Олами тамоми навҳаи кунон аз барои кист ?

عالم تمام نوحه‌کنان از برای کیست؟

Даврони сиёҳи пӯши чунин дар азоӣ кист ?

دوران سیاه‌پوش چنین در عزای کیست؟

Нилии чўости хайма на тӯии осмон ?

نیلی چواست خیمة نه توی آسمان؟

Ҷайби уфуқ дарида задаст ҷафоӣ кист ?

جیب افق دریده زدست جفای کیست؟

Дигари ғам ки гӯнаи хуршедро шикаст ?

دیگر غم که گونه خورشید را شکست؟

Бар рӯй маи хароши клФ зобтлоӣ кист ?

بر روی مه خراش کلف زابتلای کیست؟

Аз ғам сиёҳ шуд дару девори рӯзгор

از غم سیاه شد در و دیوار روزگار

Ин тираи фоми ғамкадаи мотам сарой кист ?

این تیره‌فام غمکده ماتم‌سرای کیست؟

Ин сандалии махмали мишкӣн ба рӯй чарх

این صندلی مخمل مشکین به روی چرخ

Каз шаҳриёри хеши тиҳии монда , ҷой кист ?

کز شهریار خویش تهی مانده، جای کیست؟

Хӯни шафақ ба чеҳра айём рехтанд

خون شفق به چهرة ایام ریختند

Гулҳои ин чаман дигар аз хор пой кист ?

گل‌های این چمن دگر از خار پای کیست؟

Хӯн дар танӣ намонад ва ҳамон гиря дар талош

خون در تنی نماند و همان گریه در تلاش

Печида дар гулӯии нафас ҳоиҳои кист ?

پیچیده در گلوی نفس‌ هایهای کیست؟

Аз истимоъи нолаи дил аз кор ме равад

از استماع ناله دل از کار می‌رود

Ин неш дода сар ба раги ҷон , навой кист ?

این نیش داده سر به رگ جان، نوای کیست؟

Дилҳо кабоби гашту дарунҳо хароб шуд

دل‌ها کباب گشت و درون‌ها خراب شد

Ин оҳи дардноки дил мубталоӣ кист ?

این آه دردناک دل مبتلای کیست؟

Бар каф ниҳодаанд ҷаҳонии матоъи ҷон

بر کف نهاده‌اند جهانی متاع جان

Даъвии ҳамон ба ҷост магар хунбҳои кист ?

دعوی همان به‌جاست مگر خونبهای کیست؟

Сар то сари сипеҳри пар аз дӯд мотам аст

سر تا سر سپهر پر از دود ماتم است

Охир хабар кунед ки инҳо барои кист ?

