Шаробам ишва ёрасту соғари чашми махмураш
خرد گو بیم کمتر ده که آزادم ز تأییدش
Муҳаббати нашъаи саршорашу девонагии шӯриш
به فتوای جنون دیگر نخواهم کرد تقلیدش
Кадомин бодаи соқӣ дар қадаҳ дорад дигар имшаб
جنون در لجّهای آواره دارد کشتی شوقم
Ки бо ҳар қатра меҷӯшад ба даъвии хӯни Мансураш
که بیم صد خطر میجوشد از هر موج امیدش
Дилам дар маҳфилии парвонаи шамъ таҷаллӣ шуд
من و سیر گلستانی که هنگام خزان در وی
Ки дар маъмураи эмин на Мӯсо буд ва на тавраш
توانم میوة خورشید چید از سایة بیدش
Дил аз пои малахи арзи таҷаммул дар назар дорад
به خون عیش شستم دست خواهش اندر آن کشور
Дар он водӣ ки аз ваҳшат сулаймонӣаст ҳар мӯраш
که ماتم میبرد گلگونه از رخسارهٔ عیدش
Дилӣ каз чини зулфии гӯша осоишӣ дорад
صفای باطن صافیدلان باده از ما پرس
Тавонад ноз кардан то абад бар чину фағфураш
که با خشت سر خم فارغم از جام جمشیدش
Зафар дар нотавониҳост мардони раҳи дил ро
فلک گر در غبار خاطر ما دامن آلاید
Чаро Фарҳод менозад бад-ӣни бозуии пари зӯраш
به آب صبح نتوان شست گرد از روی خورشیدش
зи рӯҳи ҳофизами файёзи ин файзаст арзонӣ
ز آباد دو عالم کرده خوش ویرانهٔ غم را
Ки турбат то абад аз файзи маънии боди пари нураш
بنازم همّت فیّاض و این اندازهٔ دیدش