эй онкӣ ҳар дам аз нигаҳи длнўози хеш

ای آنکه هر دم از نگه دلنواز خویش

Ҷон дигар ба қолаби ҳасрат равон кунӣ

جان دگر به قالب حسرت روان کنی

Бар лаб чу навбаҳор табассум кунӣ сиблат

بر لب چو نوبهار تبسّم کنی سبیل

Рухсори озро чу рух гулистон кунӣ

رخسار آز را چو رخ گلستان کنی

Ҷўҳрнмо кунад чу ғазаби теғи абрӯат

جوهرنما کند چو غضب تیغ ابروت

Гулзори ранги чеҳраи гулро хазон кунӣ

گلزار رنگ چهرة گل را خزان کنی

Бо душманони даройӣ чун буии гул ба хор

با دشمنان درآیی چون بوی گل به خار

Вази дӯстон чу боди сабои сар гарон кунӣ

وز دوستان چو باد صبا سر گران کنی

Ман худ нагӯям инки дар атвори дӯстӣ

من خود نگویم اینکه در اطوار دوستی

Бо ғайр чун нишинӣ ва бо ман чаҳ сон кунӣ ?

با غیر چون نشینی و با من چه‌سان کنی؟

Лекини ду байт бар ту зи назми ягона Эй

لیکن دو بیت بر تو ز نظم یگانه‌ای

Хонам бони умед ки шояд равон кунӣ

خوانم بآن امید که شاید روان کنی

Дорам васиятӣ ба ту эй душмани дилам

دارم وصیّتی به تو ای دشمن دلم

Хоҳам ғалат кунӣ туу гӯшӣ ба он кунӣ

خواهم غلط کنی تو و گوشی به آن کنی

Мафруш дӯст бар сари бозори душманон

مفروش دوست بر سر بازار دشمنان

Тарсами дарин муомилаи охир зиён кунӣ

ترسم درین معامله آخر زیان کنی