آخر خبر کنید که اینها برای کیست؟

Гуё мусӣбати ҳамаи дил ҳои мубталост

گویا مصیبت همه دل‌های مبتلاست

Яъне азои шоҳ шаҳидон Карбалост

یعنی عزای شاه شهیدان کربلاست

Он шаҳсавори маъракаи Карбалои ҳусайн

آن شهسوار معرکة کربلا حسین

Меҳмони наврасидаи дашти балои ҳусайн

مهمان نورسیدة دشت بلا حسین

Гулдастаи баҳори имомат ба боғи дайн

گلدستة بهار امامت به باغ دین

Он нахли нозпрўри лутфи худои ҳусайн

آن نخل نازپرور لطف خدا حسین

Он ху ба ноз карда оғӯши Ҷабраил

آن خو به ناز کردة آغوش جبرئیل

Он пораи дилу ҷигари Мустафои ҳусайн

آن پارة دل و جگر مصطفی حسین

Он нури дидаи дили Заҳроу Муртазо

آن نور دیدة دل زهرا و مرتضی

Яъне бародари ҳасани Муҷтабои ҳусайн

یعنی برادر حسن مجتبی حسین

Афтода дар миёнаи бегонагони дайн

افتاده در میانة بیگانگان دین

Беғмгсор ва бекас ва бе ошнои ҳусайн

بی‌غمگسار و بی‌کس و بی‌آشنا حسین

Шахси ҳаёу хастаи хасмон бе ҳаё

شخص حیا و خستة خصمان بی‌حیا

Кони вафоу куштаи теғи ҷафои ҳусайн

کان وفا و کشتة تیغ جفا حسین

Он хонда ба рағбату афканда ба ҷавр

آن خواندة به‌رغبت و افکندة به جور

Дар дасти кӯфӣони дағои мубталои ҳусайн

در دست کوفیان دغا مبتلا حسین

Аз кӯфӣони нокас ва аз шомёни дун

از کوفیان ناکس و از شامیان دون

Дар Карбалои нишонаи тири балои ҳусайн

در کربلا نشانة تیر بلا حسین

Аз душманони шикаста ба дили хори сад ҷафо

از دشمنان شکسته به دل خار صد جفا

Вази дӯстони надидаи насими вафои ҳусайн

وز دوستان ندیده نسیم وفا حسین

Монанди мавҷи лолау гул дар раҳи насим

مانند موج لاله و گل در ره نسیم

Бар хӯн хештан зада пари дасту пои ҳусайн

بر خون خویشتن زده پر دست و پا حسین

Онки ҷафои душман ва инак вафои дӯст

آنک جفای دشمن و اینک وفای دوست

Бе баҳраи ҳам зи душман ва ҳам дӯст ё ҳусайн

بی‌بهره هم ز دشمن و هم دوست یا حسین

Зини дарди пои ъушрати дунё ба хоб рафт

زین درد پایِ عشرت دنیا به خواب رفت

Ин гирд то ба оина офтоб рафт

این گرد تا به آینة آفتاب رفت

Гар сарфи мотами шаҳ даврон шавад кам аст

گر صرف ماتم شه دوران شود کم است

Ҳар гиря эй ки вақф бар авлод одам аст

هر گریه‌ای که وقف بر اولاد آدم است

Ҷо дорад ар чу абрӯӣ хубон шавад сиёҳ

جا دارد ار چو ابروی خوبان شود سیاه

Ин тоқи сарнигӯн , ки ҳилол муҳаррам аст

این طاق سرنگون، که هلال محرم است

Аз бори ғами хамидаи қади моҳи нав , балӣ

از بار غم خمیده قد ماه نو، بلی

Пушти сипеҳр низ азин ғуссаҳо хам аст

پشت سپهر نیز ازین غصه‌‌ها خم است

Оўхи зи гиряи хезии ин дарди гиряи сӯз

آوخ ز گریه‌خیزی این درد گریه‌سوز

Ҳар дидаи гашти хушки ҳамон диҷла ӣам аст

هر دیده گشت خشک همان دجله یم است

Моҳ муҳаррам омаду ъушрати ҳароми гашт

ماه محرم آمد و عشرت حرام گشت

Бози аввали мусӣбату бози аввал ғам аст

باز اول مصیبت و باز اول غم است

Боз он дамаст онкии зи баси растхези халқ

باز آن دمست آنکه ز بس رستخیز خلق

Уфтанд дар гумон ки қиёмати ҳамин дам аст

افتند در گمان که قیامت همین دم است

Зини ғуссаи бскаҳи хотири хуршед тира шуд

زین غصه بسکه خاطر خورشید تیره شد

Субҳӣ ки сар занад зи уфуқ , шом мотам аст

صبحی که سر زند ز افق، شام ماتم است

То рӯзгори дили ҳамаи оҳ паёпай аст

تا روزگار دل همه آه پیاپی است

То шаби мадори дида ба ашк дамодам аст

تا شب مدار دیده به اشک دمادم است

Дар пеши мавҷи гиряи заминро чаҳ эътибор

در پیش موج گریه زمین را چه اعتبار

Ин сайлро муомила бо арш аъзам аст

این سیل را معامله با عرش اعظم است

Дар дашти дили қиёмати дилҳои мурда кард

در دشت دل قیامت دل‌های مرده کرد

