Моҳи нави ид ва сад чунин бод
ماه نو عید و صد چنین باد
Маймун ба мулозимони устод
میمون به ملازمان استاد
Устоди аҷалу садри аъзам
استاد اجل و صدر اعظم
Шоистаи раҳмати худодод
شایسته رحمت خداداد
Дарёии виқору кӯҳи тамкин
دریای وقار و کوه تمکین
Сарриштаи илму фазлу иршод
سررشته علم و فضل و ارشاد
Бо ин ҳама куҳнагӣ надорад
با این همه کهنگی ندارد
Гардун ба ҷаҳони назир ӯ ёд
گردون به جهان نظیر او یاد
Бунёни ифодаи мундарис буд
بنیان افاده مندرس بود
Бунёди улӯми ҷумла бар бод
بنیاد علوم جمله بر باد
Ҳаркас омад маримматӣ кард
هرکس آمد مرمتی کرد
ӯ тарҳи зи нави ниҳоди бунёд
او طرح ز نو نهاد بنیاد
Сад шукр ки то абади зи съиш
صد شکر که تا ابد ز سعیش
Маъмураи фазли гашти обод
معموره فضل گشت آباد
Дар тиби нуфуси кас чу ӯ нест
در طب نفوس کس چو او نیست
Гардӣдаам ин хароби обод
گردیدهام این خرابآباد
Аз нусха бе назири асфор
از نسخه بینظیر اسفار
Бемории ҷаҳлро шифо дод
بیماری جهل را شفا داد
Дӯшина ки маст фикр будам
دوشینه که مست فکر بودم
Бо ҷони ҳазину хотири шод
با جان حزین و خاطر شاد
Дар олам қудс ме паридам
در عالم قدس میپریدم
Аз қайд алоқа гашта озод
از قید علاقه گشته آزاد
Дар мактаби қудсён ки онҷо
در مکتب قدسیان که آنجا
Нафасаст Халифаи ақли устод
نفس است خلیفه عقل استاد
Дидам ки забони ақли фаъол
دیدم که زبان عقل فعال
Зини нуктаи ҳамин сурӯди аврод
زین نکته همین سرود اوراد
Ҳар зарра ки дар ҷаҳон ҷисм аст
هر ذره که در جهان جسم است
зи обоу зи ИМАоту авлод
ز آبا و ز امهات و اولاد
Шабаҳӣ дорад варои аҷсом
شبهی دارد ورای اجسام
Мислии дорад буруни зи абъод
مثلی دارد برون ز ابعاد
Сдролҳкмо ки модари табъ
صدرالحکما که مادر طبع
Фарзанди чунин ба даҳр кам зод
فرزند چنین به دهر کم زاد
Ман мисл ваем ба олами қудс
من مثل ویم به عالم قدس
Монанди ман ӯ ба дори абъод
مانند من او به دار ابعاد
Миъроҷи хаёл буд ва ман маст
معراج خیال بود و من مست
Кин муждаи баланд нашъа афтод
کاین مژده بلند نشئه افتاد
Ман ёд надорам ончӣ дидам
من یاد ندارم آنچه دیدم
Худ май доне дигар чаҳ рўдод
خود میدانی دگر چه روداد
Шоҳӣ чаҳ кунад касе ки аз сидқ
شاهی چه کند کسی که از صدق
Бо бандагии ту гашти муътод
با بندگی تو گشت معتاد
Тақдир нахоҳадаш гушӯдан
تقدیر نخواهدش گشودن
Ҳар уқда ки фитрат ту бикшод
هر عقده که فطرت تو بگشاد
Мушкил будӣ агар набӯдӣ
مشکل بودی اگر نبودی
Инсофи ту ёри одамии зод
انصاف تو یار آدمیزاد
Бисёр замона ҷустуҷӯ кард
بسیار زمانه جستجو کرد
То чун ту дарӣ ба дасташ афтод
تا چون تو دری به دستش افتاد
эй гавҳари қӣматии зи дастат
ای گوهر قیمتی ز دستت
Осони осон наметавон дод
آسان آسان نمیتوان داد
Хоҳам шимурами фазойилат ро
خواهم شمرم فضایلت را
Лекини з куҷо биорам аъдод
لیکن ز کجا بیارم اعداد
Калаки ту калид мушкилот аст
کلک تو کلید مشکلات است
Ҳар уқда ки баста буд бикшод
هر عقده که بسته بود بگشاد
Кӯи афлотӯну кӯи Арастӯ
کو افلاطون و کو ارسطو
Ҳо ман шогирд ваҳо ту устод
ها من شاگرد و ها تو استاد
Дар хизмат ту нишаста будем
در خدمت تو نشسته بودیم
Дируз ба хотири хушу шод
دیروز به خاطر خوش و شاد
Шуд шоҳиди фазлат аз сари ноз
شد شاهد فضلت از سر ناز
Дар ҷилва ва , дод дилбарӣ дод
در جلوه و، داد دلبری داد
Аз ишваи он париваши шӯх
از عشوه آن پریوش شوخ
Шурӣ ба миён маҷлис афтод
شوری به میان مجلس افتاد
Дилдода агарчӣ дошт бисёр
دلداده اگرچه داشت بسیار
Ошиқи дили худ ба тозагӣ дод
عاشق دل خود به تازگی داد
Бар ошиқи тозае вафои кеш
بر عاشق تازه ای وفا کیش
Раҳмӣ ки надидаи ҷавру бедод
رحمی که ندیده جور و بیداد
Имрӯз шунидаам ки он моҳ
امروز شنیدهام که آن ماه
Дар мактаб қудсён шуд устод
در مکتب قدسیان شد استاد
Ман бар сари кӯча аш нишинам
من بر سر کوچهاش نشینم
То онкӣ шавад зи мактаби озод
تا آنکه شود ز مکتب آزاد
То ноз кунад ҷавон ба ошиқ
تا ناز کند جوان به عاشق
То ошиқ азуаст масти бедод
تا عاشق ازوست مست بیداد
Маъшӯқи сифат ҳамеша бошӣ
معشوق صفت همیشه باشی
Шодону тараби кунону дилшод
شادان و طربکنان و دلشاد
Бадхоҳи ту ҳамчуи бахти ошиқ
بدخواه تو همچو بخت عاشق
Аз сафҳаи рӯзгори гуми бод
از صفحه روزگار گم باد