Агар сабо бигушоед зи зулфи ёри гиреҳ
اگر صبا بگشاید ز زلف یار گره
Маро ба дил фиканд ршг ӯ ҳазор гиреҳ
مرا به دل فکند رشگ او هزار گره
Чунин ки аз дилу ҷонами бароварии ту дамор
چنین که از دل و جانم برآوری تو دمار
برارد аз сари зулфи ту ҳам дамори гиреҳ
برآرد از سر زلف تو هم دمار گره
Ҳазор ришта ҷон шуд гиреҳи гиреҳи зини пеш
هزار رشته جان شد گره گره زین پیش
Равои мадор бар он зулфи тоби дори гиреҳ
روا مدار بر آن زلف تابدار گره
зи заъфи тоби гиреҳ чун надошт риштаи ҷон
ز ضعف تاب گره چون نداشت رشته جان
Ба тори зулфи ту печида шуд ҳазор гиреҳ
به تار زلف تو پیچیده شد هزار گره
Гиреҳи зи риштаи ҷон во нашуд ба нохуни саъй
گره ز رشته جان وا نشد به ناخن سعی
Ки нозукаст басии ёру устувори гиреҳ
که نازکست بسی یار و استوار گره
Гиреҳ гушӯд зи абрӯӣу роҳ шиква бибаст
گره گشود ز ابروی و راه شکوه ببست
Гиреҳи гушойӣ ӯ зад маро ба кори гиреҳ
گرهگشایی او زد مرا به کار گره
Хушаст чин ба ҷабини вай эй шикарханда
خوش است چین به جبین وی ای شکرخنده
Ба лаби мёу зи абрӯаши брмдори гиреҳ
به لب میا و ز ابروش برمدار گره
Аз онкӣ бо сари зулфи ту нисбатӣ дорад
از آنکه با سر زلف تو نسبتی دارد
Маро ба дил фитад ва дорад аФтхорграҳ
مرا به دل فتد و دارد افتخارگره
Гиреҳ бар абрӯии худ май занӣу ғайрати байн
گره بر ابروی خود میزنی و غیرت بین
Ки ёфт бар сари чашм ки эътибори гиреҳ
که یافت بر سر چشم که اعتبار گره
Ба як убӯри насимӣ бурун шуд аз зулфат
به یک عبور نسیمی برون شد از زلفت
Набӯдааст ба аҳди ту пойдори гиреҳ
نبوده است به عهد تو پایدار گره
Лабӣ ба ханда гушӯдӣ ба боғ ва аз ҳасрат
لبی به خنده گشودی به باغ و از حسرت
Чу ғунча шуд гули хандон ба шохсори гиреҳ
چو غنچه شد گل خندان به شاخسار گره
Гиреҳи зи риштаи ҷон во намекунам ҳаргиз
گره ز رشته جان وا نمیکنم هرگز
Ки мондааст зи зулфи ту ёдгори гиреҳ
که مانده است ز زلف تو یادگار گره
Чу дар хазон ба даройӣ ба азми сайри чаман
چو در خزان بهدرآیی به عزم سیر چمن
зи рашк ғунча шавад дар дили баҳори гиреҳ
ز رشک غنچه شود در دل بهار گره
Равон ба дидаи зи дили қатраҳои хӯн набӯд
روان به دیده ز دل قطرههای خون نبود
зи обёрӣ чашмам шуд обдори гиреҳ
ز آبیاری چشمم شد آبدار گره
зи дасти як гиреҳи дил ба танг будам аз он
ز دست یک گره دل به تنگ بودم از آن
Ки мефиканд ба корам чу зулфи ёри гиреҳ
که میفکند به کارم چو زلف یار گره
Кунун чаҳ чора кунам каз ғамат ба синаи танг
کنون چه چاره کنم کز غمت به سینه تنگ
Ба ҷои як дилами афтодаи сад ҳазор гиреҳ
به جای یک دلم افتاده صد هزار گره
Чаҳ сон набошад кӯтоҳи риштаи умрам
چهسان نباشد کوتاه رشته عمرم
Ки хӯрдааст зи зулфи ту бишмори гиреҳ
که خورده است ز زلف تو بیشمار گره
Маро ки риштаи ҷон аз ғам ту ме боист
