Шаби зи нозати базми дил бар биқророни танг буд

امشب که دست نالة زارم بساز بود

Арсаи умед бар умедворони танг буд

در بزم دل، مدار به سوز و گداز بود

Доғи ғам дар синаи ман ком болидан гирифт

چشم سفید گشته گرفتم به لخت دل

Варна ҷои ин лоларо дар кӯҳсорони танг буд

این بود بر رخم در صبحی که باز بود

Бскаҳи пар буд аз навой нолаи ман саҳни боғ

یک دم که تُرک چشم تو غافل ز ما گشت

Кӯчаи минқор бар савти ҳазорон танг буд

یک عمر در ولایت ما ترکتاز بود

Гиряи ман кӯҳро ҳам бо замин ҳамвор кард

هر جا که اهل دل نفس گرم می‌زدند

Домани саҳро барои оби борони танг буд

آهم به یاد نخل قدت سرفراز بود

Шуд хазону ғунчаи дил ҳамчунон нашукуфта монад

تا از گل تو بوی حقیقت شنیده‌ام

Бскаҳи олам бетуам дар навбаҳорони танг буд

کارم مدام تربیت این مجاز بود

Халъати иззат бадал кардем бо ташрифи фақр

گشتیم پیرو بخت جوانی نشد نصیب

Ин қабо бар қомат бе эътиборони танг буд

این عمرِ بی‌نصیبی ما خوش دراز بود

Бо вуҷӯди онкии ҷо дар маҷлисӣ кам доштем

فیّاض نازها که کشد از نیاز ما؟

Муддатӣ аз паҳлавии мо ҷои ёрони танг буд

نازی که از نیاز جهان بی‌نیاز بود