Лаъли ту ба сари чашма замзам натавон дод
لعل تو به سر چشمهٔ زمزم نتوان داد
Ин меҳр худо дода ба хотам натавон дод
این مهر خدا داده به خاتم نتوان داد
Ушшоқи туро заҷр паёпай натавон кард
عشاق تو را زجر پیاپی نتوان کرد
Мисатони туро ҷом дамодам натавон дод
مستان تو را جام دمادم نتوان داد
Бар чашм ту натавон назар аз айн ҳавас кард
بر چشم تو نتوان نظر از عین هوس کرد
Оҳӯии ҳарамро ба хато Ром натавон дод
آهوی حرم را به خطا رم نتوان داد
Ҳар каси хами абрӯии туро дид ба дил гуфт
هر کس خم ابروی تو را دید به دل گفت
Дар ҳеҷ камоне ба аз ин хам натавон дод
در هیچ کمانی به از این خم نتوان داد
Нақди дилу дайн бар сари савдои ту додем
نقد دل و دین بر سر سودای تو دادیم
Ҷинсӣаст муҳаббат ки ҷӯй кам натавон дод
جنسی است محبت که جوی کم نتوان داد
Моиему ҷаҳонӣ ки ба хотир натавон гуфт
ماییم و جهانی که به خاطر نتوان گفت
Моиему паёмӣ ки ба муҳаррам натавон дод
ماییم و پیامی که به محرم نتوان داد
Сиррӣ ки миёни ман ва мегаван лаб соқӣ аст
سری که میان من و میگون لب ساقی است
Кайфияти онро ба ду олам натавон дод
کیفیت آن را به دو عالم نتوان داد
Ҷонони марои бор худо дода зи раҳмат
جانان مرا بار خدا داده ز رحمت
Ҷисмӣ ки ба сад ҷон макрам натавон дод
جسمی که به صد جان مکرم نتوان داد
Он муъҷиза каз лаъли ту дидаи сети фурӯғӣ
آن معجزه کز لعل تو دیدهست فروغی
Ҳаргиз ба дами исо Марям натавон дод
هرگز به دم عیسی مریم نتوان داد