Таркиши нози ту аз ғамза дигар тир надошт

در غضب رفتی و دل دوش از تو کامی برنداشت

Варна аз мо сари мӯи он мижа тақсир надошт

کس به غیر از ساغر می لب ز لعلت تر نداشت

Саъй кардему гиреҳ во нашуд аз риштаи кор

در ادای درد دل، چندان که امشب پیش یار

Панҷаи чораи мо нохун таъсир надошт

همچو اشک از پوست بیرون آمدم باور نداشت

Дил гирифт аз чамани имшаб ки гирифтори туро

کشت آخر آسمان ما را به صد افسردگی

Савти булбули асари нола занҷир надошт

آتشِ ما را نگه این مشت خاکستر نداشت

Гулшани ишқ ҳаво дошт вале дар чаманаш

در ره امید او چون گرد ننشستم به خاک

По кашидем ки як гӯша дилгир надошт

کز رهم از باد دامان تغافل برنداشت

Сари зи савдои ту беруни набарди каси файёз

از نگه چون چشم او فیّاض را شرمنده کرد

Ҳаргизи ин хоби парешони ту таъбир надошт

آب شد بیچاره آخر چارهٔ دیگر نداشت