Вақт шуд каз ситамати ҷомаи ҷони чоки занам

جا در دل پاک تو نمودن نتوانم

Чоки бедоди ту дар перҳани хоки занам

چون گرد بر آن آینه بودن نتوانم

Хӯни андешаи зи савдои ту фосид шудаи кош

مژگان شکند خار به چشمم شب دوری

Нашутур барқи ҷунун бар раги идроки занам

گر بخت شوم بی‌تو غنودن نتوانم

Бскаҳи савдои ту печид ба дил наздикаст

بر چهره اگر گرد ملالی ننشیند

Барқи оҳӣ шуда дар хирмани афлоки занам

رخساره به آیینه نمودن نتوانم

Май хунобаи дили нашъа дигар дорад

شد خاک سرم در ره بیداد تو ای وای

То ба кӣ ғӯта ба хӯни ҷигари токи занам

از خرمن حسن تو ربودن نتوانم

Шишаи ҳўсаҳи лабрез ҷунун шуд пас аз ин

چون کاهربا گشته‌ام، اما پر کاهی

Дар бе тоқатии ҳалқаи фитроки занам

از خرمن حسن تو ربودن نتوانم

эй хушо бахт ки аз серумаи хоки қидмат

ذوق سفرم گرم چنان کرده که دیگر

Об бар оташи ин дидаи ғамноки занам

گر یار کند وعده که بودن، نتوانم

Доғи оҷизи кашем варна тавонам файёз

فیّاض اگر صیقف دیدار نباشد

Лашкари шуълаи кашам бар сафи хошоки занам

زآیینة دل زنگ زدودن نتوانم