مرا که رشته جان از غم تو میبایست
Чаро шуд охир чун тори тобдори гиреҳ
چرا شد آخر چون تار تابدار گره
Гиреҳи гиреҳ шудаи зулф каҷат бидон монад
گره گره شده زلف کجت بدان ماند
Ки аўФтд ба кунад ҷаҳони мадори гиреҳ
که اوفتد به کند جهان مدار گره
Каманди шери шикорӣ ки дар ҳавои хамаш
کمند شیر شکاری که در هوای خمش
Шудааст риштаи ҷон дар тани шикори гиреҳ
شده است رشته جان در تن شکار گره
Алии олии қадари онкии нохуни адлаш
علی عالیقدر آنکه ناخن عدلش
Наҳашт дар дили пуркини рӯзгори гиреҳ
نهشت در دل پرکین روزگار گره
Гиреҳи гушойӣ ӯ бас ки уқда Эй нагузошт
گرهگشایی او بس که عقدهای نگذاشت
Ба аҳд ӯ нашавад зулфро дучори гиреҳ
به عهد او نشود زلف را دچار گره
Ба аҳди нохуни адлаш дигар чаҳ чора кунад
به عهد ناخن عدلش دگر چه چاره کند
Магар фитад ба дили хасми шаҳриёри гиреҳ
مگر فتد به دل خصم شهریار گره
Ба даври ваъдаи вафои дӯсти табъи муътадилаш
به دور وعده وفا دوست طبع معتدلش
Намонад дар дили шаҳи роҳи интизори гиреҳ
نماند در دل شه راه انتظار گره
Чашид коми дилами лиззати гушоиш ӯ
چشید کام دلم لذت گشایش او
Ҳазор шукр ки омад маро ба кори гиреҳ
هزار شکر که آمد مرا به کار گره
зи бим ӯ натавон дам зад аз ситам ки шавад
ز بیم او نتوان دم زد از ستم که شود
Нафас ба синаи марди ситезаи кори гиреҳ
نفس به سینه مرد ستیزهکار گره
Чунон нишоти гушоиш ривоҷ ёфта аст
چنان نشاط گشایش رواجیافته است
Ки ҳаст дар дили ушшоқ , ногувори гиреҳ
که هست در دل عشاق, ناگوار گره
Муҳими ақл ба навъе ба уқда афтода аст
مهم عقل به نوعی به عقده افتاده است
Ки нест тори сари зулфи умедвори гиреҳ
که نیست تار سر زلف امیدوار گره
зи обёрии аҳди баҳори давлат ӯ
ز آبیاری عهد بهار دولت او
Чунон зи файз тароват шуд обдори гиреҳ
چنان ز فیض طراوت شد آبدار گره
Ки тори тори сари зулфи хубрӯён ро
که تار تار سر زلف خوبرویان را
Кунад чу риштаи гавҳари гҳрнгори гиреҳ
کند چو رشته گوهر گهرنگار گره
Чунон зи хосияти хеши уқда афтода аст
چنان ز خاصیت خویش عقده افتاده است
Ки марҳамӣаст маро бар дили фигори гиреҳ
که مرهمی است مرا بر دل فگار گره
Шудаи зи адли вай аз Фҳтии гирифторӣ
شده ز عدل وی از فحطی گرفتاری
Камандро ба дили андешаи шикори гиреҳ
کمند را به دل اندیشه شکار گره
зи баси шукуфтагии оради насими аҳдаш агар
ز بس شکفتگی آرد نسیم عهدش اگر
Ба хандаи дарандаад тан кунад чаҳ кори гиреҳ
به خنده درندهد تن کند چه کار گره
Чаҳ лозимаст ки нохун ба зӯр бигушоед
چه لازم است که ناخن به زور بگشاید
Ки худ ба хандаи даройад ба ихтиёри гиреҳ
که خود به خنده درآید به اختیار گره
зи баси таровати аҳд хушаш наме гирад
ز بس طراوت عهد خوشش نمیگیرد
Чу қатра бар раги ҷон азтарӣ қарори гиреҳ
چو قطره بر رگ جان از تری قرار گره
Мадони зи файзи гушоиши аҷаб ки боз шавад
