Накард нохуни тадбири асари дили мо ро

نکرد ناخن تدبیر اثر دل ما را

Магари хаданг ту бигушоед ин муаммо ро

مگر خدنگ تو بگشاید این معمّا را

Фарохи айшии мавҷами зи рашк май сӯзад

فراخ عیشی موجم ز رشک می‌سوزد

Ки танг дар бағал овардааст дарё ро

که تنگ در بغل آورده است دریا را

Фурухтем ба як тори зулф ӯ дилу дайн

فروختیم به یک تار زلف او دل و دین

Агар ба ҳам назанад зулфи ёри савдо ро

اگر به هم نزند زلف یار سودا را

Чаҳ гӯнаи ншкндми дил ки заҳри ғамзаи ту

چه‌گونه نشکندم دل که زهر غمزة تو

Шикаст бар рухи хуршеди ранги симо ро

شکست بر رخ خورشید رنگ سیما را

Малоҳати шукрати шӯр дар ҷаҳони афканд

ملاحت شکرت شور در جهان افکند

Намак накарда касе ҷузи лаби ту ҳалво ро

نمک نکرده کسی جز لب تو حلوا را

Ба чашм бохтанаши васли Юсуфи арзонӣ

به چشم باختنش وصل یوسف ارزانی

Ки бардааст дарин бохтани Зулайхо ро

که برده است درین باختن زلیخا را

зи дида бе ту нигаҳро фиканд аз он файёз

ز دیده بی‌تو نگه را فکند از آن فیّاض

Ки берахт натавон дид чашми бино ро

که بی‌رخت نتوان دید چشم بینا را