То кӣ аз ҳут кунад ҷо ба ҳамли меҳри бадал

تا کی از حوت کند جا به حمل مهر بدل

эй хуши он рӯз ки на ҳут бимонад на ҳамл

ای خوش آن روز که نه حوت بماند نه حمل

Рӯзу шаб арбада доранд ба ҳам дар ттўил

روز و شب عربده دارند به هم در تطویل

Гоҳи он ақср азин ояд ва гоҳе атўл

گاه آن اقصر ازین آید و گاهی اطول

Шаб ки чун аввали зилли дувум аз ҳдмӣ рафт

شب که چون اول ظل دوم از حدمی رفت

Гашт аз кӯтаҳӣ аз сояи пешини эмил

گشت از کوتهی از سایه پیشین امیل

Рӯз каз субҳи нахустин нафасӣ кам ме зад

روز کز صبح نخستین نفسی کم می‌زد

Ҳамчуи воъиз ба дарозии нафаси гашт мисл

همچو واعظ به درازی نفس گشت مثل

Рӯзу шаб дар қасру тӯли гирифтору маро

روز و شب در قصر و طول گرفتار و مرا

Ғам кӯтоҳӣ умрасту дарозии амл

غم کوتاهی عمرست و درازی امل

Пеш пое натавон дид бойени шамъи ҳаёт

پیش پایی نتوان دید باین شمع حیات

Фикр мозӣ бигзорему ғами мстқбл

فکر ماضی بگذاریم و غم مستقبل

Дар чаман бар сар нозаст гули имрӯзу маро

در چمن بر سر نازست گل امروز و مرا

Ғам фардо нагузорад ки кунам фикри ғазал

غم فردا نگذارد که کنم فکر غزل

Сухан ҳар ки даройади з миён ме гуяд

سخن هر که درآید ز میان می‌گوید

Кас надидаст абадро зи гиребони азал

کس ندیدست ابد را ز گریبان ازل

Фикри урёнии худ пеш аз он кун ки туро

فکر عریانی خود پیش از آن کن که ترا

Дар бар рӯҳ шавад ҷомаи тани мустаъмал

در بر روح شود جامه تن مستعمل

Халъати зарди хазон чун з бар афканди чаман

خلعت زرد خزان چون ز بر افکند چمن

Сабза бар дӯши ваии афканди қабои махмал

سبزه بر دوش وی افکند قبای مخمل

Ту ҳам ин ҷомаи хокӣ агар аз бар фиканӣ

تو هم این جامه خاکی اگر از بر فکنی

Атласи чархи турои танги дарорад ба бағал

اطلس چرخ ترا تنگ درآرد به بغل

Ҳон баҳор омаду булбул ба тақозои насим

هان بهار آمد و بلبل به تقاضای نسیم

Фикр он карда ки сад қавли дарорад ба амал

فکر آن کرده که صد قول درآرد به عمل

Ман ки дар мактаби гули Тифли нахустин сабақам

من که در مکتب گل طفل نخستین سبقم

Булбул аз ман сабақ нағма гирифтӣ ба ҷзл

بلبل از من سبق نغمه گرفتی به جذل

Қудратам нест ки лаб тар кунам аз оби сухан

قدرتم نیست که لب تر کنم از آب سخن

Зуҳра ам нест ки андеша кунам тарҳи ғазал

زهره‌ام نیست که اندیشه کنم طرح غزل

Ҳар бағали пургул ва чун гулбун офат зада ман

هر بغل پرگل و چون گلبن آفت‌زده من

Барг сабзӣ натавонам ки дар орм ба бағал

برگ سبزی نتوانم که در آرم به بغل

Булбули оўозн ва ман гӯш бар овози ғамам

بلبل آوازن و من گوش بر آواز غمم

Гули назораи талабу дидаи гирифтори сбл

گل نظاره‌طلب و دیده گرفتار سبل

Шишаи ғунчаи пар аз лухти ҷигар дар дили боғ

