Имрӯз надорам ғами фардои қиёмат

امروز ندارم غم فردای قیامت

КоФрўхтаҳ рух омаду афрохтаи қомат

کافروخته رخ آمد و افراخته قامت

Дар кӯии вафои чора ба ҷуз додан ҷон нест

در کوی وفا چاره به جز دادن جان نیست

Яъне ки мҷу дар талабаши роҳи саломат

یعنی که مجو در طلبش راه سلامت

Тирии зи кмонхонаҳ абрӯаш нахурдам

تیری ز کمانخانه ابروش نخوردم

То сина накардам ҳадафи тири маломат

تا سینه نکردم هدف تیر ملامت

Фархунда мақомӣаст сари кӯии ту лекин

فرخنده مقامی است سر کوی تو لیکن

Аз рашк рақибон набӯд ҷои иқомат

از رشک رقیبان نبود جای اقامت

Чун даъвии хӯн бо ту кунам дар сафи маҳшар

چون دعوی خون با تو کنم در صف محشر

Каз маст муъаррабад натавон хости ғаромат

کز مست معربد نتوان خواست غرامت

То маҳшар агар хоки заминро бишкофанд

تا محشر اگر خاک زمین را بشکافند

Аз хӯни шаҳидон ту ёбанд аломат

از خون شهیدان تو یابند علامت

Бо ҳалқаи зуннори сари зулфи ту зоҳид

با حلقهٔ زنار سر زلف تو زاهد

Тасбеҳи зи ҳам бугсалад аз дасти надомат

تسبیح ز هم بگسلد از دست ندامت

Ман пайрави шайхӣ ки зи хосияти мастӣ

من پیرو شیخی که ز خاصیت مستی

Дар пой хам андохта дастори имомат

در پای خم انداخته دستار امامت

Кайфияти паймонагар инаст фурӯғӣ

کیفیت پیمانه گر این است فروغی

Чунаст сбўкш назанад лофи каромат

چون است سبوکش نزند لاف کرامت