Чунон ба саҳн чаман шуд насими рӯҳ афзор
چنان به صحن چمن شد نسیم روحافزار
Ки дами зи мӯъҷиз исо занад насими сабо
که دم ز معجز عیسی زند نسیم صبا
Рутӯбатӣаст чаманро чунон зи сабзау гул
رطوبتی است چمن را چنان ز سبزه و گل
Кигар биФшриш об мечакад зи ҳаво
که گر بیفشریش آب میچکد ز هوا
зи баси ҳавои тараб ангез шуд ба саҳни чаман
ز بس هوا طربانگیز شد به صحن چمن
зи завқ ғунча намегунҷад андаруни қабо
ز ذوق غنچه نمیگنجد اندرون قبا
Чунон ки наУмияро файз ом шуд шояд
چنان که نامیه را فیض عام شد شاید
Ки орзӯ ба матолиб расад ба нашаву намо
که آرزو به مطالب رسد به نشو و نما
Ба нашав сабзаи замонгар нимув кунад шояд
به نشو سبزه زمان گر نمو کند شاید
Ки бе миёнҷии имрӯз дай шавад фардо
که بیمیانجی امروز دی شود فردا
Ба саъй нашаву намои пураҷаби мадон ки шавад
به سعی نشو و نما پرعجب مدان که شود
Ниҳоли ҳасрати ошиқ ба миваи коми раво
نهال حسرت عاشق به میوه کامروا
зи файз бахше нашаву намо аҷаб набӯд
ز فیض بخشی نشو و نما عجب نبود
Расад ба бори иҷобат агар ниҳоли дуо
رسد به بار اجابت اگر نهال دعا
Чунин ки қомати хубон нимув кунад дар ҳасан
چنین که قامت خوبان نمو کند در حسن
Баланд чун нашавад нахли ҳасрати дилҳо ?
بلند چون نشود نخل حسرت دلها؟
Ҳавои қомат шмшодқомтон дорад
هوای قامت شمشادقامتان دارد
Ниҳоли сарв ки дар боғ мешавад раъно
نهال سرو که در باغ میشود رعنا
Ниҳоли сарви чамани сар ба абр ме сояд
نهال سرو چمن سر به ابر میساید
зи баси гирифтаи зи файз баҳор нашаву намо
ز بس گرفته ز فیض بهار نشو و نما
Шавад дар оби сухани сабзи ҳамчуи не дар об
شود در آب سخن سبز همچو نی در آب
Чу сар кунам қалам аз баҳри васфи обу ҳаво
چو سر کنم قلم از بهر وصف آب و هوا
зи бас ки айш Фзо гашта мавҷҳои насим
ز بس که عیش فزا گشته موجهای نسیم
Кунад ба киштии ғами кори муваҷҷаҳ бар дарё
کند به کشتی غم کار موجه بر دریا
Сабо кунад даҳани ғунчаи пари зар аз таҳсин
صبا کند دهن غنچه پر زر از تحسین
Чу гардад аз паии васфи ҳавои нафаси пиро
چو گردد از پی وصف هوا نفس پیرا
Ба шох то дами бодӣ вазида гашта зи завқ
به شاخ تا دم بادی وزیده گشته ز ذوق
Ба васфи обу ҳавои барги барги нағмаи саро
به وصف آب و هوا برگ برگ نغمهسرا
Чаҳ гӯна мурғ нишинад хамаш ки файзи насим
چهگونه مرغ نشیند خمش که فیض نسیم
Забони сӯсани хомӯшро кунад гуё
زبان سوسن خاموش را کند گویا
Чаҳ сони зи ҷилваи парвоз булбуластад боз
چهسان ز جلوه پرواز بلبل استد باز
Кунун ки сӯрати дебои пурд ба боли сабо
کنون که صورت دیبا پرد به بال صبا
Тавон зи файзи сбкрўҳии насими чаман
توان ز فیض سبکروحی نسیم چمن
Парид бе мадади болу пар чу ранги ҳино
پرید بیمدد بال و پر چو رنگ حنا