Ин нолаи гирифта ки бо сувар тавъам аст

این نالة گرفته که با صور توأم است

Чун аҳли дили матоъи ғам дил кунанд арз

چون اهل دل متاع غم دل کنند عرض

Дардӣаст инки бар ҳамаи дардӣ мақдам аст

دردی است اینکه بر همه دردی مقدم است

Оўх ки умри хандаи шодӣ тамом шуд

آوخ که عمر خنده شادی تمام شد

Ҷузи оби шӯри гиря ба мардум ҳаром шуд

جز آب شور گریه به مردم حرام شد

Ҳар соли тозаи хӯни шаҳидони Карбало

هر سال تازه خون شهیدان کربلا

Чун лола май дамади зи биёбони Карбало

چون لاله می‌دمد ز بیابان کربلا

Ин тозатар ки меравад аз чашми мо бурун

این تازه‌تر که می‌رود از چشم ما برون

Хӯнӣ ки хӯрдаанд ятемони Карбало

خونی که خورده‌اند یتیمان کربلا

Омад фурӯду ҷумла ба дилҳои мо нишаст

آمد فرود و جمله به دل‌های ما نشست

Гардӣ ки шуд баланд ба майдони Карбало

گردی که شد بلند به میدان کربلا

Ин боғбон ки буд ки нодода оби чид

این باغبان که بود که ناداده آب چید

Чандини гули шукуфтаи зи бустони Карбало

چندین گل شکفته ز بستان کربلا

Гулбун ба ҷои гули дил хунин диҳад ба бор

گلبن به جای گل دل خونین دهد به بار

Хӯн хӯрдааст хоки гулистони Карбало

خون خورده است خاک گلستان کربلا

Оҳ аз дамӣ ки бекас ва беёр ва ҳамнишин

آه از دمی که بی‌کس و بی‌یار و همنشین

Танҳо бимонад рустами дастони Карбало

تنها بماند رستم دستان کربلا

Дод он гулӣ ки буд гули домани расӯл

داد آن گلی که بود گل دامن رسول

Доман ба дасти хори биёбони Карбало

دامن به دست خارِ بیابان کربلا

Гаштанди ҳалқаи лашкари афзӯни зи мору мӯр

گشتند حلقه لشکر افزون ز مار و مور

Хотами сифат ба гирди сулаймони Карбало

خاتم صفت به گرد سلیمان کربلا

Хӯн хӯрд теғи тез ки дар як нафас баранд

خون خورد تیغ تیز که در یک نفس براند

Обӣ ба ҳалқи ташнаи султони Карбало

آبی به حلق تشنة سلطان کربلا

Обӣ ки деву дади ҳама чун шер ме хуранд

آبی که دیو و دد همه چون شیر می‌خورند

Оли паямбар аз дам шамшер ме хуранд

آل پیمبر از دم شمشیر می‌خورند

Аз мавҷи гиряи киштии тоқат табоҳ шуд

از موج گریه کشتی طاقت تباه شد

Вази дӯди оҳи хонаи дилҳо сиёҳ шуд

وز دود آه خانة دل‌ها سیاه شد

То буд дар ҷигари нами хӯни вақф гиря шуд

تا بود در جگر نم خون وقف گریه شد

То буд дар даруни нафасии сарф оҳ шуд

تا بود در درون نفسی صرف آه شد

Зини ғам ки сурх шуд рухи шҳзодгон ба хӯн

زین غم که سرخ شد رخ شهزادگان به خون

Бояд сиёҳи пӯш чу бахт сиёҳ шуд

باید سیاه‌پوش چو بخت سیاه شد

Танҳо на гирди ғусса ба одам раседу бас

تنها نه گرد غصّه به آدم رسید و بس

Ин ғами ғубори оинаи меҳр ва моҳ шуд

این غم غبار آینة مهر و ماه شد

Пайғоми дард то бирасонад ба шарқу ғарб

پیغام درد تا برساند به شرق و غرب

Пайки сиришк ҳар тарафии рӯбаҳ роҳ шуд

پیک سرشک هر طرفی روبه‌راه شد

Айём тира шуд чу муҳаррам фаро расед

ایّام تیره شد چو محرّم فرا رسید

Ин моҳи доғи носиаҳи сол ва моҳ шуд

این ماه داغ ناصیة سال و ماه شد

Хуршед кард даъвии мотами расидагӣ

خورشید کرد دعوی ماتم رسیدگی

Ранги шикаста бар рухи равшан гувоҳ шуд

رنگ شکسته بر رخ روشن گواه شد

Ҳар кас ки гиря кард дарин маи зи сӯзи дил

هر کس که گریه کرد درین مه ز سوز دل

Ҷбрил шуд змон ки барӣ аз гуноҳ шуд

جبریل شد ضمان که بری از گناه شد

Фардо чу гул шукуфта шавад пеши Мустафо

فردا چو گل شکفته شود پیش مصطفی

Рӯе ки андарин даҳаи ҳамранг коҳ шуд

رویی که اندرین دهه همرنگ کاه شد

Дар гиря кӯш то битавонӣ ки дар хураст

در گریه کوش تا بتوانی که در خورست

Узри гуноҳи умри абад дида тараст

عذر گناهِ عمرِ ابد دیدة ترست

