Кӣ май даҳум ба ҷинси давои нақди дардро !

کی می‌دهم به جنس دوا نقد درد را!

Савдо ба хӯн менакунам ранги зард ро

سودا به خونِ می نکنم رنگ زرد را

Аз ҳар чаҳ буд чашм ба зулф ту дӯхтам

از هر چه بود چشم به زلف تو دوختم

Занҷир кардам ин нигаҳи ҳарзаи гирд ро

زنجیر کردم این نگه هرزه‌گرد را

Гармӣ макун ба ғайр , мабодо ки ногаҳон

گرمی مکن به غیر، مبادا که ناگهان

Беруни даҳуми зи синаи гарми оҳи сард ро

بیرون دهم ز سینة گرم آه سرد را

Гоҳе фитад ба мо нигаҳи шӯхи чашми ёр

گاهی فتد به ما نگه شوخ چشم یار

Кардем роми оҳӯии сҳронўрд ро

کردیم رام آهوی صحرانورد را

Файёз шуд малул ки ёрб ғубор кист

فیّاض شد ملول که یارب غبارِ کیست

Бар дарга ту дид чу бинишаста гирд ро

بر درگه تو دید چو بنشسته گرد را