شیشه غنچه پر از لخت جگر در دل باغ

Соғари лолаи пар аз бодаи хӯн бар сари тел

ساغر لاله پر از باده خون بر سر تل

Дар чунин фасл ки аз файз ҳаво наздикаст

در چنین فصل که از فیض هوا نزدیکست

Ғунчаро боз шавад уқдаи мо лоянҳал

غنچه را باز شود عقده ما لاینحل

Ғунчаи хотирам аз бас ки гиреҳ дар гиреҳ аст

غنچه خاطرم از بس که گره در گره است

Накушояд агарам ёру даройад ба бағал

نگشاید اگرم یار و درآید به بغل

Ҷӯй ашкаст равон бар руху акси рухи ман

جوی اشکست روان بر رخ و عکس رخ من

Ҳамчуи баррагӣ ки фитад гоҳи хазон дар ҷадвал

همچو برگی که فتد گاه خزان در جدول

Асари файзи ҳавои байн ки пар аз ахгари дил

اثر فیض هوا بین که پر از اخگر دل

Сабза чун ғунчаи даройад ба назарҳо минқал

سبزه چون غنچه درآید به نظرها منقل

Боғ чун нусхаи тасвири даройад ба назар

باغ چون نسخه تصویر درآید به نظر

Сӯрати ғунчау гули нимрху мстқбл

صورت غنچه و گل نیمرخ و مستقبل

Бскаҳи каҷ каҷ нигарад ҷониби сӯсан аз шарм

بسکه کج کج نگرد جانب سوسن از شرم

Бим бошад ки шавад дидаи наргиси аҳвал

بیم باشد که شود دیده نرگس احول

Муждаи ушшоқи чаманро ки ҳалоласт ҳалол

مژده عشاق چمن را که حلالست حلال

Бӯса аз кунҷи лаби ғунча чу об аз ҷадвал

بوسه از کنج لب غنچه چو آب از جدول

Гар надорад сари тасхири малики ҳамчуи парӣ

گر ندارد سر تسخیر ملک همچو پری

Гирди худ баҳр чаҳ аз ҳола кашад маи мндл

گرد خود بهر چه از هاله کشد مه مندل

Чашм захмӣ расад ар шиша майро дар боғ

چشم‌زخمی رسد ار شیشه می را در باغ

Асар наУмияаш зуд кунад сади халал

اثر نامیه‌اش زود کند سد خلل

эй дили имрӯзи мадаи домани риндӣ аз каф

ای دل امروز مده دامن رندی از کف

Кори фардои бикунади афви худои ъзўҷл

کار فردا بکند عفو خدا عزوجل

Фасл шӯхаст назарро нагузорад бе кор

فصل شوخست نظر را نگذارد بی‌کار

Ҳасан хубаст ки дониста кунад тарки ҷадал

حسن خوبست که دانسته کند ترک جدل

Шухӣ фасл баҳорасту марои пои талаб

شوخی فصل بهارست و مرا پای طلب

Дар нигораст з бетолеъӣ аз ранги Касал

در نگارست ز بی‌طالعی از رنگ کسل

Лек пинҳон назарӣ ҳаст маро дар чаманӣ

لیک پنهان نظری هست مرا در چمنی

Кин баҳораст аз он боғу чамани расму тлл

کاین بهارست از آن باغ و چمن رسم و طلل

Ин ҳамаи ҳасан ки бар хеши Фрўчидаҳи баҳор

این همه حسن که بر خویش فروچیده بهار

Нест чун ҳасани табиат ки мисоласт ва мисл

نیست چون حسن طبیعت که مثال است و مثل

Шоҳиди табъ агар парда кашад бинмоед

شاهد طبع اگر پرده کشد بنماید

Лолау гул ба мисли сӯрати ъзӣу ҳбл

لاله و گل به مثل صورت عزی و هبل

Ҷилва дар пардаи фонӯс табиат дорад

جلوه در پرده فانوس طبیعت دارد

Партави шамъи абдсўзи шабистони азал

پرتو شمع ابدسوز شبستان ازل