Ҳавои зи бас ки рутӯбат гирифта нест аҷаб
هوا ز بس که رطوبت گرفته نیست عجب
Ки кор об кунад бо саҳифаи мавҷи ҳаво
که کار آب کند با صحیفه موج هوا
Чу мавҷи баҳр бар обаст муваҷҷаҳи савҳон
چو موج بحر بر آبست موجه سوهان
зи бас ки об гирифтанд аз ҳавои ашё
ز بس که آب گرفتند از هوا اشیا
зи файзи оми таровати чунонтарӣ шудаи ом
ز فیض عام طراوت چنان تری شده عام
Ки зуҳд низ намондаст хушк дар дунё
که زهد نیز نماندست خشک در دنیا
Миён сабза тавонад ниҳон шудани оташ
میان سبزه تواند نهان شدن آتش
зи эътидоли табиат чу бода дар мино
ز اعتدال طبیعت چو باده در مینا
Кунун ки сабзаи баромади з санг ҳаст умед
کنون که سبزه برآمد ز سنگ هست امید
Ки сабз дар дил хубон кунем тухми вафо
که سبز در دل خوبان کنیم تخم وفا
Биё бибин ки дар эҳёии мурдагони набот
بیا ببین که در احیای مردگان نبات
Ниёбати дам исо кунад насими сабо
نیابت دم عیسی کند نسیم صبا
Умум ёфт зи баси эътидоли мумкини гашт
عموم یافت ز بس اعتدال ممکن گشت
Дам риё шавад ар муътадил вале ба риё
دم ریا شود ار معتدل ولی به ریا
Миёни абри сияҳ офтоб пинҳонаст
میان ابر سیه آفتاب پنهانست
Чу зери турраи шбрнги чеҳраи зебо
چو زیر طره شبرنگ چهره زیبا
зи издиҳоми саҳоби фазои олами кун
ز ازدحام سحاب فضای عالم کون
зи бас ки роҳи наёбад ба рӯй арзи зё
ز بس که راه نیابد به روی ارض ضیا
Раҳ нузул кунад гуми зи тирагии борон
ره نزول کند گم ز تیرگی باران
Аз он фурӯзад ҳрдми чароғи барқи ҳаво
از آن فروزد هردم چراغ برق هوا
Сипоҳи абр ба рӯй ҳавост чун зулмот
سپاه ابر به روی هواست چون ظلمات
Дарави ниҳон шудаи борон ба сони оби бақо
درو نهان شده باران بهسان آب بقا
зи бас ки муттасил ояд зи қатра расм шавад
ز بس که متصل آید ز قطره رسم شود
Ҳазор доира бар сатҳи об дар як ҷо
هزار دایره بر سطح آب در یک جا
Шудаст қавси қзҳ чун камони ҳаллоҷӣ
شدست قوس قزح چون کمان حلاجی
Ки пунба мезанад аз абр ва медиҳад ба ҳаво
که پنبه میزند از ابر و می دهد به هوا
Ба боғи шохи гули имрӯзи нойиб Мӯсо аст
به باغ شاخ گل امروز نایب موسی است
Каз остини худ оради буруни яди Байзо
کز آستین خود آرد برون ید بیضا
Ба васфи обу ҳаво чун шавам саҳифа нигор
به وصف آب و هوا چون شوم صحیفهنگار
Ҳазор ғунча маънӣ шавад шукуфтаи маро
هزار غنچه معنی شود شکفته مرا
Расед то ба забонам шукуфта ме гардад
رسید تا به زبانم شکفته میگردد
Ба об ва тоб кунам чун ҳадиси ғунчаи адо
به آب و تاب کنم چون حدیث غنچه ادا
Ба синаи ғунчаи пайкони шукуфта ҷо гирад
به سینه غنچه پیکان شکفته جا گیرد
Дарин ҳаво чу хадангӣ шавад зи шасти раҳо
درین هوا چو خدنگی شود ز شست رها
Ба даҳр ғунча нашукуфта ғунчаи дили мост
به دهر غنچه نشکفته غنچه دل ماست
