эй турои ҷилваи хушу қомати раънои мавзун
تا دورم از تو ای بت نامهربان من
Ҳамаи андоми ту некӯи ҳамаи аъзои мавзун
دورست شادمانی عالم ز جان من
Байти абрӯии ту нохун ба ҷигар беш занад
چندان بگریم از غم دوری که سیل اشک
Гарчи девон рахт ҳаст саропои мавзун
چون خس به کوی دوست برد استخوان من
Гарна андешаи он қомат раъно бошад
با آنکه عمر من همه با یاد او گذشت
Мисраӣ сар назанад то абад аз мо мавзун
هرگز نگفت: یاوه سگ آستان من
Ҷилва биҷо накунӣ зонка чу биҷо бошад
جز گریه کس نکرده شبی میل صحبتم
Мисраӣ мешавад аз як ҳаракати номавзун
جز ناله کس نبوده دمی همزبان من
Ишқро бош кигар ишқ набошад файёз
فیّاض خوش دگر به زبانها فتادهای
Нуктае сар назанад аз дили донои мавзун
ترسم به گوش غیر رسد داستان من