Фарёд аз дамӣ ки шаҳаншоҳи дайни паноҳ

فریاد از دمی که شهنشاه دین پناه

Дар бар силаҳи ҷанги фурӯзон чу барқи оҳ

در بر سلاح جنگ فروزان چو برق آه

Омад буруни зи хаймаи видоъ ҳарам намӯд

آمد برون ز خیمه وداع حرم نمود

Бо хайли дарду ҳасрат ва бо хайли ашку оҳ

با خیل درد و حسرت و با خیل اشک و آه

Бе иҳтимоми ҳазрат ӯ аҳли байти шаръ

بی‌اهتمام حضرت او اهل بیت شرع

Чун шаръ дар замонаи мо монда бе паноҳ

چون شرع در زمانة ما مانده بی‌پناه

Аз дӯди оҳи аҳл ҳарам шуд сиёҳи пӯш

از دود آه اهل حرم شد سیاه‌پوش

Чун хонаҳои аҳли ҳашами хаймаҳо сиёҳ

چون خانه‌های اهل حشم خیمه‌ها سیاه

Ин як нишаста дар гули ашк аз ҳуҷуми дард

این یک نشسته در گل اشک از هجوم درد

Он як фитода аз сари ҳасрат ба хоки роҳ

آن یک فتاده از سر حسرت به خاک راه

Ашки яке гузаштаи зи моҳии азин ситам

اشک یکی گذشته ز ماهی ازین ستم

Оҳи яке расидаи азин ғусса то ба моҳ

آه یکی رسیده ازین غصّه تا به ماه

Зини сӯии шаҳи зи хӯн ҷигар гашта сурх рӯй

زین سوی شه ز خون جگر گشته سرخ‌روی

Зони сӯии мондаи хасми сияҳи кори рӯсиёҳ

زآن سوی مانده خصم سیه‌کار روسیاه

Чашмӣ ба сӯии душману чашмӣ ба сӯии дӯст

چشمی به سوی دشمن و چشمی به سوی دوست

Пое ба раҳи ниҳодау пое ба боргоҳ

پایی به ره نهاده و پایی به بارگاه

Ғайрат кашида гӯшаи хотир ба дафъи хасм

غیرت کشیده گوشة خاطر به دفع خصم

Ҳайрати гирифтаи ин тарафаши домани нигоҳ

حیرت گرفته این طرفش دامن نگاه

Оташ рикоб гашта дар андешаи фикри ҷанг

آتش رکاب گشته در اندیشه فکر جنگ

Симоб ҷилва карда рагу решаи азми роҳ

سیماب جلوه کرده رگ و ریشه عزم راه

Поиши рикоби хоҳишу дасташи Аннани талаб

پایش رکاب خواهش و دستش عنان‌طلب

Тан дар кашокаши ҳараму дил ба ҳарби гоҳ

تن در کشاکش حرم و دل به حرب‌ گاه

Бигирифт домани шаҳи дайни бонӯии ҳарам

بگرفت دامن شه دین بانوی حرم

Фарёд баркашид ки эй шоҳи муҳтарам

فریاد برکشید که ای شاه محترم

Домани кашони чунин з бар мо чаҳ май рӯй !

دامن‌کشان چنین ز بر ما چه می‌روی!

Моро чунин гузошта танҳо чаҳ май рӯй !

ما را چنین گذاشته تنها چه می‌روی!

Бингар ки дар ғам ту фитодем дар чаҳ рӯз

بنگر که در غم تو فتادیم در چه روز

эй ғмгсори мӯниси шабҳо чаҳ май рӯй !

ای غمگسار مونس شب‌ها چه می‌روی!

Авлоди Фотимаи ҳамагӣ бе касанду зор

اولاد فاطمه همگی بی‌کسند و زار

эй нури дидаи дили Заҳро чаҳ май рӯй !

ای نور دیدة دل زهرا چه می‌روی!

Мо пои банди сад ғам ва дардем ҳар замон

ما پای‌بند صد غم و دردیم هر زمان

Пинҳон чаҳ май хиромӣу пайдо чаҳ май рӯй !

پنهان چه می‌خرامی و پیدا چه می‌روی!

Доне ки бе касем ва ғарибем ва оҷизем

دانی که بی‌کسیم و غریبیم و عاجزیم

Моро чунин фиканда ба саҳро чаҳ май рӯй !

ما را چنین فکنده به صحرا چه می‌روی!

Ту нохудои киштии шаръи паямбарӣ

تو ناخدای کشتی شرع پیمبری

Киштӣ дайн фиканда ба дарё чаҳ май рӯй !

کشتی دین فکنده به دریا چه می‌روی!

Дар пеши душманон ки фузунанд аз шумор

در پیش دشمنان که فزونند از شمار

Чун офтоби як тан танҳо май рӯй !

چون آفتاب یک تن تنها می‌روی!

Сад ҷону дил дар оташи фурқат кабоб шуд

صد جان و دل در آتش فرقت کباب شد

эй марҳами ҷароҳати дилҳо чаҳ май рӯй !

ای مرهم جراحت دل‌ها چه می‌روی!

эй ёдгори як чамани гул , дарин чаман

ای یادگار یک چمن گل، درین چمن

Аз пеши булбулони таманно чаҳ май рӯй !

از پیش بلبلان تمنّا چه می‌روی!

Дар дасти душманони ситами кори нобакор

در دست دشمنان ستم‌کار نابکار

Афтодаем бекас ва танҳо чаҳ май рӯй !

افتاده‌ایم بی‌کس و تنها چه می‌روی!

