Кайфиятӣ ки дидам аз он чашми ним маст
کیفیتی که دیدم از آن چشم نیم مست
Бо садҳазор ҷом наёрад касе ба даст
با صدهزار جام نیارد کسی به دست
Як ҷисми нотавони зи сари роҳ ӯ нхост
یک جسم ناتوان ز سر راه او نخاست
Як сайди ним ҷони зи камӣни гоҳ ӯ наҷуст
یک صید نیمجان ز کمینگاه او نجست
Кӯи он дилӣ ки наргиси фаттон ӯ набард
کو آن دلی که نرگس فتان او نبرد
Кӯи синае ки ханҷари мижгон ӯ нахуст
کو سینهای که خنجر مژگان او نخست
Ҷузи ёд ӯ умед буридам з ҳар чаҳ буд
جز یاد او امید بریدم ز هر چه بود
Ҷуз рӯй ӯ канора гирифтам з ҳар ки ҳаст
جز روی او کناره گرفتم ز هر که هست
Аз ман дуе мҷўӣ ки як байнам аз азал
از من دویی مجوی که یک بینم از ازل
Вази ман адаб махоҳ ки сармастам аз аласт
وز من ادب مخواه که سرمستم از الست
Миннати худоиро ки з ҳар сӯ ба рӯй ман
منت خدای را که ز هر سو به روی من
Дар боз шуд зи ҳиммати риндон май параст
در باز شد ز همت رندان میپرست
Бо ман магӯ ки баҳр чаҳ девона гашта Эй
با من مگو که بهر چه دیوانه گشتهای
Бо он парӣ бигӯӣ ки занҷир ман гусаст
با آن پری بگوی که زنجیر من گسست
Паҳлу занад ба шаҳи пари ҷбрили новакӣ
پهلو زند به شهپر جبریل ناوکی
Каз шаст ӯ раҳо шуд ва бар ҷон ман нишаст
کز شست او رها شد و بر جان من نشست
Зулфи гиреҳи гушои ту пайванд ман бурид
زلف گرهگشای تو پیوند من برید
Чашми дурусти кори ту паймони ман шикаст
چشم درستکار تو پیمان من شکست
Аз ҷаъди сари баланди ту як қавми дастгир
از جعد سر بلند تو یک قوم دستگیر
Вази анбарии каманди ту як ҷамъи пои баст
وز عنبری کمند تو یک جمع پای بست
Сарви баланд ман наниҳад пои Фрўғё
سرو بلند من ننهد پا فروغیا
Бар фарқи он касе ки нагардад чу хоки паст
بر فرق آن کسی که نگردد چو خاک پست