Биёи соқӣу оташ дар зани ин зуҳди рёӣӣ ро
بیا ساقیّ و آتش در زن این زهد ریائی را
Чу зоҳид то ба кӣ созами бути худ порсое ро
چو زاهد تا به کی سازم بت خود پارسایی را
Ба коҳи ишқи кӯҳии брнёид , зӯри бозуи байн
به کاه عشق کوهی برنیاید، زور بازو بین
Ки чун бо нотавонӣ мекунад хайбари гушойиро !
که چون با ناتوانی میکند خیبر گشایی را!
Сабки парвозтар дар авҷи ҳиммат ҳар ки фориғ тар
سبک پروازتر در اوج همّت هر که فارغتر
Ба ҷои бол ва пар доранд мардон бенавое ро
به جای بال و پر دارند مردان بینوایی را
Ба лофи дониш аз кашфи ҳақоиқ ақл ме нозад
به لاف دانش از کشف حقایق عقل مینازد
Гулӣ бар сар бааст аз сад гулистони рӯстоӣ ро
گلی بر سر به است از صد گلستان روستایی را
Ба истиғнои зи мардуми дасти музд ишва ме хоҳад
به استغنا ز مردم دستمزد عشوه میخواهد
Ба ном подшоҳӣ мекунад зоҳиди гадоӣ ро
به نام پادشاهی میکند زاهد گدایی را
Наҷоти ишқ дар саргаштагӣ бошад наме донад
نجات عشق در سرگشتگی باشد نمیداند
Дарин дарё ба ҷузи боди мухолифи нохудоӣ ро
درین دریا به جز باد مخالف ناخدایی را
Ба тан бе ҷост номи одамият , кор ҷон дорад
به تن بیجاست نام آدمیّت،کار جان دارد
Зании овоза ва бошад нафас дар ранҷи ное ро
زنی آوازه و باشد نَفَس در رنج نایی را
Турогар шеваи ғайр аз бандагӣ бошад худо донад
ترا گر شیوه غیر از بندگی باشد خدا داند
Ки бар зоти ту тӯҳмат ме тавон кардани худоӣ ро
که بر ذات تو تهمت میتوان کردن خدایی را
Назокат чун шукр файёз ҷӯшад аз неи калакам
نزاکت چون شکر فیّاض جوشد از نی کلکم
Расонидам ба ҷои нозукии нозуки адое ро
رسانیدم به جای نازکی نازکادایی را