На муҳаррамӣ , на ғами хур ва на ёру ҳамдамӣ

نه محرمی، نه غم‌خور و نه یار و همدمی

Бечора мондаем худоро чаҳ май рӯй !

بیچاره مانده‌ایم خدا را چه می‌روی!

Он лаҳзаи гулбуни ғами оли набии шкФт

آن لحظه گلبن غم آل نبی شکفت

Он шоҳи рӯ ба ҷониб авлод кард ва гуфт

آن شاه رو به جانب اولاد کرد و گفت

К-эии аҳли байт : чун сӯии Ясриб гузар кунед

کای اهل بیت: چون سوی یثرب گذر کنید

Аввали гузар ба турбат хиролбшр кунед

اوّل گذر به تربت خیرالبشر کنید

Пайғоми ман бас аст бидон равзаи ин қадар

پیغام من بس است بدان روضه این‌قدر

Кин хокро ба ёди ман аз гиря тар кунед

کاین خاک را به یاد من از گریه تر کنید

Онгаҳ ба сӯии турбати Заҳрои раведи зор

آنگه به سوی تربت زهرا روید زار

Онҷо барои ман кафи хокӣ ба сар кунед

آنجا برای من کف خاکی به سر کنید

Вонгаҳи равед бар сари хоки бародарам

وآنگه روید بر سر خاک برادرم

Он серумаро ба нияти ман дар басар кунед

آن سرمه را به نیّت من در بصر کنید

Вонгаҳ ба оҳу нолаи ҷонсӯзи дили гусал

وآنگه به آه و نالة جانسوز دل گسل

Аҳбобро зи воқеаи ман хабар кунед

احباب را ز واقعة من خبر کنید

Гуед : кони ғариби диёри ҷафои ҳусайн

گویید: کان غریب دیار جفا حسین

Гардид кушта , чораи кор дигар кунед

گردید کشته، چارة کار دگر کنید

эй дӯстон ; чу номи лаби хушк ман бурид

ای دوستان؛ چو نام لب خشک من برید

Бар ёди ман зи хӯни ҷигари дида тар кунед

بر یاد من ز خون جگر دیده تر کنید

Ҳар гуҳ кунед ёди лаб чун ақиқи ман

هر گه کنید یاد لب چون عقیق من

Аз ашки дидаи домани худ пургуҳар кунед

از اشکِ دیده دامن خود پرگهر کنید

Ҳар сол чун ҳилол муҳаррам шавад падед

هر سال چون هلال محرم شود پدید

Бинишаста дар мусӣбати ман гиря сар кунед

بنشسته در مصیبت من گریه سر کنید

Ҳар мотамӣ ки то ба қиёмат фаро расад

هر ماتمی که تا به قیامت فرا رسد

Дар сабри он ба воқеаи ман назар кунед

در صبر آن به واقعة من نظر کنید

Дар меҳнати мусӣбати давру дарози ман

در محنت مصیبت دور و دراز من

Ҳар меҳнатӣ ки рӯй диҳад мухтасар кунед

هر محنتی که روی دهد مختصر کنید

Аз шеванӣ ки дар ҳарам онгаҳ баланд шуд

از شیونی که در حرم آنگه بلند شد

Дилҳои қудсёни ҳамагӣ дардманд шуд

دل‌های قدسیان همگی دردمند شد

Баъд аз видоъи кони шарафи хонадони ол

بعد از وداع کان شرف خاندان آل

Оҳанг роҳ кард сӯии маърази қаттол

آهنگ راه کرد سوی معرض قتال

Завқи шаҳодаташ ба сар афтод дар шитоб

ذوق شهادتش به سر افتاد در شتاب

Бо шавқ дар кашокаш ва бо сабр дар ҷидол

با شوق در کشاکش و با صبر در جدال

Андешаи лақои илоҳяш дар назар

اندیشة لقای الهیش در نظر

Тамҳиди подшоҳии ҷовид дар хаёл

تمهید پادشاهی جاوید در خیال

Дар бар кашида он тарафаши шавқи боби ваҷд

در بر کشیده آن طرفش شوق باب وجَدّ

Доман кашида ин тарафи андешаи аёл

دامن کشیده این طرف اندیشة عیال

Теғӣ чу барқ дар каф ва танҳо чу офтоб

تیغی چو برق در کف و تنها چو آفتاب

Чун теғи рӯ ниҳод бидон лашкари залол

چون تیغ رو نهاد بدان لشکر ضلال

Ногуҳи зхимаҳҳои ҳарами бештари зи ҳад

ناگه زخیمه‌های حرم بیشتر ز حدّ

Омад садои нолау афғон ба гӯши ҳол

آمد صدای ناله و افغان به گوش حال

Баргашти шоҳи дайн ва бипурсед ҳол чист ?