Вагарна номӣ монадӣ зи ғунча чун анқо
وگرنه نامی ماندی ز غنچه چون عنقا
Шаҳоб нест ба шаб каз вуфӯри файз ба арз
شهاب نیست به شب کز وفور فیض به ارض
Ситора аз фалак ояд барои касби ҳаво
ستاره از فلک آید برای کسب هوا
Чунон ки рӯҳ Фзо гаштааст пиндорӣ
چنان که روحفزا گشته است پنداری
Ҳавои шамеми гирифтаи зи турбати Заҳро
هوا شمیم گرفته ز تربت زهرا
Чаҳ турбатӣ ки буд обрӯии гавҳари дайн
چه تربتی که بود آبروی گوهر دین
Чаҳ турбатӣ ки буд нури чашми нуру зё
چه تربتی که بود نور چشم نور و ضیا
Чаҳ турбатӣ ки расадгар ғубор ӯ ба фалак
چه تربتی که رسد گر غبار او به فلک
Ҳазор ҷон гиромӣ кунад ба нақди фидо
هزار جان گرامی کند به نقد فدا
Чаҳ турбатӣ ки буд нангаш аз гарон қадре
چه تربتی که بود ننگش از گرانقدری
Абири ҷайбу бағалгар намоядаши ҳўро
عبیر جیب و بغل گر نمایدش حورا
Хуҷастаи турбати покӣ ки гавҳари исмат
خجسته تربت پاکی که گوهر عصمت
Дарави гирифта чу дар дар дили садафи мأўо
درو گرفته چو دُر در دل صدف مأوا
Ниҳоли гулшани исмати гули ҳдиқаҳи дайн
نهال گلشن عصمت گل حدیقه دین
Сарвари сина бе кӣнаи расӯли худо
سرور سینه بیکینه رسول خدا
Гаронбаҳои садафи гавҳари ҳусайну ҳасан
گرانبها صدف گوهر حسین و حسن
Қиёси мунтаҷи қадари аъиммаи воло
قیاس منتج قدر ائمه والا
Натиҷае ки зи антоҷи қадар ӯ зоданд
نتیجهای که ز انتاج قدر او زادند
Натоиҷи караму илму адлу ҷӯаду сахо
نتایج کرم و علم و عدل و جود و سخا
Паии натоиҷи аҳадии ъушри з рӯй шараф
پی نتایج احدی عشر ز روی شرف
Алӣ муқаддама куброаст ва ӯ сғро
علی مقدمه کبریست و او صغرا
Зиҳии ҷалолат қадре ки зодаи насабаш
زهی جلالت قدری که زاده نسبش
Бузурги миллат ва дайнаст то ба рӯзи ҷазо
بزرگ ملت و دین است تا به روز جزا
Сиёдат аз шараф ӯст нури чашми насаб
سیادت از شرف اوست نور چشم نسب
Шарофат аз насаб ӯст тоҷи ъзу ъло
شرافت از نسب اوست تاج عز و علا
зи бандагони вафояш чаҳсора чаҳ ҳоҷар
ز بندگان وفایش چه ساره چه هاجر
зи доягони сароиш чаҳ Маряму ҳавво
ز دایگان سرایش چه مریم و حوا
Фаттон ба хок дараш садҳазори ҳўроўш
فتان به خاک درش صدهزار حوراوش
Давон ба гирди сараши садҳазори осияи со
دوان به گرد سرش صدهزار آسیهسا
Канизии ҳарамаши орзӯии бонӯии Миср
کنیزی حرمش آرزوی بانوی مصر
Гадоӣ дараш умеди подшоҳи сабо
گدایی درش امید پادشاه سبا
Ки буд ҷузи ваии бинт алрасул волбзъаҳ
که بود جز وی بنتالرسول والبضعه
Кро ҷуз ӯст лақаби албтўли волъзро
کرا جز اوست لقبالبتول والعذرا
Ҳануз тинат ҳавво нагашта буд хамир
هنوز طینت حوا نگشته بود خمیر
Ки буд номзадаш гашта сарварии нисо
که بود نامزدش گشته سروری نسا
Буд риояти исмат ба зоти покаши хатм
بود رعایت عصمت به ذات پاکش ختم
Чунон ки хатми набувват ба хоҷаи ду саро
