи сомони ҷамоли ту чаман танг фазост

که ز سامان جمال تو چمن تنگ فضاست

наметавонад ба дилами шева истиғно дод

می تواند به دلم شیوه استغنا داد

Онкии сар то қидматро ба тағофул орост

آنکه سر تا قدمت را به تغافل آراست

Дилбарони узри ситам худ талабанд аз ушшоқ

دلبران عذر ستم خود طلبند از عشاق

Ту ҷафое ки кунӣ узри маро бояд хост

تو جفایی که کنی عذر مرا باید خواست

наме тавон чораи нози ту ба истиғно лек

می توان چاره ناز تو به استغنا لیک

Нагузорад ба худами дил , чаҳ кунад ишқ балост

نگذارد به خودم دل، چه کند عشق بلاست

Моили ҷангӣ ва аз тарзи нигаҳ маълум аст

مایل جنگی و از طرز نگه معلوم است

Ташнаи хӯнӣ ва аз ранг тағофул пайдост

تشنه خونی و از رنگ تغافل پیداست

Рӯи турш карданат аз нози баради ғуссаи зи дил

رو ترش کردنت از ناز برد غصه ز دل

Гиреҳи чини ҷабинати гиреҳи уқдаи гшост

گره چین جبینت گره عقده گشاست

На ҳамин ҳасрати пайкони ту дар дил гиреҳ аст

نه همین حسرت پیکان تو در دل گره است

Дар дил аз ҷавҳари шамшери туами обила ҳост

در دل از جوهر شمشیر توام آبله هاست

Гуфтае дар ҳақи ман ҳарф рақибаст савоб

گفته ای در حق من حرف رقیب است صواب

Ин савобӣаст ки дар сарҳад иқлӣм хатост

این صوابی است که در سرحد اقلیم خطاست

Ҷурм агар хостани тести гунаҳи кор басӣ аст

جرم اگر خواستن تست گنه کار بسی است

Ин қадари фарқи миёни ҳавас ва ишқ чарост ?

این قدر فرق میان هوس و عشق چراست؟

Рӯзӣ аз хон ғамами ҳеҷ мукаррар нарасад

روزی از خوان غمم هیچ مکرر نرسد

Ки марои модари толеъи ҳамагӣ нодарра зост

که مرا مادر طالع همگی نادره زاست

Пардаи чашмгар аз гиряи кушояд шояд

پرده چشم گر از گریه گشاید شاید

Ки нигоҳи ту зи кори дили ман пардаи гшост

که نگاه تو ز کار دل من پرده گشاست

Миннати неши ғамам бар дил ва ҷон бисёраст

منت نیش غمم بر دل و جان بسیارست

Ки ба ишқи ту марои чеҳра доғӣ орост

که به عشق تو مرا چهره داغی آراست

Арзи ҳасани ту зи такрори мтолъ ғараз аст

عرض حسن تو ز تکرار مطالع غرض است

Меҳр ҳар рӯз дар иқлӣм дигар ҷилва намост

مهر هر روز در اقلیم دگر جلوه نماست