برگشت شاه دین و بپرسید حال چیست؟

Гуфтанд ногаҳон ки фалони Тифли хурдсол

گفتند ناگهان که فلان طفل خردسال

Аз қаҳт об гашта чу моҳӣ ба рӯй хок

از قحط آب گشته چو ماهی به روی خاک

Вази заъфи тишнагӣ шуда чун пайкари ҳилол

وز ضعف تشنگی شده چون پیکر هلال

Бигирист шоҳу бстдш аз дояи баъд аз он

بگریست شاه و بستدش از دایه بعد از آن

Оварад дар баробари он қавми бади фаъол

آورد در برابر آن قوم بد فعال

Гуфт : эй гуруҳи бдкнши ин Тифл бе гуноҳ

گفت: ای گروه بدکنش این طفل بی‌گناه

Аз тишнагӣ чу мӯ шуда , аз хастагӣ чу на?ил

از تشنگی چو مو شده، از خستگی چو نال

Обӣ ки кардаед ба ман бе сабаби ҳаром

آبی که کرده‌اید به من بی‌سبب حرام

Як қатра зон кунед бад-ӣн бе гунаҳи ҳалол

یک قطره زآن کنید بدین بی‌گنه حلال

Пас нокасе зи чашмаи пайкони хӯни чикон

پس ناکسی ز چشمة پیکان خون چکان

Обӣ ба ҳалқи ташна ӯ рехт бе гумон

آبی به حلق تشنة او ریخت بی‌گمان

Зон оташи ситам ки барафрӯхт рӯзгор

زان آتش ستم که برافروخت روزگار

Дилҳои халқи сӯхт чаҳ пинҳон чаҳ ошкор

دل‌های خلق سوخت چه پنهان چه آشکار

Афтод дар млоики ҳафт осмони хурӯш

افتاد در ملایک هفت آسمان خروش

Бигиристанд ҷину парии ҷумлаи зори зор

بگریستند جن و پری جمله زار زار

Шуд об бе қарори замини гири ҳамчуи кӯҳ

شد آبِ بی‌قرار زمین‌گیر همچو کوه

Шуд хоки пурсаботи сабки хез чун ғубор

شد خاکِ پرثبات سبک‌خیز چون غبار

Печидаи дӯд дар дили оташи азин ситам

پیچیده دود در دل آتش ازین ستم

Шуд боди хок бар сар ва шуд оби хоксор

شد باد خاک بر سر و شد آب خاکسار

Бархест гирд то баради ин қиссаро ба арш

برخاست گرد تا برد این قصّه را به عرش

Бархест бод то баради ин ғам ба ҳар диёр

برخاست باد تا برد این غم به هر دیار

Аз сайли гиряи хонаи афлокёни хароб

از سیلِ گریه خانة افلاکیان خراب

Вази неши нолаи синаи рӯҳонӣони фигор

وز نیش ناله سینة روحانیان فگار

Аз таънаи маломат рӯҳонӣон бсухт

از طعنة ملامت روحانیان بسوخت

Гӯии замин дар оташи ғайрати спндўор

گوی زمین در آتش غیرت سپندوار

Рӯҳонӣони поки азин ғусса хӯн шуданд

روحانیان پاک ازین غصّه خون شدند

Дилҳои дарднок чаҳ гӯям ки чун шуданд ?

دل‌های دردناک چه گویم که چون شدند؟

Бор дигар ки сарвари ҷони бахши дили ситон

بار دگر که سرور جان‌بخش دل‌ستان

Омад ба қасди ҳамлаи он қавм бе карон

آمد به قصد حملة آن قوم بی‌کران

Пӯшеди дръи Аҳмади мухтор дар бадан

پوشید درع احمد مختار در بدن

Барбаст теғи ҳайдари каррори бармеон

بربست تیغ حیدر کرّار برمیان

Дар бар зираи зи ҷаъфари тайёри ёдгор

در بر زره ز جعفر طیّار یادگار

Бар сари ъамома аз ҳасани Муҷтабои нишон

بر سر عمامه از حسن مجتبی نشان

Теғӣ чу барқи тунду самандӣ чу шуълаи чуст

تیغی چو برق تند و سمندی چو شعله چست

Бигрифта об дар кафу оташ ба зери рон

بگرفته آب در کف و آتش به زیر ران

Обӣ ба ранги шуълаи оташи забонаи дор

آبی به رنگ شعلة آتش زبانه‌دار

Аммо ба гоҳи ҳамлаи душмани забони мадон

امّا به گاه حملة دشمن زبان مدان

Шуд об ва дар рабӯди мрони мушти хору хас

شد آب و در ربود مرآن مشت خار و خس

Шуд оташ ва фитод дар он ҷамъи нокасон

شد آتش و فتاد در آن جمع ناکسان

Карда чу шуъла аз туфи синаи забони бурун

کرده چو شعله از تف سینه زبان برون

Взтшнгии ақиқ лаб оварда дар даҳон

وزتشنگی عقیق لب آورده در دهان

Гар об бастаанд аз он лаъли лаб чаҳ бок

گر آب بسته‌اند از آن لعل لب چه باک

Худ тишнагӣ ба лаъл чисон мекунад зиён !