چنان که ختم نبوت به خواجه دو سرا
Ба худ сипеҳр чаҳ миқдори азин ҳавас болид
به خود سپهر چه مقدار ازین هوس بالید
Ки гардад аз паии ҷоҳаши каминаи пардаи саро
که گردد از پی جاهش کمینه پردهسرا
Валек ғофили азин дар тариқи ақлу қиёс
ولیک غافل ازین در طریق عقل و قیاس
Ки дар ҳисоб чаҳ миқдор гунҷад аз дарё
که در حساب چه مقدار گنجد از دریا
Муқарнаси фалакаши поя эй зи қасри ҷалол
مقرنس فلکش پایهای ز قصر جلال
Мсдси ҷиҳаташи арсае зи саҳни саро
مسدس جهتش عرصهای ز صحن سرا
Фазои олами қадараш агар бпимоинд
فضای عالم قدرش اگر بپیمایند
Масоҳаташ накунад ваҳми ломакони пайдо
مساحتش نکند وهم لامکان پیدا
Арӯси канаи ҷалолаш ниқоб накушояд
عروس کنه جلالش نقاب نگشاید
Магар ба ҳиҷлаи илми худоӣ бе ҳамто
مگر به حجله علم خدای بیهمتا
Ба ваҳми арсаи қадараш наме тавон паймӯд
به وهم عرصه قدرش نمیتوان پیمود
Муҳӣтро натавон кард тай ба зӯри шино
محیط را نتوان کرد طی به زور شنا
Кунанд тӯли замони ҳалқаи ҳалқагар чу каманд
کنند طول زمان حلقه حلقه گر چو کمند
Ба авҷи қасри ҷалолаш ҳануз нест расо
به اوج قصر جلالش هنوز نیست رسا
Муҳӣти арса қадараш наметавонад шуд
محیط عرصه قدرش نمیتواند شد
Замон агар сари худро гиреҳ кунад барпо
زمان اگر سر خود را گره کند برپا
Дарин сухани сари мӯе на ҷой иғроқаст
درین سخن سر مویی نه جای اغراقست
Муҷаррадот бурунанд аз дайу фардо
مجردات برونند از دی و فردا
Ҳам ин замони тавил ва ҳам ин макони ариз
هم این زمان طویل و هم این مکان عریض
Назар ба олам қудсаст зарра дар саҳро
نظر به عالم قدس است ذره در صحرا
Ба чашми зоҳир , қадараш наме тавон дидан
به چشم ظاهر، قدرش نمیتوان دیدن
Нигоҳи зоҳирён аз куҷо ва ӯ зи куҷо
نگاه ظاهریان از کجا و او ز کجا
Ба чашми зоҳир агар ҳам назар кунӣ бинӣ
به چشم ظاهر اگر هم نظر کنی بینی
Ки рафтаи қадараш аз ҳарчӣ ҳаст бар боло
که رفته قدرش از هرچه هست بر بالا
Таҳорати насаб ӯро саломӣ аз одам
طهارت نسب او را سلامی از آدم
Ҷалолати ҳасб ӯро паёмӣ аз ҳавво
جلالت حسب او را پیامی از حوا
Шарофаташ ба азал бӯда ҳамАннани қадам
شرافتش به ازل بوده همعنان قدم
Ҷлолтш ба абади рафтаи ҳам рикоби бақо
جلالتش به ابد رفته هم رکاب بقا
Ба шери парваришаш доягӣ намӯда қадар
به شیر پرورشش دایگی نموده قدر
Ба ҳаҷари тарбияташ ёварӣ намӯда қазо
به حجر تربیتش یاوری نموده قضا
Агар ба ҳукми худ ӣнҷоаши ғасби ҳақи золим
اگر به حکم خود اینجاش غصب حق ظالم
Кунад , чаҳ мекунад онҷо ки ҳокимаст худо
کند, چه میکند آنجا که حاکم است خدا
Агарчӣ аизӣ ӯ саҳл дошт зин чаҳ кунад
اگرچه ایذی او سهل داشت زین چه کند
Ки кардааст худоу расӯлро аизо
که کرده است خدا و رسول را ایذا
Бзргўорои онӣ ки васфи рутбаи ту
