Таманнои ту ҷони андари тани оради нақши дебо ро

تمنّای تو جان اندر تن آرد نقش دیبا را

Лаби лаъли ту бар лаб оварад ҷони масеҳо ро

لب لعل تو بر لب آورد جان مسیحا را

Касеро кӯи саводи зулф равшан шуд гумон дорам

کسی را کو سواد زلف روشن شد گمان دارم

Тавонад хонд хати сарнавишти толеъи мо ро

تواند خواند خط سرنوشت طالع ما را

Ба ҷурми як назар бе эътидолии интиқоми ишқ

به جرم یک نظر بی‌اعتدالی انتقام عشق

Нишонди охир ба рӯзи пери канъонии Зулайхо ро

نشاند آخر به روز پیر کنعانی زلیخا را

Пар аз хӯнаст дил ҳар чанд чашмами ҳарза харҷӣ кард

پر از خونست دل هر چند چشمم هرزه خرجی کرد

Ғамӣ аз боди дастиҳои Нитсаон нест дарё ро

غمی از باد دستی‌های نیسان نیست دریا را

Ба чини зулф ӯ аз тираи бахтиҳо чаҳ ғам дорам

به چین زلف او از تیره‌بختی‌ها چه غم دارم

Ки оҳами чашм равшан мекунад шабҳои ялдо ро

که آهم چشم روشن می‌کند شب‌های یلدا را

Румузи ишқ доне шуд мусаллам бар адоФҳмӣ

رموز عشق دانی شد مسلّم بر ادافهمی

Каз абрӯии мъмогўӣ ӯ дарёбад ?има ро

کز ابروی معمّاگوی او دریابد ایما را

Нишони каъбаи мақсӯд дар дил буд ва мо ҳарза

نشان کعبة مقصود در دل بود و ما هرزه

Ба гом саъй паймӯдем чандини дашту саҳро ро

به گام سعی پیمودیم چندین دشت و صحرا را

Мусалсал шуд ҳадиси зулфи хубони коши як чанде

مسلسل شد حدیث زلف خوبان کاش یک چندی

зи сар берун кунам аз пухтагии ин хоми савдо ро

ز سر بیرون کنم از پختگی این خام سودا را

Ба нокомии ниҳодами дили зсди мақсӯд чун файёз

به ناکامی نهادم دل زصد مقصود چون فیّاض

Дар оби дидаи шастами дафтари арзи таманно ро

در آب دیده شستم دفتر عرض تمنّا را