خود تشنگی به لعل چسان می‌کند زیان!

Шуд ҷон ба тоб аз туфи ҷонсӯзи тишнагӣ

شد جان به تاب از تف جانسوز تشنگی

Хӯн шуд чу об аз бен ҳар тори мӯи равон

خون شد چو آب از بن هر تار مو روان

Афтод ҳамчуи партави хуршед бар замин

افتاد همچو پرتو خورشید بر زمین

Чун мӯӣ хеш гашта парешону нотавон

چون موی خویش گشته پریشان و ناتوان

Он дам чаро сипеҳри барин сарнигӯн нашуд !

آن دم چرا سپهر برین سرنگون نشد!

Венаи киштии ҳилол чаро ғарқ хӯн нашуд !

وین کشتی هلال چرا غرق خون نشد!

Бар хоки шоҳзода чу аз пушт зин фитод

بر خاک شاهزاده چو از پشت زین فتاد

Хуршеди осмони зи фалак бар замин фитод

خورشید آسمان ز فلک بر زمین فتاد

Саҳрои рози хори синон дар ҷигари шикаст

صحرای راز خار سنان در جگر شکست

Дарёии рози мавҷи гиреҳ бар ҷабин фитод

دریای راز موج گره بر جبین فتاد

Овози ноқа то фалак ҳафтумин расед

آواز ناقه تا فلک هفتمین رسید

Фарёди нола дар фалак ҳаштумин фитод

فریاد ناله در فلک هشتمین فتاد

Баргашти рӯзгор ва дигар гашти кору бор

برگشت روزگار و دگر گشت کار و بار

Шуд бар фалаки замину фалак бар замин фитод

شد بر فلک زمین و فلک بر زمین فتاد

Бунёди шаръро ҳамаи арқон хароб шуд

بنیاد شرع را همه ارکان خراب شد

Баси рахнаҳо ба хонаи дайн мубин фитод

بس رخنه‌ها به خانة دین مبین فتاد

Наздик шуд ки киштӣ имон шавад табоҳ

نزدیک شد که کشتی ایمان شود تباه

Аъзи бас ки изтироб ба дарёӣ дайн фитод

اعز بس که اضطراب به دریای دین فتاد

Сайлоби тунди шубҳа , чунон сар ба дили ниҳод

سیلابِ تند شبهه، چنان سر به دل نهاد

Каз изтироби рахна ба қаср яқин фитод

کز اضطراب رخنه به قصر یقین فتاد

Омад қиёматӣ ба назари аҳли байт ро

آمد قیامتی به نظر اهل بیت را

Чун чашм бар саманди шаҳаншоҳ дайн фитод

چون چشم بر سمند شهنشاه دین فتاد

Аз дида рикоб таровид хӯни дард

از دیدة رکاب تراوید خون درد

Дар турраи Аннани зи шикани чин ба чин фитод

در طرّة عنان ز شکن چین به چین فتاد

Ғавғои оми гиряи чунон бар сипеҳр рафт

غوغای عام گریه چنان بر سپهر رفت

Каз изтироби ларза ба арш барин фитод

کز اضطراب لرزه به عرش برین فتاد

Дар дашти Карбалои ҳама аз қатраҳои ашк

در دشت کربلا همه از قطره‌های اشک

То чашм кор кард ба лаъл ва нигин фитод

تا چشم کار کرد به لعل و نگین فتاد

Ҳар як зи аҳли байти набӣ бо забони ҳол

هر یک ز اهل بیت نبی با زبان حال

Гаштанди нағмаи санҷ ба мазмуни ин мақол

گشتند نغمه‌سنج به مضمون این مقال

Рафтӣу доғ бар дили пар ғам гузоштӣ

رفتی و داغ بر دل پر غم گذاشتی

Моро ба рӯзи тира мотам гузоштӣ

ما را به روز تیرة ماتم گذاشتی

Рафтӣ ту шод ва дар бар мо тири кавкабон

رفتی تو شاد و در بر ما تیر‌کوکبان

Як дил раҳо накардӣ ва сад ғам гузоштӣ

یک دل رها نکردی و صد غم گذاشتی

Рафтӣ зи солу ма чун шаби қадар дар ҳиҷоб

رفتی ز سال و مه چون شب قدر در حجاب

Венаи тирагӣ ба моҳ муҳаррам гузоштӣ

وین تیرگی به ماه محرّم گذاشتی

