То дилам дар хами он зулфи сияҳ ном афтод
تا دلم در خم آن زلف سیهنام افتاد
Чун ғарибӣаст ки дар кашмакаш шом афтод
چون غریبی است که در کشمکش شام افتاد
Сари нокомии дил бохтагон донистам
سر ناکامی دل باختگان دانستم
То маро кор бидон дилбар худком афтод
تا مرا کار بدان دلبر خودکام افتاد
Чаҳ кунам гар накунам пайравии боди сабо
چه کنم گر نکنم پیروی باد صبا
Ки миёни ман ва ӯ кор ба пайғом афтод
که میان من و او کار به پیغام افتاد
Назар аз равшании шамсу қамари пӯшедам
نظر از روشنی شمس و قمر پوشیدم
То нигоҳаш ба ман тира саранҷом афтод
تا نگاهش به من تیره سرانجام افتاد
Ҳама аз фитнаи айёми зи пои афтоданд
همه از فتنهٔ ایام ز پا افتادند
Фитнаи чашми сиёҳаши пай айём афтод
فتنهٔ چشم سیاهش پی ایام افتاد
Он ки ҳаргизи қадамӣ аз пай номӯс нарафт
آن که هرگز قدمی از پی ناموس نرفت
Бар сари кӯии харобот накӯном афтод
بر سر کوی خرابات نکونام افتاد
Ин ҳамаи бода ки мисатони сабу каш зада анд
این همه باده که مستان سبو کش زدهاند
Ҷуръааш буд ки аз лаъли ту дар ҷом афтод
جرعهاش بود که از لعل تو در جام افتاد
Рехт то доми сари зулфи ту бар донаи хол
ریخت تا دام سر زلف تو بر دانهٔ خال
намехӯрам ҳасрати мурғӣ ки дар ин дом афтод
میخورم حسرت مرغی که در این دام افتاد
Мигсорӣ ки лабу чашм ту бинад , донад
میگساری که لب و چشم تو بیند، داند
Ки чаро аз назарами шукр ва бодом афтод
که چرا از نظرم شکر و بادام افتاد
Номагар сӯхти зи таҳрири фурӯғӣ на аҷаб
نامه گر سوخت ز تحریر فروغی نه عجب
Ки зи тафсири ғамати шуъла дар ақлом афтод
که ز تفسیر غمت شعله در اقلام افتاد