مدان ز فیض گشایش عجب که باز شود
Чу ғунчаи худ ба худ аз хотири фигораи гиреҳ
چو غنچه خود به خود از خاطر فگاره گره
Чунин ки уқда наҳуфтааст рӯ наме донам
چنین که عقده نهفته است رو نمیدانم
Чаҳ гӯна шуд зи дили хасмаши ошкори гиреҳ
چهگونه شد ز دل خصمش آشکار گره
Чаҳ борҳост азу бар дили аду ки зи рашк
چه بارهاست ازو بر دل عدو که ز رشک
Чу сбҳаҳи ришта ) ҷонаш кунад қатори гиреҳ
چو سبحه رشته) جانش کند قطار گره
Ба ихтиёр ҷудоӣ наметавонад кард
به اختیار جدایی نمیتواند کرد
Фитода дар дили хасмаш ба изтирори гиреҳ
فتاده در دل خصمش به اضطرار گره
Ба дасти ғуссаи раги ҷони хасм ӯ домӣ аст
به دست غصه رگ جان خصم او دامی است
Ки мекунад шабу рӯз аз ҳасади шгори гиреҳ
که میکند شب و روز از حسد شگار گره
Чу бо забонаи қаҳраши сар ҷадал дорад
چو با زبانه قهرش سر جدل دارد
Ба кор шуъла фитад доим аз шарори гиреҳ
به کار شعله فتد دایم از شرار گره
зи дасти ҷӯади зи баси кор танг шуд тарсам
ز دست جود ز بس کار تنگ شد ترسم
Ба кор дарё уфтад ҳубоби вори гиреҳ
به کار دریا افتد حبابوار گره
На гавҳараст ки аз рашки бишмори кафш
نه گوهر است که از رشک بیشمار کفش
Фитода дар дил дарёст бишмори гиреҳ
فتاده در دل دریاست بیشمار گره
Ситора нест фалакро ки рашки рифъат ӯ
ستاره نیست فلک را که رشک رفعت او
Фиканда дар дил бе тоқаташи ҳазор гиреҳ
فکنده در دل بیطاقتش هزار گره
На ҷавҳараст ки дар ҷони теғ бе бокаш
نه جوهر است که در جان تیغ بیباکش
Фиканда кӣнаи хасми ситезаи кори гиреҳ
فکنده کینه خصم ستیزهکار گره
Ба кӣнаи шасти гшои корзўии синаи хасм
به کینه شست گشا کآرزوی سینه خصم
Шудааст дар дили пайкони обдори гиреҳ
شده است در دل پیکان آبدار گره
Хдоигонои давр аз дар ту куштаи маро
خدایگانا دور از در تو کشته مرا
Ҳазор ҳасрат дар ҷони биқрорграҳ
هزار حسرت در جان بیقرارگره
Ғубори кӯии туами серумаи ист дар чашмам
غبار کوی توام سرمهایست در چشمم
Чу мардумак шудаи умеди он ғубори гиреҳ
چو مردمک شده امید آن غبار گره
Умеди обилаи барпо ба роҳи тўФ дарат
امید آبله برپا به راه طوف درت
Шуда чу обилаам дар дили фигори гиреҳ
شده چو آبلهام در دل فگار گره
Таваҷҷӯҳӣ ки ба иқболи хори роҳ дарат
توجهی که به اقبال خار راه درت
Гушойам аз дили пуробилаи ҳазор гиреҳ
گشایم از دل پرآبله هزار گره
Ба ғайри азми тавоф дар ту корам нест
به غیر عزم طواف در تو کارم نیست
Фалаки з душманӣам афканд ба кори гиреҳ
فلک ز دشمنیام افکند به کار گره
Ҳамеша то ба гушоиш кунад муомилаи васл
همیشه تا به گشایش کند معامله وصل
Ҳамеша то ба Фрўбстгии мадори гиреҳ
همیشه تا به فروبستگی مدار گره
Кушоди хотири файёзи коми васли ту бод
گشاد خاطر فیاض کام وصل تو باد
Дигар нагардад азин ҳасраташи дучори гиреҳ
دگر نگردد ازین حسرتش دچار گره