Рафтӣ чу офтоби азин тираи хокдон

رفتی چو آفتاب ازین تیره خاکدان

Рӯзи сияҳ ба мардум олам гузоштӣ

روز سیه به مردم عالم گذاشتی

Рафтӣ ту ҷониби падару ҷади муҳтарам

رفتی تو جانب پدر و جدّ محترم

Моро ғариб ва бекас ва пурғам гузоштӣ

ما را غریب و بی‌کس و پرغم گذاشتی

Рафтӣ зи баҳри ғуссаи деринаи барканор

رفتی ز بحر غصّة دیرینه برکنار

Моро ғариқи ашк дамодам гузоштӣ

ما را غریق اشک دمادم گذاشتی

Ҷину малики зи ҳиҷри ту дар гиряанду сӯз

جنّ و ملک ز هجر تو در گریه‌اند و سوز

Танҳо на доғ бар дил одам гузоштӣ

تنها نه داغ بر دل آدم گذاشتی

Рафтӣу рӯзгори ятемони хеш ро

رفتی و روزگار یتیمان خویش را

Чун мӯии хеши тира ва дарҳам гузоштӣ

چون موی خویش تیره و درهم گذاشتی

Моро ба дасти лашкари душмани ғарибу хор

ما را به دست لشکر دشمن غریب و خوار

Беғмгсору мӯнис ва ҳамдам гузоштӣ

بی‌غمگسار و مونس و همدم گذاشتی

Буд аҳли байтро ба ту дили хуши з ҳар ситам

بود اهل بیت را به تو دل خوش ز هر ستم

Хуш бар ҷароҳати ҳама марҳам гузоштӣ

خوش بر جراحت همه مرهم گذاشتی

Рӯҳи расӯл аз ғами ин ғусса хӯн гирист

روح رسول از غم این غصّه خون گریست

Ҷони батули зор чаҳ гӯям ки чун гирист

جان بتول زار چه گویم که چون گریست

Оҳ аз дамӣ ки Фотимаи фарзанди Мустафо

آه از دمی که فاطمه فرزند مصطفی

Он модари ҳусайну ҳасани сарвари нисо

آن مادر حسین و حسن سرور نسا

Бо ҷайби пораи пора ва бо ҷони чоки чок

با جیب پاره‌پاره و با جان چاک‌چاک

Дар мъҷри мусӣбат ва дар кисвати азо

در معجر مصیبت و در کسوت عزا

Ояд ба арсаи гоҳи қиёмат ба сад хурӯш

آید به عرصه‌گاه قیامت به صد خروش

Бар кафи шикастаи гавҳари дандони Мустафо

بر کف شکسته گوهر دندان مصطفی

Бар фарқи сар чу лола шудаи мавҷи зани зи хӯн

بر فرق سر چو لاله شده موج‌زن ز خون

Ъамома ба хӯн шудаи рангини Муртазо

عمامة به خون شده رنگین مرتضی

Аз дасти рости ҷомаи сабзи ҳасан ба дӯш

از دست راست جامة سبز حسن به دوش

Вази чапи либоси лаълии султони Карбало

وز چپ لباس لعلی سلطان کربلا

Ояд ба ваҳшатӣ ки фитад зилзила ба арш

آید به وحشتی که فتد زلزله به عرش

Ояд ба шӯришӣ ки дарди сафи анбиё

آید به شورشی که درد صفّ انبیا

Афғони гирифта аз сари азин шеваи шанеъ

افغان گرفته از سر ازین شیوه شنیع

Фарёд баркашида азин ҷурму моҷаро

فریاد برکشیده ازین جرم و ماجرا

Дар боргоҳи арши даройад ба додхост

در بارگاه عرش درآید به دادخواست

Бар дъўиши млоику ҷину парии гўо

بر دعویش ملایک و جنّ و پری گوا

Андохта ба қоимаи арши дасти сидқ

انداخته به قائمة عرش دست صدق

Зону зада ба маҳкамаи довари ҷазо

زانو زده به محکمة داور جزا

Ҷбрил музтариб шавад аз ҷурми ин амал

جبریل مضطرب شود از جرم این عمل

Ларзад ба худ паямбари азин феъли носазо

لرزد به خود پیمبر ازین فعل ناسزا

Он дами ҷазои ин амали зишт чун шавад !

آن دم جزای این عمل زشت چون شود!

Дар рӯзи ҳашари ҳосили ин кишт чун шавад !

در روز حشر حاصل این کشت چون شود!