Шоҳиди ҳасан табиат накушуд миннати ранг

شاهد حسن طبیعت نکشد منت رنگ

Дар бар ҷавҳари зотӣ , чаҳ ҳиллӣ ва чаҳ ҳлл

در بر جوهر ذاتی، چه حلی و چه حلل

Софии тинати ойӣнаи баҳор аҷабӣ аст

صافی طینت آیینه بهار عجبی است

КоФтобш накушуд миннати таҳвили ҳамл

کافتابش نکشد منت تحویل حمل

Бар гулу лолаи ин боғу баҳор офат нест

بر گل و لاله این باغ و بهار آفت نیست

Дидаи оина бояд барӣ аз занги сбл

دیده آینه باید بری از زنگ سبل

Дили барин нақш бурунӣ наниҳад ошиқи ҳасан

دل برین نقش برونی ننهد عاشق حسن

Надиҳади хосияти рафъи сдоъи ин сандал

ندهد خاصیت رفع صداع این صندل

Шкрллаҳ ки ба мусаффоати фаромӯшии хеш

شکرلله که به مصفات فراموشی خویش

Кардаем оинаи ҳасани табиати сайқал

کرده‌ایم آینه حسن طبیعت صیقل

Маҳв дар партави шамъи чгли хеши шудем

محو در پرتو شمع چگل خویش شدیم

Сӯрат навъе ойӣна намудем бадал

صورت نوعی آیینه نمودیم بدل

Занг дар оинаи хотир ҳиммат нагузошт

زنگ در آینه خاطر همت نگذاشت

Сайқали хок дар даргаи султони аҷал

صیقل خاک در درگه سلطان اجل

Даргаи Подшаҳи сӯрату маънӣ ки буд

درگه پادشه صورت و معنی که بود

Аъло чархи барин дар бар қадараши асфал

اعلی چرخ برین در بر قدرش اسفل

Подшоҳӣ ки ба фармондиҳии ?данеу дайн

پادشاهی که به فرماندهی دنیی و دین

Ҳукм то ӯ ба абад меравад аз рӯзи азал

حکم تا او به ابد می‌رود از روز ازل

Бўмҳмди ҳасан бе алии алъскрии онк

بومحمد حسن بی علی العسکری آنک

Ду ҷаҳонро буд аз ҳишмат ӯ танги маҳал

دو جهان را بود از حشمت او تنگ محل

Вусъати арсаи малики вай аз он бештараст

وسعت عرصه ملک وی از آن بیشترست

Ки муҳӣти фалакаши танги дарорад ба бағал

که محیط فلکش تنگ درآرد به بغل

Остонаш кашад аз саҷдаи хуршеди сдоъ

آستانش کشد از سجده خورشید صداع

Посбонаш шавад озурдаи зи таъзими Зуҳал

پاسبانش شود آزرده ز تعظیم زحل

Гирд бар гирди ҷаҳон гар кашад аз ҳифзи ҳисор

گرد بر گرد جهان گر کشد از حفظ حصار

Лашкари ҳодиса дар даҳри наёбади мадхал

لشکر حادثه در دهر نیابد مدخل

Сокинон дараш аз давр чу назора кунанд

ساکنان درش از دور چو نظاره کنند

Дӯш бар дӯши бибинанди абадро ба азал

دوش بر دوش ببینند ابد را به ازل

Осмон аз асари саҷдаи хок дар ӯст

آسمان از اثر سجده خاک در اوست

Ҳиндӯии пер ки бар ҷабҳа бимолад сандал

هندوی پیر که بر جبهه بمالد صندل

Чун ба шаби мавкибаши оҳанг саворӣ гирад

چون به شب موکبش آهنگ سواری گیرد

Офтоб ояд ва дар пеш фитад чун машъал

آفتاب آید و در پیش فتد چون مشعل

Роҳ бар арз гар уфтад зпӣ уфтанд бароа

راه بر عرض گر افتد زپی افتند براه

Мозиш аз тарафӣ аз тарафии мстқбл

ماضیش از طرفی از طرفی مستقبل

