Ҳарза камар набастаам кӣнаи рӯзгор ро

هرزه کمر نبسته‌ام کینة روزگار را

Ёвар хеш кардаам соҳиби зулфиқор ро

یاور خویش کرده‌ام صاحب ذوالفقار را

Бими хазон чаҳ мекунад дар чамани умеди ман

بیم خزان چه می‌کند در چمن امید من

Ман ки ба ашки оташини оби даҳуми баҳор ро

من که به اشک آتشین آب دهم بهار را

Моу умеди саҷдаи хоки дарӣ ки то абад

ما و امید سجدة خاک دری که تا ابد

Серума ваъда медиҳад дидаи интизор ро

سرمة وعده می‌دهد دیدة انتظار را

Сина ба доғи дили даҳум , дар ғами ишқ то ба кӣ

سینه به داغ دل دهم، در غم عشق تا به کی

Дар шиканам ба коми дили ҳасрати лолаи зор ро

در شکنم به کام دل حسرت لاله‌زار را

Сар накушуд зи хоки ғами донаи орзӯии ман

سر نکشد ز خاک غم دانة آرزوی من

Чанд шафиъ оварам дидаи ашкбор ро

چند شفیع آورم دیدة اشکبار را

Ҷайби нафас чаҳ май дарди нолаи дилкашӣ ки ман

جیبِ نفس چه می‌درد نالة دلکشی که من

Дар каф ишқ додаам домани ихтиёр ро

در کف عشق داده‌ام دامن اختیار را

Чанд чу файёз кунад дидаи ман қатори ашк

چند چو فیّاض کند دیدة من قطار اشک

Гиряи бурун наме барад аз дили ман ғубор ро

گریه برون نمی‌برد از دل من غبار را