بزرگوارا آنی که وصف رتبه تو
Ба Ҷабраилу худо ва фириштааст сазо
به جبرئیل و خدا و فرشته است سزا
Маро чаҳ ҳад ки кунам васфи рутбаи шаънат
مرا چه حد که کنم وصف رتبه شأنت
Маро чаҳ ҳад ки шавам дархури ту мадҳи саро
مرا چه حد که شوم درخور تو مدحسرا
Туе ки мадҳ ту карда худои ъзўҷл
تویی که مدح تو کرده خدای عزوجل
Туе ки васф туро карда хоҷаи ду саро
تویی که وصف ترا کرده خواجه دو سرا
Ниқоби қадар ту багушӯда « бзъаҳи манӣ »
نقاب قدر تو بگشوده «بضعه منی»
Улувваашон ту бинмуда аз « ман азоҳо »
علوشان تو بنموده از «من اذاها»
Чаҳ ҳоҷатаст ба таърифи рутбаи ?ут ки басӣ аст
چه حاجتست به تعریف رتبهات که بسی است
Улувваашон турои рутбаи аъиммаи гўо
علوشان ترا رتبه ائمه گوا
зи хизмати ту буд ҷброӣили миннати дор
ز خدمت تو بود جبرائیل منتدار
Ба доягии ту гарми шитоби лутфи худо
به دایگی تو گرم شتاب لطف خدا
Ба чокарӣ дарат осмони мродтлб
به چاکری درت آسمان مرادطلب
Ба хоки рӯбии ту офтоби коми раво
به خاکروبی تو آفتاب کامروا
Фалак ба роҳи вифоқ ту меравад шабу рӯз
فلک به راه وفاق تو میرود شب و روز
Аз он пуробила бошад ҳамешааш кафи по
از آن پرآبله باشد همیشهاش کف پا
Ғубори даргаати ороиши насими баҳор
غبار درگهت آرایش نسیم بهار
зи гирди боргаҳати об рӯй боди сабо
ز گرد بارگهت آبروی باد صبا
Ба рутба ту тавонад фалак ташаббуҳ кард
به رتبه تو تواند فلک تشبه کرد
Пурд ба болу пари офтоб агар ҳрбо
پرد به بال و پر آفتاب اگر حربا
Ману муносибати хизматат , зиҳии умед !
من و مناسبت خدمتت, زهی امید!
Ману мувофиқати тоъатати хуҷастаи раҷо !
من و موافقت طاعتت خجسته رجا!
Марои таваққуъи лутфат басаст ҳасани амал
مرا توقع لطفت بس است حسن عمل
Марои тавваҷуҳи фазлат басаст хайри ҷазо
مرا توجه فضلت بس است خیر جزا
Змн на дархури шаъни ту хидматии лоиқ
زمن نه درخور شأن تو خدمتی لایق
Змн на дар ҳақи ҷоҳати ситойишии бсзо
زمن نه در حق جاهت ستایشی بسزا
Ману ситоиши фазли ту даъвӣӣаст хилоф
من و ستایش فضل تو دعویی است خلاف
Ман ва сурудани мадҳати мзнаҳи исти хато
من و سرودن مدحت مظنهایست خطا
Марои зи даъвии мадҳат на ғайри азин матлаб
مرا ز دعوی مدحت نه غیر ازین مطلب
Марои зи лофи мдиҳт на ҳеҷ коми ало
مرا ز لاف مدیحت نه هیچ کام الا
Ки мӯътариф ба ҷалоли тавъами зиҳии тавфиқ
که معترف به جلال توأم زهی توفیق
Ки маърифат ба туам ҳосиласт шукри худо
که معرفت به توام حاصل است شکر خدا
Ҳамеша то ки зи лутфу зи қаҳр дар олам
همیشه تا که ز لطف و ز قهر در عالم
Муаззазанд аҳбои мзллнди аъдо
معززند احبا مذللند اعدا
Азизи лутфи ту бодо чу дӯстони файёз
عزیز لطف تو بادا چو دوستان فیاض
Зайли қаҳри ту аъдо ҳамеша дар ҳамаи ҷо
ذیل قهر تو اعدا همیشه در همهجا