Дар ҳаримаш ки зи астбрқ ва сндс фаршаст

در حریمش که ز استبرق و سندس فرشست

Атласи чарх гилӣмӣаст вале мустаъмал

اطلس چرخ گلیمی است ولی مستعمل

Чархи ҳаштум чаҳ кунад домани худ пари ахгар

چرخ هشتم چه کند دامن خود پر اخگر

Дархури маҷлис қадараш набӯд ин минқал

درخور مجلس قدرش نبود این منقل

Гар нагардад ба муроди хадамаши чархи барин

گر نگردد به مراد خدمش چرخ برین

Бим онаст ки маъзул кунандаш зи амал

بیم آنست که معزول کنندش ز عمل

Осмони сафи нъолисти зи маҳфили гуҳ ӯ

آسمان صف نعالیست ز محفل گه او

Ки дар он саф нарасад садрнишинӣ ба Зуҳал

که در آن صف نرسد صدرنشینی به زحل

Гар ба дашти хутани халқ ваяш уфтад роҳ

گر به دشت ختن خلق ویش افتد راه

Меҳр дигар накунад майли чарогоҳи ҳамл

مهر دیگر نکند میل چراگاه حمل

То буд нақли вай , аз ақл чаҳ миннати кас ро

تا بود نقل وی، از عقل چه منت کس را

Пеши хуршед чаҳ ҳоҷат ки фурӯзӣ машъал

پیش خورشید چه حاجت که فروزی مشعل

Бинад ар ақли дувуми мактаби илмаши тарсам

بیند ار عقل دوم مکتب علمش ترسم

Ки фаромӯш кунад суҳбати ақли аввал

که فراموش کند صحبت عقل اول

То ки шуд дояи тақдири қазо , кам пурвирд

تا که شد دایه تقدیر قضا، کم پرورد

Ин чини Тифл дар оғӯши мабодӣу илал

این چین طفل در آغوش مبادی و علل

Муддати ҷоҳу ҷалоли ту худо донаду бас

مدت جاه و جلال تو خدا داند و بس

Ба абад кас нараседаст ва надидаст азал

به ابد کس نرسیدست و ندیدست ازل

Сабаби зотии пайванди ҳаводис ба қадим

سبب ذاتی پیوند حوادث به قدیم

Иллати ғоеи эҷоди туе аз аввал

علت غایی ایجاد تویی از اول

Гар набӯдӣ шарафи зоти ту манзури қазо

گر نبودی شرف ذات تو منظور قضا

То абади коргаҳ чарх бимонадӣ мӯҳмал

تا ابد کارگه چرخ بماندی مهمل

Дар замини бӯси ту гардуни зи қазои сабқати хост

در زمین بوس تو گردون ز قضا سبقت خواست

Рӯзи аввал ки шуд оромгҳти ин мрҷл

روز اول که شد آرامگهت این مرجل

Ақли аввали зи камӣни бонг ба ваии барзад ва гуфт

عقل اول ز کمین بانگ به وی برزد و گفت

Ту ке то ки дарин силсилаи ҷӯии мадхал

تو کیی تا که درین سلسله جویی مدخل

Ин тҷрдгаҳ қудсасту қадамгоҳи қадам

این تجردگه قدس است و قدمگاه قدم

Ин саропардаи ъзсту ҳарамгоҳи азал

این سراپرده عزست و حرمگاه ازل

Ту ке то ки дарин пардаи шӯии муҳаррами роз

تو کیی تا که درین پرده شوی محرم راز

Ту ке то ки дарин зрўаҳи кашии рахти амл !

تو کیی تا که درین ذروه کشی رخت امل!

Ту туоне ки наҳй гом ба саҳрои қадам ?

تو توانی که نهی گام به صحرای قدم؟

Ту туоне ки зании боли таҷарруд ? лобл

تو توانی که زنی بال تجرد؟ لابل

Туу ҷнбондни гаҳвораи атфоли ҳудус !

تو و جنباندن گهواره اطفال حدوث!

Ту ва парвардани аҳФод ваамонеу амл !

