Нозами хаданги ғамзаи он дилпазир ро

نازم خدنگ غمزهٔ آن دل‌پذیر را

Кари вай гзир нест дили ногузир ро

کز وی گزیر نیست دل ناگزیر را

Моил касе ба шаҳи пари фавҷ фиришта нест

مایل کسی به شه‌پر فوج فرشته نیست

Чандон ки ман зи шасти дили ороми тир ро

چندان که من ز شست دل‌آرام تیر را

Манъами зи сайри сӯрати зебоӣ ӯ макун

منعم ز سیر صورت زیبای او مکن

Аз ҳолати гурусна хабар нест сайр ро

از حالت گرسنه خبر نیست سیر را

Вақте ба фикри ҳоли парешон фитода ам

وقتی به فکر حال پریشان فتاده‌ام

Каз даст додаам дилу чашму замир ро

کز دست داده‌ام دل و چشم و ضمیر را

Мақбули аҳл роз нагардад намози ман

مقبول اهل راز نگردد نماز من

Гар дар назар наёвардам он беназир ро

گر در نظر نیاوردم آن بی‌نظیر را

Фархундаи манзарӣ шудаи манзури чашми ман

فرخنده منظری شده منظور چشم من

Каз ҷилва мезанад раҳи чандини басир ро

کز جلوه میزند ره چندین بصیر را

Шуд гесувони силсилаи мӯеи каманди ман

شد گیسوان سلسله مویی کمند من

Каз ҳалқааш наҷот набошад асир ро

کز حلقه‌اش نجات نباشد اسیر را

То боди субҳ дам зад аз он зулфу хату хол

تا باد صبح دم زد از آن زلف و خط و خال

Оташ гирифт анбару авду абир ро

آتش گرفت عنبر و عود و عبیر را

Ҳар дил ки шуд ба гӯшаи чашми ваии ошно

هر دل که شد به گوشهٔ چشم وی آشنا

Як сӯи ниҳоди гӯши насиҳатпазир ро

یک سو نهاد گوش نصیحت پذیر را

Бӯсӣ намедиҳад ба фурӯғии магари лабаш

بوسی نمی‌دهد به فروغی مگر لبش

Бӯсидаи даргаи малики малики гир ро

بوسیده درگه ملک ملک گیر را

Зеби кулоҳу тахти Муҳамади шаҳи далер

زیب کلاه و تخت محمد شه دلیر

Кораст малику миллату тоҷу сарир ро

کار است ملک و ملت و تاج و سریر را

Хониш
ғзл шморҳ 13 — ъндлӣб