تو و پروردن احفاد و امانی و امل!

Туу мсоҳии мтмўраҳи кону сикўн !

تو و مساحی مطموره کان و سیکون!

Ту ва паймудани байғӯлаи лӣату лаъл

تو و پیمودن بیغوله لیت و لعل

Ту расани тобии миқдор замон кун ки туро

تو رسن‌تابی مقدار زمان کن که ترا

Нарасад бартари азин пояи миқдору маҳал

نرسد برتر ازین پایه مقدار و محل

Рутбаи қадари ту ин бас ки кунӣ бегау гоҳ

رتبه قدر تو این بس که کنی بیگه و گاه

Дар нҳонхонаҳи мозии расади мстқбл

در نهانخانه ماضی رصد مستقبل

Чун қазои хиҷлат вай дид азин арбада гуфт

چون قضا خجلت وی دید ازین عربده گفت

К-эии сҷл бар рахт аз бе адабии ранги хаҷал

کای سجل بر رخت از بی‌ادبی رنگ خجل

Ҳеҷ кас нест дарин доираи маҳрӯми бҳл

هیچ‌کس نیست درین دایره محروم بهل

Ки равад кавкаби иқболи ту беруни зи сФл

که رود کوکب اقبال تو بیرون ز سفل

Ба ту ҳам мерасад ин рутбаи иззати Фосбр

به تو هم می‌رسد این رتبه عزت فاصبر

Ба ту ҳам медиҳад ин мартабаи рӯи лотъҷл

به تو هم می‌دهد این مرتبه رو لاتعجل

эй фалаки рутбаи ҷанобӣ ки надидаст чу ту

ای فلک رتبه جنابی که ندیدست چو تو

Ақл , ин пери куҳани соли вилоёти азал

عقل، این پیر کهن‌سال ولایات ازل

Бетакаллуф натавон гуфт ки бошад ба қиёс

بی‌تکلف نتوان گفت که باشد به قیاس

Сонии рутбаи ту рутбаи ақли аввал

ثانی رتبه تو رتبه عقل اول

Дар қадами гардиши афлоки хирад чун ту надид

در قدم گردش افلاک خرد چون تو ندید

Хоҳ аз арбоби милали хоҳ аз асҳоби дувал

خواه از ارباب ملل خواه از اصحاب دول

Ту ба як ҷилваи туоне здўли бурдани гӯй

تو به یک جلوه توانی زدول بردن گوی

Ту ба як нуктаи туоне ки кунӣ насхи милал

تو به یک نکته توانی که کنی نسخ ملل

Дар санои ту суханро нарасад ғайри гудоз

در ثنای تو سخن را نرسد غیر گداز

Ҳамчуи шабнам ки ба хуршеди даройад ба ҷадал

همچو شبنم که به خورشید درآید به جدل

Ман ки бошам ки сазоӣ ту кунам фикри мдиҳ

من که باشم که سزای تو کنم فکر مدیح

Ман ки бошам ки ба ишқ ту кунам тарҳи ғазал

من که باشم که به عشق تو کنم طرح غزل

Ин қадар ҳаст ки каф бар лаби ҷон май орм

این قدر هست که کف بر لب جان می‌آرم

То буд шавқи марои маҳмили ғами бори ҷамал

تا بود شوق مرا محمل غم بار جمل

Гар сароем на ба қонӯни адаби маъзӯрам

گر سرایم نه به قانون ادب معذورم

Ноқаи ишқ ҷарас карда ба ноқавси бадал

ناقه عشق جرس کرده به ناقوس بدل

То буд ҳасани амали раҳбари олам ба биҳишт

تا بود حسن عمل رهبر عالم به بهشت

То буд раҳзани ҷоҳили зи ҷинони тӯли амл

تا بود رهزن جاهل ز جنان طول امل

Майли файёз ба фирдавс дарат афзӯни бод

میل فیاض به فردوس درت افزون باد

То абади ин амалаши мояи даҳ ҳасани амал

تا ابد این عملش مایه ده حسن عمل